{"_id":"61a9171912668329b228d04e","slug":"laths-will-be-made-from-cow-dung-raibaraily-news-lko607132389","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोशालाओं के गोबर से बनेंगे लट्ठे, बाजार में होगी बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोशालाओं के गोबर से बनेंगे लट्ठे, बाजार में होगी बिक्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। गोशालाओं में निकलने वाले गोबर से अब गंदगी नहीं होगी। एक ओर जहां गाय का गोबर बर्बाद नहीं होगा, वहीं गोबर से लट्ठे (उपले) तैयार करके स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपना जीवन स्तर सुधारेंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले के 14 गांवों में गोबर से लट्ठे बनाने की मशीनें लगाईं जाएंगी। पांच गांवों में मशीनें पहुंच भी गईं हैं। जल्द ही उपलों का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
जिले की गोशालाओं में रोजाना कई मीट्रिक टन गोबर बर्बाद हो रहा है। गोबर की वजह से गोशालाओं में गंदगी का अंबार है। गोशालाओं को साफ-सुथरा रखने के साथ ही गोबर को उपयोग में लाने के लिए काम शुरू किया गया है।
विज्ञापन
एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गोबर से लट्ठे बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए 14 स्थानों पर एनआरएलएम के तहत बजट खर्च करके मशीनें लगवाई जाएंगी। जिले के पांच स्थानों पर मशीनें पहुंच भी गई हैं। जल्द ही उपले बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
नगर निकायों में होगी बिक्री, डलमऊ में खुलेंगी दुकानें
गोशालाओं के गोबर से समूहों द्वारा बनने वाले लट्ठे की खरीद नगर पालिका और नगर पंचायतें ठंड में अलाव के लिए परचेज करेंगी। इसके लिए डीएम ने निर्देश दिए हैं।
लट्ठे को बेंचकर समूह की महिलाओं का आर्थिक स्तर सुधरेगा। इसके अलावा डलमऊ स्थित गंगा घाट पर भी अंतिम संस्कार में उपयोग के लट्ठे की बिक्री की दुकानें एनआरएलएम के तहत खुलवाई जाएंगी।
एक मशीन में एक घंटे में खपेगा दो क्विंटल गोबर
एनआरएलएम के तहत गाय के गोबर से बनने वाले लट्ठे के लिए मशीनों में प्रति घंटे दो क्विंटल गोबर खपेगा। बिजली से चलने वाली इन मशीनों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गोबर लाकर डालेंगी और नीचे से लट्ठे निकलेंगे। इन लट्ठे को सुधाकर उनकी बिक्री कराई जाएगी।
इन स्थानों पर लगेंगी लट्ठे बनाने की मशीनें
जिले के राही ब्लॉक के बेलाखारा, लोधवारी, राही, बेलाभेला, डीह के डीह, छतोह के कुंवरमऊ, परैया नमकसार, हरचंदपुर ब्लॉक के जोहवाशर्की, कंडौरा, बछरावां के मैनाहार कटरा, सतांव के मलिकमऊ चौबारा, डलमऊ के कटघर, महराजगंज के हरदोई में एक-एक मशीनें लगेंगी। इसमें पांच स्थानों पर मशीनें पहुंच गईं हैं। जल्द ही लट्ठे बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
गोशालाओं से निकलने वाले गोबर से लट्ठे बनाने के लिए 14 स्वयं सहायता समूहों को काम दिया गया है। इसके लिए मशीनें लगाई जाएंगी। लट्ठे को बिकवाकर समूहों के आर्थिक स्तर को सुधारने की व्यवस्था भी कर ली गई है। धीरे-धीरे पूरे जिले में मशीनें लगवाई जाएंगी।
जीपी कुशवाहा, उपायुक्त (एनआरएलएम)
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले के 14 गांवों में गोबर से लट्ठे बनाने की मशीनें लगाईं जाएंगी। पांच गांवों में मशीनें पहुंच भी गईं हैं। जल्द ही उपलों का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
जिले की गोशालाओं में रोजाना कई मीट्रिक टन गोबर बर्बाद हो रहा है। गोबर की वजह से गोशालाओं में गंदगी का अंबार है। गोशालाओं को साफ-सुथरा रखने के साथ ही गोबर को उपयोग में लाने के लिए काम शुरू किया गया है।
विज्ञापन
एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गोबर से लट्ठे बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए 14 स्थानों पर एनआरएलएम के तहत बजट खर्च करके मशीनें लगवाई जाएंगी। जिले के पांच स्थानों पर मशीनें पहुंच भी गई हैं। जल्द ही उपले बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
नगर निकायों में होगी बिक्री, डलमऊ में खुलेंगी दुकानें
गोशालाओं के गोबर से समूहों द्वारा बनने वाले लट्ठे की खरीद नगर पालिका और नगर पंचायतें ठंड में अलाव के लिए परचेज करेंगी। इसके लिए डीएम ने निर्देश दिए हैं।
लट्ठे को बेंचकर समूह की महिलाओं का आर्थिक स्तर सुधरेगा। इसके अलावा डलमऊ स्थित गंगा घाट पर भी अंतिम संस्कार में उपयोग के लट्ठे की बिक्री की दुकानें एनआरएलएम के तहत खुलवाई जाएंगी।
एक मशीन में एक घंटे में खपेगा दो क्विंटल गोबर
एनआरएलएम के तहत गाय के गोबर से बनने वाले लट्ठे के लिए मशीनों में प्रति घंटे दो क्विंटल गोबर खपेगा। बिजली से चलने वाली इन मशीनों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गोबर लाकर डालेंगी और नीचे से लट्ठे निकलेंगे। इन लट्ठे को सुधाकर उनकी बिक्री कराई जाएगी।
इन स्थानों पर लगेंगी लट्ठे बनाने की मशीनें
जिले के राही ब्लॉक के बेलाखारा, लोधवारी, राही, बेलाभेला, डीह के डीह, छतोह के कुंवरमऊ, परैया नमकसार, हरचंदपुर ब्लॉक के जोहवाशर्की, कंडौरा, बछरावां के मैनाहार कटरा, सतांव के मलिकमऊ चौबारा, डलमऊ के कटघर, महराजगंज के हरदोई में एक-एक मशीनें लगेंगी। इसमें पांच स्थानों पर मशीनें पहुंच गईं हैं। जल्द ही लट्ठे बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
गोशालाओं से निकलने वाले गोबर से लट्ठे बनाने के लिए 14 स्वयं सहायता समूहों को काम दिया गया है। इसके लिए मशीनें लगाई जाएंगी। लट्ठे को बिकवाकर समूहों के आर्थिक स्तर को सुधारने की व्यवस्था भी कर ली गई है। धीरे-धीरे पूरे जिले में मशीनें लगवाई जाएंगी।
जीपी कुशवाहा, उपायुक्त (एनआरएलएम)