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कुछ पैसे का पावर है और कुछ दादा गीरि...
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:36 AM IST
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रायबरेली में शुक्रवार को यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचतीं शिक्षिकाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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इस पेज पर जो मैंने सूत्र लिखा है वे सब नकल हुआ है। मैं ही नहीं सारे बच्चे नकल किए हैं। कुछ पैसे का पावर है और कुछ दादा गीरि से है..। यूपी बोर्ड परीक्षा की इंटरमीडिएट की गणित की कॉपी में एक परीक्षार्थी ने सवाल हल करने के बाद यह बात लिखी है।
इसके अलावा अन्य तरह-तरह के तरीकों से परीक्षकों को रिझाने के लिए परीक्षार्थियों ने अनुरोध किया है। परीक्षार्थियों के ऐसे अनुरोधों को पढ़कर परीक्षक खूब चुस्की ले रहे हैं। जिले में 30 मार्च से बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन का काम शुरू हुआ है।
शुक्रवार को कुछ परीक्षक तीसरे दिन भी मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं हुए। उनके स्थान पर दूसरे इच्छुक शिक्षकों को प्रक्रिया पूरी कराकर मूल्यांकन कार्य में लगाया गया। इसके लिए जीआईसी में शिक्षकों की भीड़ लग रही। समय से मूल्यांकन कार्य को पूरा कराने के लिए मूल्यांकन केंद्रों के प्रभारियों ने शिक्षकों को बुलाकर मूल्यांकन कार्य में लगाया है।
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मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को तरह-तरह के नमूनो भी देखने को मिल रहे हैं। पास कराने के लिए तरह-तरह के अनुरोध कॉपियों में लिखे मिल रहे हैं। ज्यादातर कॉपियों में सवालों के हल सही नहीं मिल रहे हैं। परीक्षक किसी तरह परीक्षार्थियों को पास करने का प्रयास कर रहे हैं।
कॉपियों से ऐसा प्रतीत होता है कि परीक्षा के दौरान खूब नकल कराई गई है। तीसरे दिन 30 हजार से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन चारो मूल्यांकन केंद्रों पर हुआ। मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी की उप प्रधानाचार्या सबीहा खान, जीआईसी के उप प्रधानाचार्य आरपी श्रीवास्तव, एनआईसी के प्रधानाचार्य रामानुज सिंह और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश त्रिवेदी ने बताया कि समय से पहले कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करा दिया जाएगा।
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इसके अलावा अन्य तरह-तरह के तरीकों से परीक्षकों को रिझाने के लिए परीक्षार्थियों ने अनुरोध किया है। परीक्षार्थियों के ऐसे अनुरोधों को पढ़कर परीक्षक खूब चुस्की ले रहे हैं। जिले में 30 मार्च से बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन का काम शुरू हुआ है।
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शुक्रवार को कुछ परीक्षक तीसरे दिन भी मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं हुए। उनके स्थान पर दूसरे इच्छुक शिक्षकों को प्रक्रिया पूरी कराकर मूल्यांकन कार्य में लगाया गया। इसके लिए जीआईसी में शिक्षकों की भीड़ लग रही। समय से मूल्यांकन कार्य को पूरा कराने के लिए मूल्यांकन केंद्रों के प्रभारियों ने शिक्षकों को बुलाकर मूल्यांकन कार्य में लगाया है।
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मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को तरह-तरह के नमूनो भी देखने को मिल रहे हैं। पास कराने के लिए तरह-तरह के अनुरोध कॉपियों में लिखे मिल रहे हैं। ज्यादातर कॉपियों में सवालों के हल सही नहीं मिल रहे हैं। परीक्षक किसी तरह परीक्षार्थियों को पास करने का प्रयास कर रहे हैं।
कॉपियों से ऐसा प्रतीत होता है कि परीक्षा के दौरान खूब नकल कराई गई है। तीसरे दिन 30 हजार से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन चारो मूल्यांकन केंद्रों पर हुआ। मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी की उप प्रधानाचार्या सबीहा खान, जीआईसी के उप प्रधानाचार्य आरपी श्रीवास्तव, एनआईसी के प्रधानाचार्य रामानुज सिंह और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश त्रिवेदी ने बताया कि समय से पहले कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करा दिया जाएगा।