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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू, 18.91 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2016 11:14 PM IST
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम मंगलवार से लागू हो गया। इसके
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दायरे में आने वाले तीन लाख 97 हजार 684 पात्र गृहस्थी के 18 लाख 91 हजार
351 पात्र यूनिट को को दो रुपये प्रतिकिलो की दर से गेहूं और तीन रुपये
प्रतिकिलो की दर से चावल दिया जाएगा।
अभी तक इस दर पर सिर्फ अंत्योदय परिवार को ही अनाज मिलता था। बीपीएल और एपीएल वालों को अधिक कीमत चुकानी होती थी। इस कानून के तहत प्रतिमाह प्रति व्यक्ति तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाएगा। इसके वितरण को लेकर डीएम ने जिला आपूर्ति अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
वितरण व्यवस्था कहीं कोई खामी न हो, इसके लिए जिला मुख्यालय समेत सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम खोल दिए गए हैं। इसमें कोई व्यक्ति अनाज संबंधी जानकारी हासिल कर सकता है। साथ ही योजना का लाभ न मिलने पर इसकी शिकायत भी कर सकता है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को सस्ते दर में अनाज दिया जाना है। ग्रामीण अंचल में कुल आबादी का 79.56 प्रतिशत और नगरीय क्षेत्र में 64.43 प्रतिशत लोगों को योजना में शामिल किया गया है। जिले की कुल आबादी 29 लाख तीन हजार 507 है।
इसमें से तीन लाख 97 हजार 684 पात्र गृहस्थी के 18 लाख 91 हजार 351 पात्र यूनिट को अनाज वितरित किया जाएगा। डीएसओ के निर्देश पर सभी आपूर्ति निरीक्षकों को 4 मार्च तक कोटेदारों के स्टॉक सत्यापन का निर्देश दिया गया है। 5 मार्च से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर वितरण प्रारंभ हो जाएगा।
जिला आपूर्ति विभाग की ओर से पात्र यूनिट को वितरण के लिए 50584.77 क्विंटल गेहूं और 21679.19 क्विंटल चावल आवंटित किया गया है। सभी पात्रों को दो रुपये प्रति किग्रा गेहूं और तीन रुपये में चावल दिया जाएगा। योजना के लागू होने से गरीबों के अनाज में कालाबाजारी पर अंकुश लगने की संभावना बढ़ गई है।
योजना के तहत आयकर दाता और वाहन मालिकों को शामिल नहीं किया गया है। इसी तरह एसी, पांच एकड़ कृषि भूमि धारक, शस्त्र लाइसेंस रखने वालों को योजना वंचित होना पड़ेगा। नगरीय क्षेत्र में तीन लाख और ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख से अधिक आय वालों को योजना से बाहर किया गया है।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने योजना में पारदर्शिता लाने के लिए जिला आपूर्ति विभाग को सक्रियता बरतने के निर्देश दिए हैं। पात्र लोगों के आधार कार्ड के साथ ही कोटेदारों के मोबाइल नंबर भी मांगें गए हैं। इससे विभागीय अफसरों के होश उड़े हैं। वहीं जिला आपूर्ति विभाग की ओर से सभी आपूर्ति निरीक्षकों से मोबाइल नंबर अंकित कराने के निदेश जारी किए गए हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने बताया कि जिले में एनएफएसए लागू हो गया है। पात्रों की सूची तैयार कर ली गई है। जिले के 1022 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर अनाज का वितरण होना है। इसके लिए पर्यवेक्षणीय अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
साथ ही क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षकों को औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई पात्र व्यक्ति छूट जाता है, तो वह एनएफए का फॉर्म जमा कर सकता है। कंट्रोल रूम खोल दिए गए हैं। किसी को योजना का लाभ न मिले तो वह कंट्रोल रूम में शिकायत कर सकता है।
अभी तक इस दर पर सिर्फ अंत्योदय परिवार को ही अनाज मिलता था। बीपीएल और एपीएल वालों को अधिक कीमत चुकानी होती थी। इस कानून के तहत प्रतिमाह प्रति व्यक्ति तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाएगा। इसके वितरण को लेकर डीएम ने जिला आपूर्ति अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
वितरण व्यवस्था कहीं कोई खामी न हो, इसके लिए जिला मुख्यालय समेत सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम खोल दिए गए हैं। इसमें कोई व्यक्ति अनाज संबंधी जानकारी हासिल कर सकता है। साथ ही योजना का लाभ न मिलने पर इसकी शिकायत भी कर सकता है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को सस्ते दर में अनाज दिया जाना है। ग्रामीण अंचल में कुल आबादी का 79.56 प्रतिशत और नगरीय क्षेत्र में 64.43 प्रतिशत लोगों को योजना में शामिल किया गया है। जिले की कुल आबादी 29 लाख तीन हजार 507 है।
इसमें से तीन लाख 97 हजार 684 पात्र गृहस्थी के 18 लाख 91 हजार 351 पात्र यूनिट को अनाज वितरित किया जाएगा। डीएसओ के निर्देश पर सभी आपूर्ति निरीक्षकों को 4 मार्च तक कोटेदारों के स्टॉक सत्यापन का निर्देश दिया गया है। 5 मार्च से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर वितरण प्रारंभ हो जाएगा।
जिला आपूर्ति विभाग की ओर से पात्र यूनिट को वितरण के लिए 50584.77 क्विंटल गेहूं और 21679.19 क्विंटल चावल आवंटित किया गया है। सभी पात्रों को दो रुपये प्रति किग्रा गेहूं और तीन रुपये में चावल दिया जाएगा। योजना के लागू होने से गरीबों के अनाज में कालाबाजारी पर अंकुश लगने की संभावना बढ़ गई है।
योजना के तहत आयकर दाता और वाहन मालिकों को शामिल नहीं किया गया है। इसी तरह एसी, पांच एकड़ कृषि भूमि धारक, शस्त्र लाइसेंस रखने वालों को योजना वंचित होना पड़ेगा। नगरीय क्षेत्र में तीन लाख और ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख से अधिक आय वालों को योजना से बाहर किया गया है।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने योजना में पारदर्शिता लाने के लिए जिला आपूर्ति विभाग को सक्रियता बरतने के निर्देश दिए हैं। पात्र लोगों के आधार कार्ड के साथ ही कोटेदारों के मोबाइल नंबर भी मांगें गए हैं। इससे विभागीय अफसरों के होश उड़े हैं। वहीं जिला आपूर्ति विभाग की ओर से सभी आपूर्ति निरीक्षकों से मोबाइल नंबर अंकित कराने के निदेश जारी किए गए हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने बताया कि जिले में एनएफएसए लागू हो गया है। पात्रों की सूची तैयार कर ली गई है। जिले के 1022 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर अनाज का वितरण होना है। इसके लिए पर्यवेक्षणीय अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
साथ ही क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षकों को औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई पात्र व्यक्ति छूट जाता है, तो वह एनएफए का फॉर्म जमा कर सकता है। कंट्रोल रूम खोल दिए गए हैं। किसी को योजना का लाभ न मिले तो वह कंट्रोल रूम में शिकायत कर सकता है।