बैंकों में न स्टाफ बढ़ा न काउंटर
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किसी बैंक में दो तो किसी बैंक में आठ अतिरिक्त काउंटर लगा दिए गए, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण काउंटर महज शोपीस बने हुए हैं। नोटबंदी को 21 दिन हो चुके हैं पर बैंक की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
लोगों की सहूलियत को देखते हुए स्टाफ तक नहीं बढ़ाया गया। कुछ बैंकों में शुरुआत में काउंटर बढ़ाए गए जो कुछ दिन बाद ही बंद कर दिए। कैश की कमी के चलते लाइन में खड़े लोग शाम होते ही लौटा दिये जाते हैं। जो दूसरे दिन फिर बैंक लाइन लगा लेते हैं।
हाथी पार्क स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में रुपया निकालने और जमा करने के लिए खाताधारकों की लाइन लगी रही। यहां पर नोटबंदी के बाद दो काउंटर बढ़ाए गए। कहने के लिए तो यहां अब पांच काउंटर हैं, लेकिन चलते केवल तीन ही हैं।
इससे खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाखा प्रबंधक एपी गुप्ता ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते समस्याएं आ रही हैं। नोटबंदी के बाद दो अतिरिक्त काउंटर बढ़ाए गए हैं।
सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक धाताधारकों से भरा था। महिलाओं और पुरुषों दो काउंटरों पर लाइनें लगी रही। यहां पर नोटबंदी के बाद आठ अतिरिक्त काउंटर बढ़ाए गए, लेकिन मंगलवार को इसमें तीन काउंटर बंद रहे।
शाखा प्रबंधक ने बताया कि स्टाफ की कमी है। अन्य कर्मचारियों को काउंटर पर बैठाकर काम लिया जाता है। सबसे बड़ी समस्या कैश की होती है। शाम तक कैश खत्म हो जाता है।चौहान मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक में अव्यवस्थाओं का बोल बाला है। यहां पर दोपहर बाद नोट खत्म हो गए।
ऐसे में भुगतान के लिए लाइन में खाताधारकों को 10 रुपये के सिक्के थमाए गए। यहां पर कहने को दो अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं, लेकिन केवल तीन काउंटर पर ही कामकाज होता दिखा। धन निकासी और जमा करने के लिए खाताधारकों की लंबी भीड़ लगी रही।
हाथ पार्क स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में रुपया निकालने आए भुएमऊ निवासी शिव प्रसाद ने बताया कि बैंक खाताधारकों के लिए कोई सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई है। गेहूं की बोआई करने के लिए दो दिन से बैंक आ रहे हैं। लाइन में लगने के बाद जब नंबर आता बताया जाता है कि रुपया खत्म हो गया है।
इसी तरह स्टेट बैंक में रुपया निकालने आई शहर की मिथलेश गुप्ता, ज्योति ने बताया कि दो दिन से बैंक आ रही हूं पर रुपया निकालने के लिए दौड़ाया जा रहा है। कहने को यहां काउंटर बढ़ाए गए हैं, लेकिन आए दिन यह काउंटर बंद रहते हैं।
इसी तरह घटाकर निवासी शौकत अली ने बताया कि बैंक में दो दिन से रुपया निकालना है। दोपहर तक लाइन में लगने के बाद बताया कि नोट समाप्त हो गए। सिक्के थमाए जा रहे हैं। उसे 20 हजार रुपये निकालना है। उसने सिक्के लेने से इंकार कर दिया।