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गुणवत्ता खराब होने पर धान खरीद से मना नहीं कर सकेंगे प्रभारी
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रायबरेली। जिले में धान खरीद एक नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। इस बार धान खराब बताकर खरीद से केंद्र प्रभारी इंकार नहीं कर पाएंगे।
वजह धान सुखाने के लिए किसानों को पर्याप्त मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो एक टीम किसानों की समस्या सुलझाएगी।
अफसरों के मुताबिक कृषक के धान की गुणवत्ता खराब होने पर उसका धान खरीदने से मना नहीं किया जाएगा। किसान को पर्याप्त मौका दिया जाएगा। धान को सुखाकर मानक के अनुरूप आने पर नियमानुसार क्रय धान क्रय किया जाएगा।
यदि किसान का धान मानक से हटकर आता है तो तहसील स्तर पर गठित कमेटी के यहां अपील भी कर करेंगे। गठित कमेटी 48 घंटे के अंदर धान की गुणवत्ता के विवाद के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
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यदि किसी किसान का धन खराब है और वह नहीं खरीदा जा रहा है तो इसका विवरण न सिर्फ रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, बल्कि उसकी ऑनलाइन फीडिंग भी अनिवार्य रूप से की जाएगी। साथ ही उसका नमूना भी केंद्र पर सुरक्षित रखा जाएगा।
56 केंद्रों पर होगी खरीद, तय किए गए दो रेट
जिले में इस बार 56 केंद्रों पर धान खरीद होगी। इसमें खाद्य विभाग के 14, पीसीएफ के 49, भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्र हैं। क्रय केंद्र सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। धान श्रेणी कामन 1940 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि ग्रेड ए का धान 1960 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
धान खरीद 28 फरवरी 2022 तक चलेगी। एक लाख 71 हजार 100 मीट्रिक टन धान खरीदा जाएगा। केंद्र पर बैनर, बैनर में अंकित सूचना की वॉल पेंटिंग अवश्य कराई जाएगी। केंद्र पर सभी आवश्यक धान उपकरण की व्यवस्था करा दी गई है।
केंद्रों पर ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त
इस बार क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब ऑफलाइन टोकन जारी कर धान खरीदा जाएगा। पूर्व में जिन कृषकों ने ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया है, उनकी भी धान खरीद टोकन में निर्धारित तिथि पर की जाएगी।
कृषक का पंजीकरण, आधार नंबर एवं उससे लिंक मोबाइल नंबर पर प्रेषित ओटीपी के आधार पर किया जाना है। समस्त खरीद की ऑनलाइन फीडिंग तत्काल की जाएगी। इस साल किसानों का धान ई-पॉस मशीन से किया जाएगा। इसमें बायोमीट्रिक मशीन का प्रयोग किया जाएगा।
परिवार के लोग भी बेच सकेंगे धान
यदि किसी कारण वर्ष किसान स्वयं अपना धान बेचने केंद्र पर उपस्थित नहीं होता है तो उसकी ओर से ऑनलाइन पंजीकरण में नॉमिनी बनाया जाएगा, जो परिवार का सदस्य होना चाहिए। यानि माता, पिता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, दामाद, पुत्रवधू, सगा भाई-बहन आदि केंद्र पर उपस्थित होकर धान विक्रय कर सकेंगे। पर जिस किसान का धान विक्रय किया जाएगा, उसकी मूल पहचान तथा नामिनी का मूल पहचान पत्र के मिलान उपरांत धान क्रय किया जा सकेगा। साथ ही इस सूचना को टोकन पंजिका में अंकित किया जाएगा।
खरीद के बाद केंद्र प्रभारी कृषक तौल की रसीद अवश्य रखेंगे, जिसमें कृषक का नाम, पता, तौल की मात्रा, मूल्य, दिनांक आदि अंकित करते हुए उस पर कृषक का हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से कराएंगे।
निरीक्षण के दौरान रसीद जरूर देखी जाएगी। केंद्र से संबद्ध चावल मिलों की सूची केंद्र पर चस्पा की जाएगी। केंद्र प्रभारी प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से संबद्ध चावल मिलों का निरीक्षण कर समीक्षा करेंगे।
जिले में एक नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को बचत भवन में केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक करके धान खरीद से जुड़े सभी नियमों की जानकारी भी उन्हें दे दी गई है। धान खरीद में किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अमित कुमार, एडीएम प्रशासन
