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अत्याधुनिक ‘हमसफर’ ट्रेन का रैक रवाना
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:42 AM IST
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hamsafar train
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार की मंशानुरूप देश भर में चलाई जाने वाली 10 अत्याधुनिक और पूरी तरह से एसी-3 टायर वाली ‘हमसफर’ ट्रेन की पहली दो गाड़ियों का आधुनिक रेल कोच फैक्ट्री रायबरेली ने निर्माण कर रेलवे का सौंप दिया है।
कारखाने के महाप्रबंधक महेश कुमार गुप्ता ने शनिवार को दोपहर एक बजे हमसफर ट्रेन के दूसरे रैक को हरी झंडी दिखाकर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के लिए रवाना किया। बताया कि, यहां तैयार कर भेजी गई पहली हमसफर ट्रेन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गोरखपुर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
यह ट्रेन गोरखपुर आनंद विहार के मध्य चलाई जा रही है। यहां अभी तीन और हमसफर रेलगाड़ियों का निर्माण होना है। महाप्रबंधक महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इन कोचों के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है।
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सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश द्वार और गैलरी में सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। अब रास्ते में आने वाले स्टेशनों और ट्रेन की स्थिति की जानकारी के लिए डिब्बों के भीतर जीपीएस बेस्ड पब्लिक इंफॉरमेशन सिस्टम लगाया गया है। जिस पर ट्रेन की स्थिति का डिस्प्ले भी होगा और एनाउंसमेंट भी।
डिब्बों में फायर अलार्म सिस्टम लगाया गया है जो आग लगने की संभावना पर तुरंत यात्रियों को अलर्ट कर देगा। पर्दे भी फायर प्रूफ कपडे़ के बनाए गए हैं। इसके साथ ही आर्डर कंट्रोल सिस्टम लगाया गया जो थोडे़ अंतराल के बाद डिब्बों में सुगंधित फ्रेशनर छोड़ता रहेगा।
नेत्रहीनों के लिए डिब्बों की सीटों पर ब्रेल लिपि में भी नंबरिंग कराई गई है। प्रत्येक कोच कॉफी वेंडिंग मशीन लगाई गई है। इसी प्रकार से डिब्बों में कई अन्य यात्री सुविधाओं को बढ़ाया गया है। ट्रेन की इस रैक में 19 कोच लगेंगे जिनमें दो पावर कोच भी लगाए जाएंगे।
इस रेक के साथ तीन अतिरिक्त डिब्बे में दिए गए हैं। सीएमई डीके अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2018 तक कारखाने में एक हजार डिब्बे बनाये जा सकेंगें। इस वर्ष कारखाने का 625 डिब्बे बनाने का लक्ष्य है जो कि मार्च तक पूरा हो जाएगा। वर्ष 2017 में 744 डिब्बे बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस समय कारखाने में रोज तीन से चार डिब्बे बनाए जा रहे हैं। इस मौके पर सीएमई डीके अग्रवाल, सीवोएस जगदीश प्रसाद, सीपीओ रेनू शर्मा, डिप्टी सीएमई वारिस बेग, वर्क मैनेजर प्रभात शुक्ल, एडब्लूएम रामपाल, डिप्टी सीई एसके सिंह मौजूद रहे।
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कारखाने के महाप्रबंधक महेश कुमार गुप्ता ने शनिवार को दोपहर एक बजे हमसफर ट्रेन के दूसरे रैक को हरी झंडी दिखाकर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के लिए रवाना किया। बताया कि, यहां तैयार कर भेजी गई पहली हमसफर ट्रेन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गोरखपुर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
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यह ट्रेन गोरखपुर आनंद विहार के मध्य चलाई जा रही है। यहां अभी तीन और हमसफर रेलगाड़ियों का निर्माण होना है। महाप्रबंधक महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इन कोचों के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है।
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सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश द्वार और गैलरी में सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। अब रास्ते में आने वाले स्टेशनों और ट्रेन की स्थिति की जानकारी के लिए डिब्बों के भीतर जीपीएस बेस्ड पब्लिक इंफॉरमेशन सिस्टम लगाया गया है। जिस पर ट्रेन की स्थिति का डिस्प्ले भी होगा और एनाउंसमेंट भी।
डिब्बों में फायर अलार्म सिस्टम लगाया गया है जो आग लगने की संभावना पर तुरंत यात्रियों को अलर्ट कर देगा। पर्दे भी फायर प्रूफ कपडे़ के बनाए गए हैं। इसके साथ ही आर्डर कंट्रोल सिस्टम लगाया गया जो थोडे़ अंतराल के बाद डिब्बों में सुगंधित फ्रेशनर छोड़ता रहेगा।
नेत्रहीनों के लिए डिब्बों की सीटों पर ब्रेल लिपि में भी नंबरिंग कराई गई है। प्रत्येक कोच कॉफी वेंडिंग मशीन लगाई गई है। इसी प्रकार से डिब्बों में कई अन्य यात्री सुविधाओं को बढ़ाया गया है। ट्रेन की इस रैक में 19 कोच लगेंगे जिनमें दो पावर कोच भी लगाए जाएंगे।
इस रेक के साथ तीन अतिरिक्त डिब्बे में दिए गए हैं। सीएमई डीके अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2018 तक कारखाने में एक हजार डिब्बे बनाये जा सकेंगें। इस वर्ष कारखाने का 625 डिब्बे बनाने का लक्ष्य है जो कि मार्च तक पूरा हो जाएगा। वर्ष 2017 में 744 डिब्बे बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस समय कारखाने में रोज तीन से चार डिब्बे बनाए जा रहे हैं। इस मौके पर सीएमई डीके अग्रवाल, सीवोएस जगदीश प्रसाद, सीपीओ रेनू शर्मा, डिप्टी सीएमई वारिस बेग, वर्क मैनेजर प्रभात शुक्ल, एडब्लूएम रामपाल, डिप्टी सीई एसके सिंह मौजूद रहे।