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खीरों फीडर में फॉल्ट, 50 गांवों की बत्ती गुल
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2015 11:14 PM IST
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त्रिपुला ट्रांसमिशन से निकले खीरों फीडर में शनिवार रात फॉल्ट आ गया। इससे खीरों ब्लॉक क्षेत्र के 50 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इससे 20 हजार उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र की जनता में पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों के खिलाफ आक्रोश भी है।
खीरों फीडर से खीरों और सेमरी विद्युत उपकेंद्र को आपूर्ति की जाती है। फीडर के तार करीब 35 साल पुराने होने की वजह से आए दिन इनमें फॉल्ट आ जाता है। शनिवार रात एक बार फिर फीडर में फॉल्ट आ गया। इसके चलते रमुवापुर दुबई, खीरों, सेमरी, पाहो, भीतरगांव, अजीतपुर, महरानीगंज, देवली, मानपुर, दुमटहर, ऐंधी, अतरहर समेत 50 गांवों की आपूर्ति बाधित है। ग्रामीणों को गर्मी और उमस के साथ अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑटा-चक्की व बिजली से चलने वाले अन्य लघु उद्योगों में कामकाज ठप है। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण अमर पाल सिंह, शिवशंकर, राम दुलारे, माताफेर, अमित सोनकर ने कहा कि तीन दशक से अधिक पुराने खीरों फीडर के तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। वहीं उपकेंद्र भी ओवरलोड हैं। वहीं सब कुछ जानते हुए भी अफसरों ने इससे निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अफसरों की लापरवाही से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है।
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खीरों फीडर से खीरों और सेमरी विद्युत उपकेंद्र को आपूर्ति की जाती है। फीडर के तार करीब 35 साल पुराने होने की वजह से आए दिन इनमें फॉल्ट आ जाता है। शनिवार रात एक बार फिर फीडर में फॉल्ट आ गया। इसके चलते रमुवापुर दुबई, खीरों, सेमरी, पाहो, भीतरगांव, अजीतपुर, महरानीगंज, देवली, मानपुर, दुमटहर, ऐंधी, अतरहर समेत 50 गांवों की आपूर्ति बाधित है। ग्रामीणों को गर्मी और उमस के साथ अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑटा-चक्की व बिजली से चलने वाले अन्य लघु उद्योगों में कामकाज ठप है। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण अमर पाल सिंह, शिवशंकर, राम दुलारे, माताफेर, अमित सोनकर ने कहा कि तीन दशक से अधिक पुराने खीरों फीडर के तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। वहीं उपकेंद्र भी ओवरलोड हैं। वहीं सब कुछ जानते हुए भी अफसरों ने इससे निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अफसरों की लापरवाही से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है।
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