{"_id":"5f2c350d8ebc3e3d0713e765","slug":"ganges-burnt-by-rain-in-mountainous-areas-panic-in-katri-region-raibaraily-news-lko5339646197","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से उफनाई गंगा, कटरी क्षेत्र में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से उफनाई गंगा, कटरी क्षेत्र में दहशत
विज्ञापन
रायबरेली। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते गंगा नदी उफान पर हैं। गुरुवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर के सापेक्ष 96.880 मीटर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक गंगा नदी का पानी प्रति घंटे एक सेमी. की रफ्तार से बढ़ रहा है।
कहा जा रहा है कि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो जल्द पानी चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा। गंगा नदी के उफान से कटरी क्षेत्र के गांवों बबुरा, अंबहा, पूरे रेवती सिंह, चकमलिकभीटीं, पूरे गौतमन, जमाल नगर मोहिद्दीनपुर के लोगों में हड़कंप मचा है।
खास बात ये है कि पानी गंगाघाटों के किनारे तक पहुंच गया है। इससे घाटों के किनारे रहने वाले लोगों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण राजेंद्र कुमार, शिव सहाय, श्रीकृष्ण, सार्जन यादव का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र में रोपी गई धान समेत अन्य फसलों को नुकसान हो जाएगा।
विज्ञापन
एसडीएम सविता यादव का कहना है कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारियां की गई हैं। लेखपालों को सक्रिय कर दिया गया है।
विज्ञापन
कहा जा रहा है कि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो जल्द पानी चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा। गंगा नदी के उफान से कटरी क्षेत्र के गांवों बबुरा, अंबहा, पूरे रेवती सिंह, चकमलिकभीटीं, पूरे गौतमन, जमाल नगर मोहिद्दीनपुर के लोगों में हड़कंप मचा है।
विज्ञापन
खास बात ये है कि पानी गंगाघाटों के किनारे तक पहुंच गया है। इससे घाटों के किनारे रहने वाले लोगों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण राजेंद्र कुमार, शिव सहाय, श्रीकृष्ण, सार्जन यादव का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र में रोपी गई धान समेत अन्य फसलों को नुकसान हो जाएगा।
विज्ञापन
एसडीएम सविता यादव का कहना है कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारियां की गई हैं। लेखपालों को सक्रिय कर दिया गया है।