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Raebareli News: बाहर निकलना चुनौती से कम नहीं

Wed, 07 Jan 2026 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Wed, 07 Jan 2026 01:23 AM IST
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Going outside is nothing short of a challenge
रायबरेली में मंगलवार को सुबह 11.20 बजे सिविल लाइंस ​स्थित लखनऊ-प्रयागराज रेलमार्ग पर कोहरा से ह
रायबरेली। पहाड़ों पर बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना मैदानी क्षेत्रों पर भारी पड़ रहा है। कड़ाके की सर्दी ने लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है। गलन शिमला जैसी सर्दी का अहसास दिला रही है। घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। मंगलवार को धूप नहीं निकली। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिसके बाद पूरे दिन धुंध छाई रही। दृश्यता शून्य रही। सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। घने कोहरे में लोग वाहनों की लाइट जलाकर निकले। मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष जनवरी में अब तक औसत तापमान 10 वर्ष बाद 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिसके कारण पहाड़ों जैसी गलन का अहसास हो रहा है।
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इस विषम मौसम का सीधा असर जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। रोज कमाने-खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के लिए काम की कमी हो गई है, जिससे उनके परिवार का जीविकोपार्जन कठिन हो गया है। लोग ठंड से बचने के लिए अपने घरों में हीटर या हीट ब्लोअर का सहारा ले रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मैदानी इलाकों में सक्रिय हुए पश्चिमी हवाओं के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। आगामी दिनों में तापमान में और भी गिरावट आने की आशंका है। बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है।
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मंगलवार को अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। इस कारण गलन के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। पहाड़ों पर बर्फबारी बदस्तूर जारी है। इसका असर भी जिले पर पड़ रहा है।
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इनसेट
सरकारी अलाव भी निष्प्रभावी, पशु भी ठिठुर रहे
शहरों में सरकारी अलाव भी पर्याप्त मात्रा में नहीं जल रहे हैं, जिससे राहगीरों और बेजुबान पशुओं को भी कड़ाके की ठंड से ठिठुरना पड़ रहा है। कहीं भी अलाव पूरी क्षमता से नहीं जल रहे हैं। सुबह छह बजे से नौ बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिसके दौरान दृश्यता मात्र चार मीटर तक सिमट गई। अत्यधिक गलन के कारण लोगों के हाथ-पैर सुन्न पड़ गए। लोग सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों के साथ-साथ अपने हाथों को आपस में रगड़ते हुए नजर आए।


ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी का अधिक प्रभाव

ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी का असर अधिक देखा गया। वहां कोहरा दोपहर तक बना रहा। गांव के बाहर लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते देखे गए। इस कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पांच दिन के तापमान पर नजर
2 जनवरी-18.3 डिग्री -8.4 डिग्री
3 जनवरी- 14.5 डिग्री-12.4 डिग्री
4 जनवरी- 16.8 डिग्री-5.8 डिग्री
5 जनवरी-16.4 डिग्री-8.1 डिग्री
6 जनवरी- 14.2 डिग्री-5.4 डिग्री
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