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डीएम ने जिला अस्पताल में पकड़े डॉक्टरों के फर्जी साइन, दलाल पुलिस को सौपा
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रायबरेली। डीएम वैभव श्रीवास्तव के निरीक्षण में शनिवार को जिला अस्पताल की सच्चाई उजागर हो गई। सुबह 11 बजे तक कई चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचे तो उपस्थिति रजिस्टर में दो चिकित्सकों के फर्जी हस्ताक्षर डीएम ने पकड़ लिए।
दोनों डॉक्टरों के नाम के आगे हस्ताक्षर में सिर्फ जीएस ही लिखा पाया गया। आधा दर्जन डॉक्टरों को डीएम ने अनुपस्थित कर दिया। डीएम ने निरीक्षण के दौरान दो संदिग्धों को पकड़कर कोतवाली भेजवा दिया। इससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बच्ची के इलाज में बरती गई मनमानी पर गुस्साए डीएम वैभव श्रीवास्तव सुबह 11 बजे जिला अस्पताल पहुंच गए। सबसे पहले सीएमएस कक्ष में पहुंचकर डॉक्टरों के उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया।
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कई डॉक्टर निरीक्षण के समय तक अस्पताल नहीं पहुंच पाए थे। डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. राम सुमेर, डॉ. एमएन माथुर, डॉ. उपाध्याय आदि का नाम पुकारकर डीएम ने तलब किया, लेकिन इसमें कई डॉक्टर डीएम के सामने नहीं आए।
डीएम ने उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया तो डॉ. आशा शंकर वर्मा व एक अन्य चिकित्सक के नाम के सामने जीएस लिखा पाया। फर्जी हस्ताक्षर की आशंका पर दोनों डॉक्टरों को तलब किया।
हालांकि डॉक्टर समय से नहीं पहुंचे। इसमें एक चिकित्सक तो हांफते हुए अपनी निजी क्लीनिक से जिला अस्पताल पहुंच गया। डीएम ने अस्पताल के खराब संचालन पर सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव को भी कड़ी फटकार लगाई।
उधर, डीएम के निरीक्षण के दौरान ओपीडी में एक संदिग्ध दलाल भूपेंद्र को डीएम ने पकड़ लिए और उन्हें तुरंत कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसका चालान कर दिया है। डीएम ने बताया कि जिला अस्पताल का निरीक्षण किया है। यहां काफी खामियां मिली हैं। सीएमएस को खामियों को दूर कराने के आदेश दिए गए हैं।
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दोनों डॉक्टरों के नाम के आगे हस्ताक्षर में सिर्फ जीएस ही लिखा पाया गया। आधा दर्जन डॉक्टरों को डीएम ने अनुपस्थित कर दिया। डीएम ने निरीक्षण के दौरान दो संदिग्धों को पकड़कर कोतवाली भेजवा दिया। इससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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बच्ची के इलाज में बरती गई मनमानी पर गुस्साए डीएम वैभव श्रीवास्तव सुबह 11 बजे जिला अस्पताल पहुंच गए। सबसे पहले सीएमएस कक्ष में पहुंचकर डॉक्टरों के उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया।
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कई डॉक्टर निरीक्षण के समय तक अस्पताल नहीं पहुंच पाए थे। डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. राम सुमेर, डॉ. एमएन माथुर, डॉ. उपाध्याय आदि का नाम पुकारकर डीएम ने तलब किया, लेकिन इसमें कई डॉक्टर डीएम के सामने नहीं आए।
डीएम ने उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया तो डॉ. आशा शंकर वर्मा व एक अन्य चिकित्सक के नाम के सामने जीएस लिखा पाया। फर्जी हस्ताक्षर की आशंका पर दोनों डॉक्टरों को तलब किया।
हालांकि डॉक्टर समय से नहीं पहुंचे। इसमें एक चिकित्सक तो हांफते हुए अपनी निजी क्लीनिक से जिला अस्पताल पहुंच गया। डीएम ने अस्पताल के खराब संचालन पर सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव को भी कड़ी फटकार लगाई।
उधर, डीएम के निरीक्षण के दौरान ओपीडी में एक संदिग्ध दलाल भूपेंद्र को डीएम ने पकड़ लिए और उन्हें तुरंत कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसका चालान कर दिया है। डीएम ने बताया कि जिला अस्पताल का निरीक्षण किया है। यहां काफी खामियां मिली हैं। सीएमएस को खामियों को दूर कराने के आदेश दिए गए हैं।