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बिजली नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगा किया प्रदर्शन
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2015 11:44 PM IST
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कहा कि लोकसभा चुनाव में भी मतदान का बहिष्कार किया गया, लेकिन पावर कार्पोरेशन के अधिकारी गांव आकर आपूर्ति शुरू कराने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति चालू नहीं कराई जा रही है।
ग्रामीण परीदीन, राजकुमार, राममनोहर, गयादीन, रामप्यारी, राजकुमारी, सूरसता ने बताया कि 2002 में गांव में 11 हजार केवीए की लाइन बिछाई गई थी।
ट्रांसफार्मर भी लगाया गया, लेकिन दूसरे ही दिन आंधी-पानी आने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। तब से आज तक लाइन ठीक नहीं कराई गई। 2005 में आधे गांव का विद्युतीकरण कराया गया। बाकी को छोड़ दिया गया।
विनोद कुमार, मुकेश ने बताया कि इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोकसभा चुनाव में भी मतदान का बहिष्कार किया गया। इस पर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी गांव पहुंचे थे।
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लाइन को ठीक कराकर आपूर्ति कराने का भरोसा दिया था, लेकिन चुनाव होने के बाद कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पंचायत चुनाव के पहले गांव की बिजली ठीक नहीं कराई गई तो मतदान नहीं किया जाएगा। आश्चर्य इस बात का है कि जेई शंभूनाथ ने मामले की जानकारी से ही इंकार किया है। इससे विभागीय कार्यशैली का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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ग्रामीण परीदीन, राजकुमार, राममनोहर, गयादीन, रामप्यारी, राजकुमारी, सूरसता ने बताया कि 2002 में गांव में 11 हजार केवीए की लाइन बिछाई गई थी।
ट्रांसफार्मर भी लगाया गया, लेकिन दूसरे ही दिन आंधी-पानी आने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। तब से आज तक लाइन ठीक नहीं कराई गई। 2005 में आधे गांव का विद्युतीकरण कराया गया। बाकी को छोड़ दिया गया।
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विनोद कुमार, मुकेश ने बताया कि इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोकसभा चुनाव में भी मतदान का बहिष्कार किया गया। इस पर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी गांव पहुंचे थे।
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लाइन को ठीक कराकर आपूर्ति कराने का भरोसा दिया था, लेकिन चुनाव होने के बाद कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पंचायत चुनाव के पहले गांव की बिजली ठीक नहीं कराई गई तो मतदान नहीं किया जाएगा। आश्चर्य इस बात का है कि जेई शंभूनाथ ने मामले की जानकारी से ही इंकार किया है। इससे विभागीय कार्यशैली का अंदाजा लगाया जा सकता है।