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महिलाओं के लिए आरक्षित 52 सीटें, 73 पर हुई जीत
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रायबरेली। अमेठी जिले में बहादुरपुर, तिलोई और सिंहपुर विकास क्षेत्रों में ग्राम प्रधान के 151 पदों में 73 सीटों पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है। यानी कि तीनों विकास क्षेत्रों के ज्यादातर गांवों की बागडोर आधी आबादी के हाथों में रहेगी।
तीनों विकास क्षेत्रों में महिलाओं के लिए 52 पद आरक्षित थे, लेकिन इससे कहीं ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर महिलाओं ने अपनी काबिलियत का परिचय दिया है।
बहादुरपुर, सिंहपुर और तिलोई विकास क्षेत्रों में ग्राम प्रधान के 151 पद हैं, जिनमें से 73 सीटों पर महिलाएं और 78 सीटों पर पुरुषों ने जीत दर्ज की है। सिंहपुर में 20, बहादुरपुर में 12 और सिंहपुर में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे।
जबकि सिंहपुर में 29, बहादुरपुर में 14 एवं तिलोई में 30 सीटों पर महिलाएं चुनी गईं हैं। सिंहपुर और तिलोई ब्लॉकों में जीतने वाले प्रधानों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही या फिर पुरुषों के बराबर जीत हासिल की है।
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बहादुरपुर विकास क्षेत्र में पुरुषों की अपेक्षा जीतने वाली महिलाओं की संख्या कम रही। तीनों ब्लॉक क्षेत्रों की लगभग आधी सीटों पर मतदाताओं ने महिलाओं को जिताकर गांव की सरकार चलाने का जिम्मा सौंपा है।
ज्यादातर महिला प्रधान शिक्षित
प्राइमरी, जूनियर, हाईस्कूल या इंटर ही नहीं, बल्कि स्नातक और परास्नातक उत्तीर्ण महिलाएं भी ग्राम प्रधान निर्वाचित हुईं हैं। पढ़ी-लिखी महिलाओं के सक्रिय राजनीति में बढ़ते कदम यह साबित करते हैं कि वे घर-गृहस्थी के साथ ही गांव की सरकार चलाने में भी पूरी तरह सक्षम हैं।
सिंहपुर विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत जिजौली से रूबी देवी चुनाव जीती हैं, जिन्होंने परास्नातक की पढ़ाई की है। इसके अलावा सिंहपुर विकास क्षेत्र से ही ग्राम पंचायत अंगूरी में प्रेरणा मिश्र, इन्हौना में अमरीन, तिलोई विकास क्षेत्र से ग्राम पंचायत मेढ़ौना में अपूर्वा सिंह, रमई में अंकिता सिंह प्रधान बनी है। ये सभी स्नातक उत्तीर्ण हैं। इसके अलावा ज्यादातर महिला ग्राम प्रधानों की शिक्षा प्राइमरी से लेकर इंटर तक है।
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तीनों विकास क्षेत्रों में महिलाओं के लिए 52 पद आरक्षित थे, लेकिन इससे कहीं ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर महिलाओं ने अपनी काबिलियत का परिचय दिया है।
बहादुरपुर, सिंहपुर और तिलोई विकास क्षेत्रों में ग्राम प्रधान के 151 पद हैं, जिनमें से 73 सीटों पर महिलाएं और 78 सीटों पर पुरुषों ने जीत दर्ज की है। सिंहपुर में 20, बहादुरपुर में 12 और सिंहपुर में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे।
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जबकि सिंहपुर में 29, बहादुरपुर में 14 एवं तिलोई में 30 सीटों पर महिलाएं चुनी गईं हैं। सिंहपुर और तिलोई ब्लॉकों में जीतने वाले प्रधानों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही या फिर पुरुषों के बराबर जीत हासिल की है।
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बहादुरपुर विकास क्षेत्र में पुरुषों की अपेक्षा जीतने वाली महिलाओं की संख्या कम रही। तीनों ब्लॉक क्षेत्रों की लगभग आधी सीटों पर मतदाताओं ने महिलाओं को जिताकर गांव की सरकार चलाने का जिम्मा सौंपा है।
ज्यादातर महिला प्रधान शिक्षित
प्राइमरी, जूनियर, हाईस्कूल या इंटर ही नहीं, बल्कि स्नातक और परास्नातक उत्तीर्ण महिलाएं भी ग्राम प्रधान निर्वाचित हुईं हैं। पढ़ी-लिखी महिलाओं के सक्रिय राजनीति में बढ़ते कदम यह साबित करते हैं कि वे घर-गृहस्थी के साथ ही गांव की सरकार चलाने में भी पूरी तरह सक्षम हैं।
सिंहपुर विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत जिजौली से रूबी देवी चुनाव जीती हैं, जिन्होंने परास्नातक की पढ़ाई की है। इसके अलावा सिंहपुर विकास क्षेत्र से ही ग्राम पंचायत अंगूरी में प्रेरणा मिश्र, इन्हौना में अमरीन, तिलोई विकास क्षेत्र से ग्राम पंचायत मेढ़ौना में अपूर्वा सिंह, रमई में अंकिता सिंह प्रधान बनी है। ये सभी स्नातक उत्तीर्ण हैं। इसके अलावा ज्यादातर महिला ग्राम प्रधानों की शिक्षा प्राइमरी से लेकर इंटर तक है।