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पंचायत चुनाव में इस बार जिले में अनुसूचित जनजाति का नहीं होगा कोई प्रधान, छतोह ब्लॉक की आरक्षण प्रक्रिया में संशोधन

Tue, 23 Feb 2021 10:29 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 10:29 PM IST
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रायबरेली। जिले में इस बार भी अनुसूचित जनजाति के लिए प्रधान पद की कोई सीट आरक्षित नहीं होगी। शासन स्तर से आरक्षित सीटों की सूची में संशोधन कर दिया है। पहले जारी सूची में छतोह ब्लॉक क्षेत्र में प्रधान पद की दो सीटों को अनुसूचित जनजाति को देने के आदेश दिए गए थे।
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हालांकि संशोधित आदेश आने के बाद सभी ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पूर्व के चुनावों में खीरों क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति के लिए प्रधान के पद आरक्षित होने के कारण पूरे पंचवर्षीय प्रधान पद का चुनाव नहीं हो पाया था।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्यों के पदों के आरक्षण की प्रस्तावित सूची दो मार्च तक जारी होगी। इसके लिए सीटों के आरक्षण का काम शुरू हो गया है। जिले की 988 ग्राम पंचायतों में शासन स्तर से दो सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कर दिया था। दोनों ही सीटें छतोह ब्लॉक को दी गईं थीं। चूंकि अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या काफी कम होने और प्रशासन की ओर से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी न हो पाने के कारण इन सीटों पर चुनाव प्रभावित होने की आशंका थी।
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शासन ने मंगलवार को आरक्षित सीटों की संशोधित सूची जारी कर दी है। छतोह ब्लॉक के हिस्से में दी गई अनुसूचित जनजाति की दोनों ही सीटों को हटा दिया गया है। इसमें एक सीट महिला के लिए आरक्षित करने के साथ ही छतोह ब्लॉक में ही अनारक्षित कर दी गईं हैं। आरक्षित सीटों की संशोधित सूची जाने के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। उधर, सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा कराने का काम तेजी से चल रहा है।
खीरों की दो पंचायतों में पांच-पांच साल नहीं चुने गए प्रधान
वर्ष 2005 और वर्ष 2010 में खीरों ब्लॉकों में प्रधान पद की एक-एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण पांच-पांच साल दोनों ही पंचायतों में प्रधान पद का चुनाव नहीं हो पाया था। वर्ष 2005 के चुनाव में मेड़ौली और वर्ष 2010 के चुनाव में सेमरी को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया था। अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र किसी को न मिलने के कारण प्रधान पद के लिए नामांकन तक नहीं हो पाया था। त्रिस्तरीय समितियों के माध्यम से पांच-पांच साल ग्राम पंचायतों में विकास कार्य करवाना पड़ा था।

ब्लॉकवार प्रधान पद के सीटों का आरक्षण
ब्लॉक अनुसूचित जाति पिछड़ी जाति महिला
अमावां 13 14 09
बछरावां 14 14 08
छतोह 11 11 07
डलमऊ 18 20 13
दीनशाह गौरा 11 11 07
डीह 10 10 06
हरचंदपुर 14 15 09
जगतपुर 10 10 05
खीरों 14 16 09
लालगंज 14 15 09
महराजगंज 13 14 08
राही 17 19 12
रोहनियां 07 07 03
सलोन 20 23 14
सरेनी 19 21 13
सतांव 12 13 08
शिवगढ़ 11 11 07
ऊंचाहार 13 14 08
कुल 241 258 155
::::::::
988 प्रधानों में 334 पद अनारक्षित
जाति वर्ष 2021
अनुसूचित जाति 153
अनुसूचित जाति महिला 88
पिछड़ा वर्ग 165
पिछड़ी जाति महिला 93
महिला 155
अनारक्षित 334
कुल पंचायतें 988
निदेशालय से आरक्षित सीटों की संशोधित सूची आ गई है। छतोह ब्लॉक को दी गई अनुसूचित जनजाति की सीटों को हटा दिया गया है। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और प्रधान पदों के लिए आरक्षण का काम शुरू करवा दिया गया है।
राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ
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