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वजह धान सुखाने के लिए किसानों को पर्याप्त मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो एक टीम किसानों की समस्या सुलझाएगी।
अफसरों के मुताबिक कृषक के धान की गुणवत्ता खराब होने पर उसका धान खरीदने से मना नहीं किया जाएगा। किसान को पर्याप्त मौका दिया जाएगा। धान को सुखाकर मानक के अनुरूप आने पर नियमानुसार क्रय धान क्रय किया जाएगा।
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यदि किसान का धान मानक से हटकर आता है तो तहसील स्तर पर गठित कमेटी के यहां अपील भी कर करेंगे। गठित कमेटी 48 घंटे के अंदर धान की गुणवत्ता के विवाद के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
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यदि किसी किसान का धन खराब है और वह नहीं खरीदा जा रहा है तो इसका विवरण न सिर्फ रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, बल्कि उसकी ऑनलाइन फीडिंग भी अनिवार्य रूप से की जाएगी। साथ ही उसका नमूना भी केंद्र पर सुरक्षित रखा जाएगा।
56 केंद्रों पर होगी खरीद, तय किए गए दो रेट
जिले में इस बार 56 केंद्रों पर धान खरीद होगी। इसमें खाद्य विभाग के 14, पीसीएफ के 49, भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्र हैं। क्रय केंद्र सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। धान श्रेणी कामन 1940 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि ग्रेड ए का धान 1960 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
धान खरीद 28 फरवरी 2022 तक चलेगी। एक लाख 71 हजार 100 मीट्रिक टन धान खरीदा जाएगा। केंद्र पर बैनर, बैनर में अंकित सूचना की वॉल पेंटिंग अवश्य कराई जाएगी। केंद्र पर सभी आवश्यक धान उपकरण की व्यवस्था करा दी गई है।
केंद्रों पर ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त
इस बार क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब ऑफलाइन टोकन जारी कर धान खरीदा जाएगा। पूर्व में जिन कृषकों ने ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया है, उनकी भी धान खरीद टोकन में निर्धारित तिथि पर की जाएगी।
कृषक का पंजीकरण, आधार नंबर एवं उससे लिंक मोबाइल नंबर पर प्रेषित ओटीपी के आधार पर किया जाना है। समस्त खरीद की ऑनलाइन फीडिंग तत्काल की जाएगी। इस साल किसानों का धान ई-पॉस मशीन से किया जाएगा। इसमें बायोमीट्रिक मशीन का प्रयोग किया जाएगा।
परिवार के लोग भी बेच सकेंगे धान
यदि किसी कारण वर्ष किसान स्वयं अपना धान बेचने केंद्र पर उपस्थित नहीं होता है तो उसकी ओर से ऑनलाइन पंजीकरण में नॉमिनी बनाया जाएगा, जो परिवार का सदस्य होना चाहिए। यानि माता, पिता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, दामाद, पुत्रवधू, सगा भाई-बहन आदि केंद्र पर उपस्थित होकर धान विक्रय कर सकेंगे। पर जिस किसान का धान विक्रय किया जाएगा, उसकी मूल पहचान तथा नामिनी का मूल पहचान पत्र के मिलान उपरांत धान क्रय किया जा सकेगा। साथ ही इस सूचना को टोकन पंजिका में अंकित किया जाएगा।
खरीद के बाद केंद्र प्रभारी कृषक तौल की रसीद अवश्य रखेंगे, जिसमें कृषक का नाम, पता, तौल की मात्रा, मूल्य, दिनांक आदि अंकित करते हुए उस पर कृषक का हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से कराएंगे।
निरीक्षण के दौरान रसीद जरूर देखी जाएगी। केंद्र से संबद्ध चावल मिलों की सूची केंद्र पर चस्पा की जाएगी। केंद्र प्रभारी प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से संबद्ध चावल मिलों का निरीक्षण कर समीक्षा करेंगे।
जिले में एक नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को बचत भवन में केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक करके धान खरीद से जुड़े सभी नियमों की जानकारी भी उन्हें दे दी गई है। धान खरीद में किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अमित कुमार, एडीएम प्रशासन