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एमएलसी चुनाव में 43 फीसदी महिला वोटरों पर टिकी आस
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रायबरेली। विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के चुनाव में भाजपा और सपा उम्मीदवार में सीधी टक्कर दिख रही है। वोटरों को अपने पक्ष में करने का प्रयास तेज हो गया है, लेकिन तकरीबन 43 फीसदी महिला वोटर धुरंधरों की गणित बिगाड़ सकती हैं। महिला वोटरों के आशीर्वाद के बिना सफलता मिलना संभव नहीं लग रहा है। इसी कारण प्रत्याशी महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं।
विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा से राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह और सपा से जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव मैदान में हैं।
कहने को तो चार उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन भाजपा और सपा प्रत्याशी में ही सीधी टक्कर दिख रही है। एक ओर जहां जिला प्रशासन निष्पक्ष और शांतिपूर्वक मतदान करवाने की तैयारी में जुटा है, वहीं भाजपा और सपा उम्मीदवार भी एक-एक वोटर को अपने पक्ष में करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस बार 2480 प्रधान, बीडीसी, डीडीसी, सभासद, विधायक और सांसद एमएलसी चुनेंगे।
महिला वोटरों की संख्या भी इस बार काफी अधिक है। 2480 वोटरों में 1062 महिला वोटर अपने अधिकार का प्रयोग करेंगी। तकरीबन 43 फीसदी महिला वोटर अपना एमएलसी चुनेंगी।
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चुनाव की मतदाता सूची महिला वोटरों की संख्या काफी होने पर प्रत्याशी भी महिला वोटरों को रिझाने में जुट गए हैं, क्योंकि बिना महिला वोटरों के समर्थन के जीत मिलनी संभव नहीं लग रही है।
छह नगर पंचायतों महराजगंज, लालगंज, परशदेपुर, नसीराबाद, डलमऊ, सलोन और जगतपुर ब्लॉक में पुरुषों की तुलना में महिला वोटरों की संख्या अधिक है। ऐसी स्थिति में भाग्य आजमाने वाले उम्मीदवारों को महिलाओं का मान रखना होगा। इस बार विधान परिषद सदस्य पद का चुनाव भी काफी दिलचस्प होने वाला है। नौ अप्रैल को मतदान के बाद 12 अप्रैल को होने वाली मतगणना में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
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विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा से राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह और सपा से जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव मैदान में हैं।
कहने को तो चार उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन भाजपा और सपा प्रत्याशी में ही सीधी टक्कर दिख रही है। एक ओर जहां जिला प्रशासन निष्पक्ष और शांतिपूर्वक मतदान करवाने की तैयारी में जुटा है, वहीं भाजपा और सपा उम्मीदवार भी एक-एक वोटर को अपने पक्ष में करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस बार 2480 प्रधान, बीडीसी, डीडीसी, सभासद, विधायक और सांसद एमएलसी चुनेंगे।
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महिला वोटरों की संख्या भी इस बार काफी अधिक है। 2480 वोटरों में 1062 महिला वोटर अपने अधिकार का प्रयोग करेंगी। तकरीबन 43 फीसदी महिला वोटर अपना एमएलसी चुनेंगी।
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चुनाव की मतदाता सूची महिला वोटरों की संख्या काफी होने पर प्रत्याशी भी महिला वोटरों को रिझाने में जुट गए हैं, क्योंकि बिना महिला वोटरों के समर्थन के जीत मिलनी संभव नहीं लग रही है।
छह नगर पंचायतों महराजगंज, लालगंज, परशदेपुर, नसीराबाद, डलमऊ, सलोन और जगतपुर ब्लॉक में पुरुषों की तुलना में महिला वोटरों की संख्या अधिक है। ऐसी स्थिति में भाग्य आजमाने वाले उम्मीदवारों को महिलाओं का मान रखना होगा। इस बार विधान परिषद सदस्य पद का चुनाव भी काफी दिलचस्प होने वाला है। नौ अप्रैल को मतदान के बाद 12 अप्रैल को होने वाली मतगणना में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।