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292 बैंकों में तालाबंदी, 2 अरब का लेनदेन ठप

Wed, 01 Mar 2017 12:17 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Wed, 01 Mar 2017 12:17 AM IST
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Lockout of 292 banks, 2 billion transaction stalled
रायबरेली में मंगलवार को सुपर मार्केट स्थित एसबीआई के सामने प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय आह्वान पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंगलवार को एक दिनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहकर हक के लिए आवाज बुलंद की। बैंकों के सामने एकत्र होकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और अपनों मांगों को पूरा न किए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली।
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हड़ताल के कारण जिलेभर की 292 बैंक शाखाओं में पूरी तरह से तालाबंदी रही। इससे दो अरब का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं लेनदेन के लिए बैंक पहुंचे ग्राहकों को मायूसी हाथ लगी और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। बैंक कर्मियोें ने साफ कहा कि जल्द उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
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शहर से लेकर देहात क्षेत्र की बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक समेत अन्य बैंकों की करीब 292 शाखाओं के ताले नहीं खुले। बैंकों के शटर बंद होने से लेनदेन करने पहुंचे ग्राहक निराश हुए।
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कुछ ग्राहक तो इस उम्मीद के साथ बैठे रहे कि बैंक खुलेगी। दोपहर तक बैठे रहे और फिर मायूस होकर वापस लौट गए। एक दिनी हड़ताल पर रहे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंकों के सामने और फिर सभी सुपर मार्केट नारेबाजी के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। नोटबंदी के दौरान ओवरटाइम देने, मृतक आश्रित की नौकरी दिलाए जाने, भत्ता दिए जाने समेत अन्य मांगों को उठाया।

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक इंप्लाइज यूनियन और ऑफिसर्स एसोसिएशन रायबरेली के पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय कार्यालय व प्रधान कार्यालय में प्रदर्शन किया। यहीं पर सभा भी की। ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मेहरोत्रा, महामंत्री मो. शरीफ, इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री दुर्गेश वाजपेयी, मो. रजी, मो. इदरीश, अविनाश रंजन, प्रतापचंद्र, राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री रमेश मिश्र ने कहा कि मांगों को लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा।

सभा का संचालन अभिनीत पांडेय और अध्यक्षता विनोद कुमार शुक्ल ने की। एसबीआई के ज्वाइंट सेक्रेटरी कुमार सुंदरम व सुनील ओझा ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह से सफल रही। इस मौके पर विजय मिश्रा, अंगद सिंह, अभिषेक, प्रियवत, राहुल आदि मौजूद रहे। 

यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव मो. अयाज की अगुवाई में बैंक अफसरों, कर्मियों ने सुपर मार्केट में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इसी तरह अन्य बैंक शाखाओं के अफसरों, कर्मचारियों ने अपने बैंक के बाहर प्रदर्शन करके हक के लिए आवाज उठाई।

इस मौके पर यूके सिंह, शिशिर कुमार, आरके खरे, आरपी पटेल, अनूप खन्ना, आरएस ओझा आदि मौजूद रहे। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव मो. अयाज ने बताया कि हड़ताल के चलते 200 करोड़ का लेनदेन ठप रहा।

उधर, एलडीएम बृजमोहन का कहना है कि लगभग 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। एक दिनी हड़ताल थी। इससे ग्राहकों को कुछ दिक्कतें हुई। बुधवार को सभी बैंकें खुलेंगी और पहले की तरह ही लेनदेन होगा।

बैंकों की हड़ताल के चलते रुपयों की निकासी का पूरा दबाव एटीएम पर ही रहा। दोपहर बाद स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम नोटों से खाली हो गए। हड़ताल के कारण एटीएम में नोट नहीं डाले जा सके। इससे लोगों को धन के लिए इधर उधर भटकना पड़ा। 

बैंकों में तालाबंदी के चलते ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ी। किसी को इलाज कराने तो किसी को वैवाहिक कार्यक्रम में जाने के लिए रुपये चाहिए थे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। कलंदरपुर के अनूप कुमार, गुुरुनानक नगर निवासी मनोज सोनकर को इलाज के लिए रुपये चाहिए थे।

दोनों इलाहाबाद बैंक रुपये निकालने पहुंचे थे। निराश वापस लौट गए। जेल रोड निवासी नीरज तिवारी को रिश्तेदारी में वैवाहिक कार्यक्रम पर जाना था। इंदिरा नगर के रहने वाले एके मिश्रा को भी रुपये चाहिए थे। नीरज व एके मिश्रा एसबीआई पहुंचे, लेकिन रुपये नहीं मिले।


इसी तरह इंदिरा नगर की रहने वाली अंजू चौधरी व तेलियाकोट निवासी मो. अफसर को गृहस्थी का सामान खरीदने के लिए रुपये की जरूरत थी। बैंक हड़ताल से दोनों को वापस होना पड़ा। इन सबका कहना था कि सरकार को चाहिए कि बैंक कर्मियों से पहले ही वार्ता कर लें, ताकि इसका खामियाजा जनता को न उठाना पड़े।
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