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जिले के 63 गांवों से होकर गुजरेगी गैस पाइपलाइन, मुआवजे की राशि बढ़ाने को किसान मुखर
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रायबरेली। जिले की तीन तहसील क्षेत्रों से निकल रही कांडला-गोरखपुर एलपीजी गैस पाइपलाइन का काम तेज हो गया है। करीब 63 गांवों से होकर गुजरने वाली पाइपलाइन को जमीन देने वाले किसान सर्किल रेट का 80 फीसदी तक मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
सक्षम प्राधिकारी आईएचबी लिमिटेड पीएस शुक्ला का कहना है कि इस योजना में किसानों को सर्किल रेट का 80 फीसदी मुआवजा देने की गाइडलाइन नहीं है।
किसानों की जितनी जमीन ली जाएगी, उसके एवज में पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम 1962 की गाइडलाइन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
देश में रसोई गैस की आपूर्ति को आसान बनाने के लिए गुजरात के कांडला बंदरगाह से गोरखपुर तक एलपीजी गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है। करीब 2757 किमी. लंबी गैस पाइपलाइन देश के कई राज्यों से होकर गुजर रही। इसकी लागत करीब नौ से 10 हजार करोड़ बताई जा रही है।
इस पाइपलाइन का एक भाग उन्नाव से गोरखपुर जा रहा है। जिले की लालगंज, डलमऊ व ऊंचाहार तहसील से होकर यह पाइपलाइन गुजर रही है। गैस पाइपलाइन ऊंचाहार तहसील के खजुरी, सुदामापुर, कजियाना, मनिहरशर्की, किसुनदासपुर, गोपालपुर, रामसांडा, मियांपुर, सवैया हसन, मनीपुर भटेहरी सहित 63 गांवों से निकल रही है।
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पाइपलाइन के लिए जमीन देने वाले किसान सर्किल रेट का 80 प्रतिशत मुआवजा मांग रहे हैं। इस संबंध में सक्षम प्राधिकारी आईएचबी लिमिटेड पीएस शुक्ला का कहना है कि पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम 1962 के नियमानुसार भूमि का पूर्ण अधिग्रहण नहीं किया जाता है।
ऐसी स्थिति में पाइपलाइन के लिए प्रस्तावित भूमि के उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाता है। सर्किल रेट का 80 प्रतिशत मुआवजा देने की गाइडलाइन नहीं है। पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम 1962 (4) में दिए गए प्राविधान के अनुसार ही मुआवजा देने की व्यवस्था है। पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है।
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सक्षम प्राधिकारी आईएचबी लिमिटेड पीएस शुक्ला का कहना है कि इस योजना में किसानों को सर्किल रेट का 80 फीसदी मुआवजा देने की गाइडलाइन नहीं है।
किसानों की जितनी जमीन ली जाएगी, उसके एवज में पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम 1962 की गाइडलाइन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
देश में रसोई गैस की आपूर्ति को आसान बनाने के लिए गुजरात के कांडला बंदरगाह से गोरखपुर तक एलपीजी गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है। करीब 2757 किमी. लंबी गैस पाइपलाइन देश के कई राज्यों से होकर गुजर रही। इसकी लागत करीब नौ से 10 हजार करोड़ बताई जा रही है।
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इस पाइपलाइन का एक भाग उन्नाव से गोरखपुर जा रहा है। जिले की लालगंज, डलमऊ व ऊंचाहार तहसील से होकर यह पाइपलाइन गुजर रही है। गैस पाइपलाइन ऊंचाहार तहसील के खजुरी, सुदामापुर, कजियाना, मनिहरशर्की, किसुनदासपुर, गोपालपुर, रामसांडा, मियांपुर, सवैया हसन, मनीपुर भटेहरी सहित 63 गांवों से निकल रही है।
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पाइपलाइन के लिए जमीन देने वाले किसान सर्किल रेट का 80 प्रतिशत मुआवजा मांग रहे हैं। इस संबंध में सक्षम प्राधिकारी आईएचबी लिमिटेड पीएस शुक्ला का कहना है कि पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम 1962 के नियमानुसार भूमि का पूर्ण अधिग्रहण नहीं किया जाता है।
ऐसी स्थिति में पाइपलाइन के लिए प्रस्तावित भूमि के उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाता है। सर्किल रेट का 80 प्रतिशत मुआवजा देने की गाइडलाइन नहीं है। पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन अधिनियम 1962 (4) में दिए गए प्राविधान के अनुसार ही मुआवजा देने की व्यवस्था है। पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है।