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देश और समाज की दशा और दिशा बदल सकती महिलाएं : आनंदीबेन पटेल
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मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी लेती राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। देश और समाज की दशा व दिशा बदलने में महिलाएं पूरी तरह सक्षम हैं। इस लिए उन्हें अपने अधिकारों को समझते हुए अपना हक पाने के लिए आगे आना होगा।
यह आह्वान प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। वह शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर का निरीक्षण कर रही थी। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील महिला किसानों से सीधा संवाद कर उनकी सफलता से जुड़े राज को भी जाना।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में किसी से भी पीछे नहीं हैं। महिला शक्ति से ही वर्तमान में देश की तस्वीर बदल रही है।
विशेषतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से काफी बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जतायी कि अब वह मास्टर ट्रेनर के रूप में महिलाओं को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं।
इतना ही नहीं गांवों की महिलाएं अब गोबर और गोमूत्र सहित अन्य अपशिष्ट से खाद बनाने के कार्य में भी बराबर का साथ देती देखी जा सकती हैं। यह दर्शाता है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर समाज में एक मिसाल कायम कर रही हैं। नारी शक्ति को कम आंकने का दौर अब खत्म हो चुका है।
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इस मौके पर किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आर्गेनिक उत्पादों से किसान अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने राज्यपाल को बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र ने अपने आसपास के 46 गांवों को गोद लिया है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिला किसानों के समूह ने भी राज्यपाल से भेंटकर अपने उत्पादों तथा संचालित गृह उद्योगों के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल ने महिलाओं द्वारा चलाई जा रही पोषण वाटिका के उत्पादों के बारे में भी जानकारी लेने के साथ ही ऐसी महिला किसानों से भी भेंट की, जिन्होंने केंद्र से सहायता प्राप्त कर प्राकृतिक खेती के उत्पाद, लघु उद्योग तथा पोषण वाटिकाएं विकसित की हैं। उन्होंने वाटिका में आम की एक उत्कृष्ट प्रजाति का रोपण भी किया।
पशुपालन ने बढ़ायी महिलाओं की आमदनी
सलोन। कृषि विज्ञान केंद्र के निरीक्षण के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सलोन के पशु प्रजनन अनुसंधान केंद्र (एनिमल ब्रीडिंग सेंटर) भी पहुंची। यहां उन्होंने हिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने उच्च गुणवत्ता से युक्त हिमीकृत वीर्य उत्पादन के लिए संस्थान के वैज्ञानिकों का आभार भी जताया।
अपने गृह राज्य गुजरात का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश की तमाम महिला समूहों ने दुग्ध पालन व पशुपालन के माध्यम से एक वर्ष में करोड़ों रुपया अर्जित किया है।
महिला विकास देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की एक प्रमुख कड़ी है। इस अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डेयरी सर्विसेज नई दिल्ली के उपप्रबंध निदेशक डॉ. सीपी देवानंद ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की महिला किसानों को दुग्ध उत्पादन व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस मौके पर सदर विधायक अदिति सिंह, क्षेत्रीय विधायक अशोक कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी मौजूद रहे।
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यह आह्वान प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। वह शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर का निरीक्षण कर रही थी। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील महिला किसानों से सीधा संवाद कर उनकी सफलता से जुड़े राज को भी जाना।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में किसी से भी पीछे नहीं हैं। महिला शक्ति से ही वर्तमान में देश की तस्वीर बदल रही है।
विशेषतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से काफी बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जतायी कि अब वह मास्टर ट्रेनर के रूप में महिलाओं को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं।
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इतना ही नहीं गांवों की महिलाएं अब गोबर और गोमूत्र सहित अन्य अपशिष्ट से खाद बनाने के कार्य में भी बराबर का साथ देती देखी जा सकती हैं। यह दर्शाता है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर समाज में एक मिसाल कायम कर रही हैं। नारी शक्ति को कम आंकने का दौर अब खत्म हो चुका है।
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इस मौके पर किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आर्गेनिक उत्पादों से किसान अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने राज्यपाल को बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र ने अपने आसपास के 46 गांवों को गोद लिया है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिला किसानों के समूह ने भी राज्यपाल से भेंटकर अपने उत्पादों तथा संचालित गृह उद्योगों के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल ने महिलाओं द्वारा चलाई जा रही पोषण वाटिका के उत्पादों के बारे में भी जानकारी लेने के साथ ही ऐसी महिला किसानों से भी भेंट की, जिन्होंने केंद्र से सहायता प्राप्त कर प्राकृतिक खेती के उत्पाद, लघु उद्योग तथा पोषण वाटिकाएं विकसित की हैं। उन्होंने वाटिका में आम की एक उत्कृष्ट प्रजाति का रोपण भी किया।
पशुपालन ने बढ़ायी महिलाओं की आमदनी
सलोन। कृषि विज्ञान केंद्र के निरीक्षण के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सलोन के पशु प्रजनन अनुसंधान केंद्र (एनिमल ब्रीडिंग सेंटर) भी पहुंची। यहां उन्होंने हिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने उच्च गुणवत्ता से युक्त हिमीकृत वीर्य उत्पादन के लिए संस्थान के वैज्ञानिकों का आभार भी जताया।
अपने गृह राज्य गुजरात का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश की तमाम महिला समूहों ने दुग्ध पालन व पशुपालन के माध्यम से एक वर्ष में करोड़ों रुपया अर्जित किया है।
महिला विकास देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की एक प्रमुख कड़ी है। इस अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डेयरी सर्विसेज नई दिल्ली के उपप्रबंध निदेशक डॉ. सीपी देवानंद ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की महिला किसानों को दुग्ध उत्पादन व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस मौके पर सदर विधायक अदिति सिंह, क्षेत्रीय विधायक अशोक कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी मौजूद रहे।