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500 के नोट लेकर भटक रहे लोग, झगड़े

Fri, 25 Nov 2016 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली Updated Fri, 25 Nov 2016 11:11 PM IST
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people astray with 500 rupee, fights
500 के नोट लेकर भटक रहे लोग - फोटो : अमर उजाला
पुराने नोट के चलन का समय भले ही बढ़ा दिया गया हो, लेकिन जनता को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। 500 और एक हजार के पुराने नोट लेकर लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। हालात ये हैं कि रोडवेज बसों पर सफर करने के दौरान परिचालकों और यात्रियों के बीच रुपये छुट्टा कराने को लेकर कहासुनी तक हो रही है।
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कमोवेश यही स्थिति हर जगह देखी जा रही है। नोटबंदी के बाद अभी आम आदमी की दुश्वारियां जल्द दूर होती नहीं दिख रही हैं। इससे लोग हलकान हैं। यह बताने के लिए कि केंद्र सरकार के निर्णय का जिले में किस कदर पालन हो रहा है निमभन पांच केस काफी हैं। 
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केस एकः पुराने नोट को लेकर बसों में होती चिकचिक- रोडवेज की बस में पांच सौ का नोट न लिए जाने से अमेठी जिले के जगदीशपुर से रायबरेली आए संघमित्र को काफी परेशानी हुई। यात्री के मुताबिक परिचालक ने आदेश न होने की बात कहकर पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया। यही नहीं कई यात्रियों से तो परिचालक का झगड़ा भी हुआ, लेकिन परिचालक ने उनकी नोट नहीं ली। यात्रियों ने फुटकर दिए तभी उनका टिकट बनाया गया।
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केस दोः परेशानी हुई पर नोटबंदी का निर्णय सही- बरगद चौराहा निवासी आकाश श्रीवास्तव ने नोटबंदी के निर्णय की सराहना की। कहा कि रेलवे में इसका पालन भी हो रहा है। उन्होंने लखनऊ का टिकट लेने के लिए पांच सौ का पुराना नोट दिया था। इसे बिना किसी विरोध के काउंटर पर ले लिया गया और  क्लर्क ने पूरे रुपये भी वापस किए। आकाश ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन इससे फायदा भी काफी होगा।

केस तीनः पांच सौ का नोट देखकर नहीं दी गैस- आनंद नगर स्थित एक पार्क में एक गैस एजेंसी के सिलेंडर बाटे जाते हैं। तेलिया कोट से सानू अपने घर के लिए गैस लेने आया था, लेकिन उसके हाथ मायूसी लगी। सानू का कहना है कि पांच सौ का नोट देखते ही एजेंसी के कर्मचारी ने उसे वापस कर दिया। गैस न होने की वजह से घर में सुबह का खाना नहीं बना। सुबह तो बाहर से लाकर घर वालों को नास्ता करा दिया, अब रात के खाने की फिक्र हो रही है। 

केस चार-कहां ले जाएं खून पसीने की कमाई- फोन का बिल जमा करने आए जगदीशपुर के डीपी सिंह और डलमऊ के आशीष कुमार ने पुराने नोटों के चलन के आदेश का पालन न होने पर नाराजगी जताई। दोनों लोग बिल जमा करने के लिए बीएसएनएल दफ्तर आए थे। ग्राहकों ने कहा कि खून पसीने की कमाई के ये पुराने नोट लेकर कहां जाएं। न तो बिल जमा हो रहा है और न ही गैस मिल रही हैं। इस पर सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए। 


केस पांचः कड़ाई के साथ हो आदेश का पालन- इंदिरा नगर स्थित एक मोबाइल की दुकान में प्री पेड के रिचार्ज में पांच सौ का नोट न लिए जाने पर मोबाइल धारक अनुज कुमार ने नाराजगी जताई। अनुज ने कहा कि अखबारों में पढ़ा था कि प्रेड फोन के रिचार्ज में बंद किए गए नोट लिए जाएंगे। न्यूज पढ़ कर ही पांच सौ का पुराना नोट लेकर दुकान पर गया था, लेकिन दुकानदार ने लौटा दिया। सरकार आदेश पर कड़ाई के साथ पालन नहीं करा पा रही है।
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