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बजट के अभाव में नहीं चल सके आठ स्कूल

Sun, 20 Mar 2016 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Sun, 20 Mar 2016 10:52 PM IST
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In the absence of eight school budget could not
शिक्षा अभियान
जिले में 24 करोड़ की लागत से बनकर तैयार आठ मॉडल स्कूलों को अब सीएम के पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) पर संचालित किया जाएगा। सूत्रों की माने तो केंद्र से अतिरिक्त बजट न मिल पाने के कारण प्रदेश सरकार ने इन स्कूलों के संचालन से अपने हाथ खींच लिए हैं।
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अब इन्हें पीपीपी मॉडल से संचालित कराने के कवायद भी शुरू कर दी गई है। मालूम हो कि ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए इन मॉडल स्कूलों में पिछले शिक्षा सत्र से ही सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई शुरू करानी थी।
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वर्ष 2010-11 में 24 करोड़ की लागत से इन स्कूलों के भवनों के निर्माण शुरू कराया गया था। शासन की मंशा थी कि सभी ब्लॉकों में बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए मॉडल स्कूल खोले जाएं।
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डलमऊ ब्लॉक के भीरा गोविंदपुर, रोहनियां ब्लॉक के मतरमपुर और छतोह ब्लॉक के कुंवरमऊ में ये भवन पिछले साल ही बनकर तैयार हो गए थे। लेकिन केंद्र सरकार ने स्कूलों के संचालन के लिए बजट ही नहीं दिया।

ऐसी स्थिति में मॉडल स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई नहीं शुरू हो सकी। यहां तक कि यहां शिक्षक व अन्य स्टाफ की व्यवस्था भी नहीं की जा सकी। राही ब्लॉक के बसाढ़, खीरों ब्लॉक के हरीपुर निहस्था, महराजगंज ब्लॉक के पाराकला, डीह ब्लॉक के टेकारीदांदू और बछरावां ब्लॉक के जगतपुर असहन गांव में मॉडल स्कूलों के भवनों का काम भी लगभग पूरा हो चुका है।

बजट की कमी से चलते अब प्रदेश सरकार पीपीपी मॉडल पर इन भवनों में सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई शुरू कराने जा रही है। इस संबंध में आदेश भी आ गया है। मॉडल स्कूल खोलने के लिए सलोन, शिवगढ़ और जगतपुर ब्लॉकों में जमीन नहीं मिल सकी है।

इस संबंध में डीएम की ओर से संबंधित एसडीएम को जमीन की व्यवस्था के लिए पत्र लिखा गया है। इसके अलावा ऊंचाहार, अमावां, गौरा, सतांव और हरचंदपुर ब्लॉकों में मॉडल स्कूल के लिए प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया है। शासन से आदेश और बजट मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा।

नए पीपीपी मॉडल के स्कूलों में पढ़ाई पहले सत्र में कक्षा छह से कक्षा नौ तक कक्षाएं संचालित होंगी। हर साल नए शिक्षासत्र में एक-एक कक्षाएं कक्षा 12 तक बढ़ेंगी। हालांकि नए शिक्षासत्र से ये कक्षाएं शुरू हो पाएंगी कि नहीं, इसके बारे में कुछ बताया नहीं जा सकता है।

क्योंकि एक अप्रैल से नया शिक्षासत्र शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक स्कूलों को संचालित कराने वालों को चयन नहीं हो सका है। डीआईओएस डॉ. विनय मोहन ने बताया कि पीपीपी मॉडल पर सीबीएसई पैटर्न पर मॉडल स्कूलों का संचालन होना है।


इस संबंध में दिशा-निर्देश आए हैं। संचालन कर्ताओं के चयन की पूरी प्रक्रिया शासन स्तर पर ही होगी। भवनों के निर्माण का काम पूरा हो गया है। शासन के निर्देशों पर स्कूलों का संचालन शुरू कराया जाएगा।
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