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कार्तिक पूर्णिमा मेला : ड्रोन के जरिए सुरक्षा पर रखी जाएगी पैनी नजर
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रायबरेली। कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार ड्रोन कैमरों के जरिए सुरक्षा पर पैनी नजर रखी जाएगी। सिर्फ डलमऊ ही नहीं, बल्कि गेंगासो और गोकना गंगा घाटों पर ड्रोन कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस के साथ ही पीएसी तैनात की जाएगी।
जिले में कार्तिक पूर्णिमा पर सिर्फ रायबरेली ही नहीं, बल्कि लखनऊ, फतेहपुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ समेत अन्य जनपदों के लोग गंगा स्नान करने पहुंचते हैं।
डलमऊ, ऊंचाहार के गोकना और सरेनी क्षेत्र के गोकना गंगाघाटों पर 12 लाख से ज्यादा भक्त स्नान करने पहुंचते हैं। इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का खाका तैयार किया जा रहा है।
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डलमऊ के विभिन्न गंगाघाटों पर सबसे ज्यादा पांच लाख भक्त स्नान करते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि कार्तिक पूूर्णिमा पर इस बार सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। घाटों पर पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात की जाएगी। गंगाघाटों पर नाविकों की तैनाती होगी। नावों का इंतजाम कराया जा रहा है।
जिम्मेदार नहीं दे पाए तैयारियों की जानकारी
डलमऊ। तहसील सभागार में मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा को लेकर बैठक हुई। इसमें कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारी तैयारियों की जानकारी तक नहीं दे पाए। इस पर एसडीएम राजेश कुमार ने नाराजगी जताई और कहा कि जिन अधिकारियों को जो जिम्मेदारी मिली है, उस कार्य को तत्काल पूरा करें।
यही नहीं जिला पंचायत तथा जलनिगम जैसे महत्वपूर्ण विभाग के अधिकारी बैठक से नदारद रहे। मेला क्षेत्र में पेयजल की समस्या सबसे बड़ी समस्या होती है। खराब पड़े 25 हैंडपंप नहीं सही कराए गए। इस पर हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए कहा गया।
बैठक में मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था पर सहमति नहीं बन पाई। इस बार कार्तिक पूर्णिमा की तैयारियों पर ढाई करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेशदत्त गौड़, अधिशासी अधिकारी आरती श्रीवास्तव, कोतवाल पंकज त्रिपाठी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन कुमार मौजूद रहे।
सड़क की मरम्मत नहीं कराई
सराय दिलावर गंग नहर के पास में ही अस्थाई बस स्टैंड बनाया जाएगा। वहां से श्रद्धालु कैसे गंगा स्नान करने घाट तक पहुंचेंगे, इसके लिए तहसील प्रशासन की क्या योजना है, अभी तक निर्धारित नहीं हो पाई है। गदागंज से मुराईबाग मार्ग की हालत खस्ताहाल है।
पिछली बैठक में लोक निर्माण विभाग ने दो सप्ताह में मार्ग को दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन मार्ग की हालत अभी जस की तस बनी है। यही नहीं मेला क्षेत्र में नगर पंचायत की सड़कों के साथ सिंचाई विभाग नहर पटरी के किनारे कटीली झाड़ियों का मकड़जाल फैला हुआ है। इससे श्रद्धालुओं को आने जाने में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा।
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जिले में कार्तिक पूर्णिमा पर सिर्फ रायबरेली ही नहीं, बल्कि लखनऊ, फतेहपुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ समेत अन्य जनपदों के लोग गंगा स्नान करने पहुंचते हैं।
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डलमऊ, ऊंचाहार के गोकना और सरेनी क्षेत्र के गोकना गंगाघाटों पर 12 लाख से ज्यादा भक्त स्नान करने पहुंचते हैं। इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का खाका तैयार किया जा रहा है।
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डलमऊ के विभिन्न गंगाघाटों पर सबसे ज्यादा पांच लाख भक्त स्नान करते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि कार्तिक पूूर्णिमा पर इस बार सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। घाटों पर पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात की जाएगी। गंगाघाटों पर नाविकों की तैनाती होगी। नावों का इंतजाम कराया जा रहा है।
जिम्मेदार नहीं दे पाए तैयारियों की जानकारी
डलमऊ। तहसील सभागार में मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा को लेकर बैठक हुई। इसमें कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारी तैयारियों की जानकारी तक नहीं दे पाए। इस पर एसडीएम राजेश कुमार ने नाराजगी जताई और कहा कि जिन अधिकारियों को जो जिम्मेदारी मिली है, उस कार्य को तत्काल पूरा करें।
यही नहीं जिला पंचायत तथा जलनिगम जैसे महत्वपूर्ण विभाग के अधिकारी बैठक से नदारद रहे। मेला क्षेत्र में पेयजल की समस्या सबसे बड़ी समस्या होती है। खराब पड़े 25 हैंडपंप नहीं सही कराए गए। इस पर हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए कहा गया।
बैठक में मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था पर सहमति नहीं बन पाई। इस बार कार्तिक पूर्णिमा की तैयारियों पर ढाई करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेशदत्त गौड़, अधिशासी अधिकारी आरती श्रीवास्तव, कोतवाल पंकज त्रिपाठी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन कुमार मौजूद रहे।
सड़क की मरम्मत नहीं कराई
सराय दिलावर गंग नहर के पास में ही अस्थाई बस स्टैंड बनाया जाएगा। वहां से श्रद्धालु कैसे गंगा स्नान करने घाट तक पहुंचेंगे, इसके लिए तहसील प्रशासन की क्या योजना है, अभी तक निर्धारित नहीं हो पाई है। गदागंज से मुराईबाग मार्ग की हालत खस्ताहाल है।
पिछली बैठक में लोक निर्माण विभाग ने दो सप्ताह में मार्ग को दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन मार्ग की हालत अभी जस की तस बनी है। यही नहीं मेला क्षेत्र में नगर पंचायत की सड़कों के साथ सिंचाई विभाग नहर पटरी के किनारे कटीली झाड़ियों का मकड़जाल फैला हुआ है। इससे श्रद्धालुओं को आने जाने में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा।