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हवा में जहर घोल रहा सीमेंट फैक्टरी का प्रबंधन
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रायबरेली में बछरावां क्षेत्र के कुंदनगंज स्थित बिरला सीमेंट फैक्टरी परिसर में इस तरह जलाई गई बो?
- फोटो : RAIBARAILY
बछरावां (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र के कुंदनगंज के पास स्थित बिड़ला सीमेंट फैक्टरी के अफसर पर्यावरण को दूषित करने में उतारू हैं। अक्सर यहां खुलेआम प्लास्टिक की बोरियों को जलाया जाता है। इस वजह से क्षेत्र की आबोहवा दूषित हो रही है। बुधवार को जलती बोरियों से उठता धुएं का गुबार सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन के अधिकारियों से जवाब तलब किया। अधिकारी मामले की जांच कराए जाने की बात कह रहे हैं।
कुंदनगंज गांव के निकट सीमेंट फैक्टरी लगी है। इसी गांव के रहने वाले मृत्युंजय दीक्षित, रमापति द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला, राहुल मिश्रा का कहना है कि बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री में काफी संख्या में पुरानी प्लास्टिक की बोरियों को खुलेआम जलाया गया। यह पहली बार नहीं हुआ। इसके पहले भी कई बार बोरियां जलाई जा चुकी हैं। इससे निकलने वाले धुएं से एक ओर जहां पर्यावरण दूषित हो रहा है, वहीं बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया यह सब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत से होता है। विभाग के अधिकारी कभी यहां चेकिंग करने भी नहीं आते है। जब कभी आते हैं सेटिंग-गेटिंग करके चले जाते हैं। उधर, बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री के सीनियर मैनेजर हरबंस मिश्रा का कहना है कि फैक्ट्री परिसर में बेचने के लिए कुछ स्क्रैप पड़ा था। इसमें अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिसे फायर ब्रिगेड की मदद से बुझा दिया गया। क्षेत्र के कुछ अराजकतत्व अफवाह उड़ाकर फैक्ट्री को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप विश्वकर्मा से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उधर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक मनीष कुमार ने बताया कि जानकारी हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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कुंदनगंज गांव के निकट सीमेंट फैक्टरी लगी है। इसी गांव के रहने वाले मृत्युंजय दीक्षित, रमापति द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला, राहुल मिश्रा का कहना है कि बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री में काफी संख्या में पुरानी प्लास्टिक की बोरियों को खुलेआम जलाया गया। यह पहली बार नहीं हुआ। इसके पहले भी कई बार बोरियां जलाई जा चुकी हैं। इससे निकलने वाले धुएं से एक ओर जहां पर्यावरण दूषित हो रहा है, वहीं बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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ग्रामीणों ने बताया यह सब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत से होता है। विभाग के अधिकारी कभी यहां चेकिंग करने भी नहीं आते है। जब कभी आते हैं सेटिंग-गेटिंग करके चले जाते हैं। उधर, बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री के सीनियर मैनेजर हरबंस मिश्रा का कहना है कि फैक्ट्री परिसर में बेचने के लिए कुछ स्क्रैप पड़ा था। इसमें अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिसे फायर ब्रिगेड की मदद से बुझा दिया गया। क्षेत्र के कुछ अराजकतत्व अफवाह उड़ाकर फैक्ट्री को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप विश्वकर्मा से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उधर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक मनीष कुमार ने बताया कि जानकारी हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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