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भारत बंद, बैंकों में लटके ताले, तीन अरब का लेनदेन प्रभावित

Thu, 09 Jan 2020 12:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:30 AM IST
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India closed, locks in banks, three billion transactions affected
रायबरेली। भारत बंद के मद्देनजर विभिन्न संगठनों और कई विभागों के कर्मचारियों ने बुधवार को हड़ताल करके केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। बैंकों में ताले लटके रहे। इससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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हड़ताल से बैंकों में तीन अरब का लेनदेन प्रभावित रहा। एलआईसी में हड़ताल से पांच करोड़ और डाकघरों में ढाई करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। भारत बंद के बाद भी बाजार पूरी तरह से खुले रहे और व्यापारी आम दिनों की तरह कारोबार करते नजर आए।
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आम दिनों की तरह खरीदारी हुई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन पर भारत बंद को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही।
शहर में प्रधान डाकघर के बाहर नेशनल एसोसिएशन ऑफ पोस्टल इंप्लाइज ग्रुप सी के कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधान डाकघर में कामकाज नहीं हो सका।
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सभी ने सातवें वेतन आयोग के अवशेष, अधूरे व लंबित वादों को पूरा करने, एसबीसीओ को ऑडिट का स्टेट्स देने, डाक व रेल मेल सेवा में पांच दिवसीय सप्ताह एक समान लागू करने समेत 25 सूत्री मांगों को उठाया।
कहा कि उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन के मंडलीय सचिव विनय कुमार मौर्या ने बताया कि प्रधान डाकघर के साथ ही शहर के चार पोस्ट ऑफिस में कामकाज नहीं हुआ।
इससे ढाई करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। इस मौके पर सीबी सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, संतोष श्रीवास्तव, ऋषीकांत मिश्रा, राजितराम, प्रियंका वर्मा आदि मौजूद रहे।
कैनाल रोड स्थित एलआईसी दफ्तर में बीमा कर्मचारी संघ की अगुवाई में कर्मचारियों ने कामकाज ठप करके प्रदर्शन किया। ओम प्रकाश दीक्षित, अवधपाल सिंह, अजय वाजपेयी, सुशील कुमार हंस ने कहा कि एलआईसी में शेयर मार्केट लाने की नीति पर रोक लगाई जाए।
बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाने की कोशिश बंद की जाए। बढ़ती बेरोजगारी पर रोक लगाने समेत अन्य मांगों को उठाया, जिस पर सरकार जल्द निर्णय ले। सरकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एलआईसी में कामकाज न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और वह बैरंग लौट गए। इस मौैके पर रामसेवक तिवारी, सौरभ गुप्ता, राम प्रकाश शर्मा, नीलेश प्रताप सिंह मौजूद रहे। हड़ताल की वजह से करीब पांच करोड़ रुपये का लेनदेन नहीं हो सका।
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन की अगुवाई में बैंक कर्मियों ने भारत बंद के आह्वान पर हड़ताल की। बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडीकेट, ओरियंटल बैंक, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, कॉर्पोरेशन आदि बैंकों की करीब 315 बैैंक शाखाओं में तालाबंदी रही।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रामराज पांडेय, सचिव अयाज अहमद की अगुवाई में बैंक कर्मियों ने चौहान मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इसको लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं खुली, लेकिन कामकाज प्रभावित हुआ। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक भी खुली रही।
सचिव अयाज अहमद ने बताया कि क्लीरियिंग न होने से करीब तीन अरब का लेनदेन प्रभावित रहा। इस मौके पर रमेश आश्रित, राजबक्श सिंह, विनय पाल, संजीव यादव, अनिल पांडेय, दीपक, हिमांशू द्विवेदी मौजूद रहे। निजी बैंक भी खुले रहे।
जिला संयुक्त ट्रेड यूूनियंस संघर्ष समिति की अगुवाई में विभिन्न मजदूर संगठनों ने रेलवे स्टेशन पर हड़ताल कर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ मनमानी का आरोप लगाया।
केंद्र सरकार रेल, रक्षा, बीमा में विदेशी पूंजी निवेश पर रोक लगाए जाने समेत 16 सूत्री मांगों को ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट योगराज सिंह के जरिए प्रधानमंत्री को भेजा। इस मौके पर विजय बहादुर विदोही, नरेंद्र शर्मा, अरविंद सिंह राठौर, ओपी रावत, डीएस मिश्रा, मेराजुद्दीन मौजूद रहे।
उधर, अखिल भारतीय किसान महासभा के अगुवाई में किसानों ने रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सह सचिव अफरोज आलम ने कहा कि किसानों के पूर्ण कर्जमाफी व लागत मूल्य के डेढ़ गुना मूल्य करने के सवाल पर देश के किसानों के साथ मोदी सरकार ने धोखा किया है।
उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी। सभी ने मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस मौके पर सुरेश, महारथी चौहान, बृजभान सिंह, रविशंकर सविता, फूलचंद्र मौर्या मौजूद रहे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की अगुवाई में अभियंताओं और कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने धरना दिया। सभी ने कामकाज भी ठप रखा। इससे बिजली का बिल जमा नहीं हो सका।
आसान किश्त योजना का लाभ भी उपभोक्ता नहीं उठा पाए। संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, पुरानी पेंशन बहाल किए जाने, वेतन विसंगित दूर किए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाई।
इस मौैके पर स्वप्निल गुप्ता, जय प्रकाश, मनोज कुमार मिश्रा, शंभूनाथ, अनीता, सौरभ, सौरभ यादव मौजूद रहे। उधर, केंद्र सरकार की श्रम विरोधी एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ दवा प्रतिनिधि भी हड़ताल पर रहे।
नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। बाद मेें सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर विश्वनाथ गुप्ता, अजीत यादव, अजय पांडेय, सुनील, धीरज, जेबी सिंह, एबी सिंह मौजूद रहे।

भारत बंद के आह्वान के चलते बैंकों में हड़ताल रही। इसके चलते ग्राहकों को लेनदेन करने में दिक्कत आई। एटीएम में कैश की व्यवस्था कराई गई थी। उनका कहना है कि बैंकों की हड़ताल से करीब तीन अरब का लेनदेन प्रभावित रहा।- विजय शर्मा, एलडीएम
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