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Raebareli News: मरीजों को बाजार से खरीदना पड़ रही दवाएं
Sat, 22 Nov 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 22 Nov 2025 01:03 AM IST
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रायबरेली। जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा मरीजों को बाहर की महंगी ब्रांडेड दवाएं लिखने पर रोक नहीं लग पा रही है। हालांकि अस्पताल परिसर में अस्पताल में जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध होने और बाजार की दवा न लिखने की सूचना चस्पा है। इसके बाद भी ओपीडी में चिकित्सक बेखौफ होकर मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे हैं।
हड्डी रोग, मेडिसिन, बाल रोग सहित अन्य विभागों में मरीजों को शुक्रवार को भी बाहर की महंगी दवाएं लिखी गईं। डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की लगातार चेतावनी के बाद भी बाहर की दवा लिखने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा। शुक्रवार को दीपेंद्र कुमार ओपीडी में चिकित्सीय सलाह लेने के लिए आए थे। चिकित्सक ने मरीज को बाजार की दवा खरीदने के लिए परची थमा दी। मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर मरीज ने 705 रुपये की दवा खरीदी। इसी तरह एक किशोरी को भी बाजार की सिरप व दवाओं की परची थमा दी गई। बताते हैं कि लखनऊ के दवा सप्लायरों से सेटिंग होने के कारण चिकित्सक गोरखधंधे से उबर नहीं पा रहे हैं। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि बाहर की दवा लिखने वाले चिकित्सकों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा। (संवाद)
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हड्डी रोग, मेडिसिन, बाल रोग सहित अन्य विभागों में मरीजों को शुक्रवार को भी बाहर की महंगी दवाएं लिखी गईं। डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की लगातार चेतावनी के बाद भी बाहर की दवा लिखने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा। शुक्रवार को दीपेंद्र कुमार ओपीडी में चिकित्सीय सलाह लेने के लिए आए थे। चिकित्सक ने मरीज को बाजार की दवा खरीदने के लिए परची थमा दी। मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर मरीज ने 705 रुपये की दवा खरीदी। इसी तरह एक किशोरी को भी बाजार की सिरप व दवाओं की परची थमा दी गई। बताते हैं कि लखनऊ के दवा सप्लायरों से सेटिंग होने के कारण चिकित्सक गोरखधंधे से उबर नहीं पा रहे हैं। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि बाहर की दवा लिखने वाले चिकित्सकों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा। (संवाद)
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