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मेल्थुआ में चल रही टायर गलाने की अवैध फैक्ट्री
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2016 11:15 PM IST
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दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के मेल्थुआ गांव में टायर गलाने की अवैध फैक्ट्री सालों से चोरी छिपे चल रही थी। ग्रामीणों की शिकायत पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने जांच की तो इसका पता चला।
फैक्ट्री के संचालन से इलाके का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। जांच के बाद फैक्ट्री संचालक को नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है। अफसरों का कहना है कि जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी छोटी-बड़ी फैक्ट्री के संचालन के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होता है। लेकिन मेल्थुआ में कई साल से बिना एनओसी लिए ही टायर गलाने की फैक्ट्री चल रही थी।
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ग्रामीणों के अनुसार चोरी छिपे चल रही इस अवैध फैक्ट्री का पता इसलिए भी नहीं चल सका क्योंकि महीने में कुछ दिन ही चलाई जाती थी। वह भी ज्यादातर रात के अंधेरे में काम होता था।
फैक्ट्री संचालन से फैल रहे प्रदूषण का प्रभाव बाग-बगीचों और फसलों पर पड़ने लगा। इससे त्रस्त ग्रामीणों ने मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों से की।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से अवैध फैक्ट्री के बारे में सूचना मिली थी। मौके पर जांच में शिकायत सही निकली। मेल्थुआ में बिना परमीशन के ही सिंह इंड्रस्टीज लगाई गई है।
इसके लिए विभाग से कोई एनओसी नहीं जारी हुई है। हालांकि मौके पर तो फैक्ट्री में काम होता नहीं मिला, लेकिन छानबीन में पता चला कि चोरी छिपे या फिर रात में फैक्ट्री चलाई जाती है। फैक्ट्री संचालक अमरेंद्र बहादुर सिंह को नोटिस भेजा गया है। जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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फैक्ट्री के संचालन से इलाके का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। जांच के बाद फैक्ट्री संचालक को नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है। अफसरों का कहना है कि जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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किसी भी छोटी-बड़ी फैक्ट्री के संचालन के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होता है। लेकिन मेल्थुआ में कई साल से बिना एनओसी लिए ही टायर गलाने की फैक्ट्री चल रही थी।
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ग्रामीणों के अनुसार चोरी छिपे चल रही इस अवैध फैक्ट्री का पता इसलिए भी नहीं चल सका क्योंकि महीने में कुछ दिन ही चलाई जाती थी। वह भी ज्यादातर रात के अंधेरे में काम होता था।
फैक्ट्री संचालन से फैल रहे प्रदूषण का प्रभाव बाग-बगीचों और फसलों पर पड़ने लगा। इससे त्रस्त ग्रामीणों ने मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों से की।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से अवैध फैक्ट्री के बारे में सूचना मिली थी। मौके पर जांच में शिकायत सही निकली। मेल्थुआ में बिना परमीशन के ही सिंह इंड्रस्टीज लगाई गई है।
इसके लिए विभाग से कोई एनओसी नहीं जारी हुई है। हालांकि मौके पर तो फैक्ट्री में काम होता नहीं मिला, लेकिन छानबीन में पता चला कि चोरी छिपे या फिर रात में फैक्ट्री चलाई जाती है। फैक्ट्री संचालक अमरेंद्र बहादुर सिंह को नोटिस भेजा गया है। जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।