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गोल्डन कार्ड बनाने के लिए शहर में नौ सेंटर खोले गए
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गोल्डन कार्ड बनवाते सीएचसी शिवगढ़ अधीक्षक।
- फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए संचालित आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए शुरू हुए विशेष अभियान के पहले दिन 1024 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए।
शहरी क्षेत्र में शत प्रतिशत प्रगति लाने के लिए योजना से जुड़े सात निजी और जिला महिला और पुरुष अस्पताल को सेंटर बनाया गया है। 24 मार्च तक योजना के लाभार्थी किसी भी सेंटर पर जाकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) लोगों के गोल्डन कार्ड बना रहे हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए 10 मार्च से विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान में डेढ़ लाख परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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जिले में 2,62,022 परिवारों में 98755 परिवारों को कार्ड मिल चुका है। गुरुवार को शिवगढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश गौतम ने रायपुर में सेंटर पर स्वयं बैठक गोल्डन कार्ड बनवाया। उन्होंने बताया कि अब तक गांव में 55 कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले में एक दिन में 1024 गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में शत प्रतिशत प्रगति के लिए योजना से जुड़े सरयूदेवी अस्पताल बछरावां, आर्यावर्त आई हॉस्पिटल, द रिलीफ हॉस्पिटल, देव नर्सिंगहोम, जेएन हॉस्पिटल, सिटी नर्सिंगहोम और अर्पण नर्सिंगहोम के साथ ही जिला महिला और पुरुष अस्पताल को सेंटर बनाया गया है।
इन सेंटरों पर सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति पहुंचकर आगामी 24 मार्च तक निशुल्क गोल्डन कार्ड बनवा सकता है। तय समय में लक्ष्य को पूरा करना है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान तेज हो गया है।
निशुल्क बनवाएं गोल्डन कार्ड: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत चिह्नित परिवारों के लोगों को गोल्डन कार्ड जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। शहरी क्षेत्रों में योजना से जुड़े सात निजी अस्पतालों के साथ ही जिला महिला और पुरुष अस्पताल को केंद्र बनाया गया है। 24 मार्च तक शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा किया जाना है। सभी सेंटरों पर मुफ्त गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
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शहरी क्षेत्र में शत प्रतिशत प्रगति लाने के लिए योजना से जुड़े सात निजी और जिला महिला और पुरुष अस्पताल को सेंटर बनाया गया है। 24 मार्च तक योजना के लाभार्थी किसी भी सेंटर पर जाकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) लोगों के गोल्डन कार्ड बना रहे हैं।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए 10 मार्च से विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान में डेढ़ लाख परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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जिले में 2,62,022 परिवारों में 98755 परिवारों को कार्ड मिल चुका है। गुरुवार को शिवगढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश गौतम ने रायपुर में सेंटर पर स्वयं बैठक गोल्डन कार्ड बनवाया। उन्होंने बताया कि अब तक गांव में 55 कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले में एक दिन में 1024 गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में शत प्रतिशत प्रगति के लिए योजना से जुड़े सरयूदेवी अस्पताल बछरावां, आर्यावर्त आई हॉस्पिटल, द रिलीफ हॉस्पिटल, देव नर्सिंगहोम, जेएन हॉस्पिटल, सिटी नर्सिंगहोम और अर्पण नर्सिंगहोम के साथ ही जिला महिला और पुरुष अस्पताल को सेंटर बनाया गया है।
इन सेंटरों पर सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति पहुंचकर आगामी 24 मार्च तक निशुल्क गोल्डन कार्ड बनवा सकता है। तय समय में लक्ष्य को पूरा करना है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान तेज हो गया है।
निशुल्क बनवाएं गोल्डन कार्ड: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत चिह्नित परिवारों के लोगों को गोल्डन कार्ड जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। शहरी क्षेत्रों में योजना से जुड़े सात निजी अस्पतालों के साथ ही जिला महिला और पुरुष अस्पताल को केंद्र बनाया गया है। 24 मार्च तक शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा किया जाना है। सभी सेंटरों पर मुफ्त गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं।