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नरेंद्रपुर दाईं माइनर कटी, 80 बीघा फसल जलमग्न
रायबरेली
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:10 PM IST
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रायबरेली में शनिवार को डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के मधुकरपुर गांव के पास से गुजरी नरेंद्रपुर दाईं माइनर में हुई कटान के बाद खेतों में जाता पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। ब्लॉक के मधुकरपुर गांव के पास नरेंद्रपुर दाई माइनर में कटान हो गई। कटान की वजह से धान, उड़द, मूंगफली समेत करीब 80 बीघे फसल जलमग्न हो गई है।
पानी निकासी जल्द नहीं हुई तो फसलों के सड़ने का खतरा मंडराने लगेगा। माइनर अब तक नहीं बांधी गई और बराबर पानी खेतों में जा रहा है। धान की फसल में दवा और खाद का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। इससे गुस्साए किसानों ने प्रदर्शन किया।
मधुकरपुर के पास से गुजरी नरेंद्रपुर दाईं माइनर उफान के कारण अचानक कटान हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना विभागीय अफसरों को दी, लेकिन कोई देखने तक नहीं पहुंचा। लगातार माइनर का पानी खेतों में भरता रहा। गांव के ब्रह्मानंद और बाबादीन की करीब दो बीघे धान की फसल पानी के तेज बहाव में बह गई।
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वहीं 20 बीघे धान की फसल पानी में डूबी है। कुंवारे, छेदी, पन्नालाल, राम किशोर, श्रीकृष्ण, औसान आदि ने बताया कि माइनर की न तो सफाई कराई गई और न ही जर्जर पटरियों की मरम्मत हुई। माइनर में शिल्ट जमी होने से पानी आगे नहीं चढ़ता। उफान से आए दिन माइनर कट जाती है।
खेतों में पानी भरा होने के कारण फसल में न तो खाद पड़ रही है और न ही दवाएं। फसल के बर्बाद होने का डर है। बावजूद इसके अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। करीब धान, उड़द, मूंगफली, तिल समेत करीब 80 बीघे फसल जलमग्न है। माइनर नहीं बांधी गई। खेतों में पानी बराबर जा रहा है।
नरेंद्रपुरदाईं माइनर की सफाई न होने से नरेंद्रपुर, चौदहमील, बहेरिया, सेंदुरामऊ, राधाबालपुर, सहमदा, सूरजपुर आदि गांवों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसान अमरपाल, अमृतलाल, सुखदेव, अहोरवादीन आदि ने बताया कि माइनर की सफाई हो जाए तो पानी मिल सकता है, लेकिन अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। अधिकारियों की उदासीनता की वजह से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। बारिश के भरोसे खेती नहीं हो पा रही है।
नरेंद्रपुर माइनर के कटने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कर्मचारियों ने सूचना के बावजूद माइनर बांधने में लापरवाही बरती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- सिद्धार्थ कुमार सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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पानी निकासी जल्द नहीं हुई तो फसलों के सड़ने का खतरा मंडराने लगेगा। माइनर अब तक नहीं बांधी गई और बराबर पानी खेतों में जा रहा है। धान की फसल में दवा और खाद का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। इससे गुस्साए किसानों ने प्रदर्शन किया।
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मधुकरपुर के पास से गुजरी नरेंद्रपुर दाईं माइनर उफान के कारण अचानक कटान हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना विभागीय अफसरों को दी, लेकिन कोई देखने तक नहीं पहुंचा। लगातार माइनर का पानी खेतों में भरता रहा। गांव के ब्रह्मानंद और बाबादीन की करीब दो बीघे धान की फसल पानी के तेज बहाव में बह गई।
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वहीं 20 बीघे धान की फसल पानी में डूबी है। कुंवारे, छेदी, पन्नालाल, राम किशोर, श्रीकृष्ण, औसान आदि ने बताया कि माइनर की न तो सफाई कराई गई और न ही जर्जर पटरियों की मरम्मत हुई। माइनर में शिल्ट जमी होने से पानी आगे नहीं चढ़ता। उफान से आए दिन माइनर कट जाती है।
खेतों में पानी भरा होने के कारण फसल में न तो खाद पड़ रही है और न ही दवाएं। फसल के बर्बाद होने का डर है। बावजूद इसके अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। करीब धान, उड़द, मूंगफली, तिल समेत करीब 80 बीघे फसल जलमग्न है। माइनर नहीं बांधी गई। खेतों में पानी बराबर जा रहा है।
नरेंद्रपुरदाईं माइनर की सफाई न होने से नरेंद्रपुर, चौदहमील, बहेरिया, सेंदुरामऊ, राधाबालपुर, सहमदा, सूरजपुर आदि गांवों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसान अमरपाल, अमृतलाल, सुखदेव, अहोरवादीन आदि ने बताया कि माइनर की सफाई हो जाए तो पानी मिल सकता है, लेकिन अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। अधिकारियों की उदासीनता की वजह से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। बारिश के भरोसे खेती नहीं हो पा रही है।
नरेंद्रपुर माइनर के कटने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कर्मचारियों ने सूचना के बावजूद माइनर बांधने में लापरवाही बरती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- सिद्धार्थ कुमार सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग