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Raebareli News: पौधे लगाकर सुध लेना भूले, 30 फीसदी सूखे
Thu, 05 Jun 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:47 AM IST
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रायबरेली। पर्यावरण को हराभरा बनाने के लिए भले ही अफसर हर साल पौधरोपण कराने में कोई कसर नहीं छोड़ते, लेकिन यह सब दिखावा भर रहता है। यही वजह है कि हर साल पौधरोपण के बाद एक तिहाई पौधे सूख जाते हैं। पौधरोपण के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी कोई नहीं उठाना चाहता है। यही वजह रही कि पिछले साल रोपित 49 लाख पौधों में ज्यादातर सूख गए है।
कहने को सभी विभागों ने पौधरोपण कराया, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम किसी ने नहीं किए। बिना पानी के पौधे सूख गए। वन विभाग भी पौधों को बचाने में नाकाम रहा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वन क्षेत्र ऊंचाहार, लालगंज, महराजगंज, सलोन में 30 फीसदी पौधे सूख गए हैं।
वन विभाग की ओर से पिछले साल 18 लाख पौधे रोपित कराए गए थे। इनकी सुरक्षा के लिए वाचर रखे गए। निराई गुड़ाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए। बैरिकेडिंग कराई गई। ट्री गार्ड बनवाए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में पौधों की जान निकल गई। सुरक्षा के लिए वाचरों को रखा गया है, लेकिन यह वाचर पेड़ कटान कराने में व्यस्त रहते हैं। इससे साफ जाहिर है कि पौधों की सुरक्षा कैसे होगी।
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इस बार रोपित होंगे 51 लाख पौधे
जिले में हर साल की तरह इस बार भी पौधरोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। इस बार वन विभाग के साथ अन्य विभाग 51 लाख पौधे रोपित करेंगे। वन विभाग की ओर से पौधरोपण के लिए नर्सरियों में पौधे तैयार कराए जा रहे हैं। जुलाई में इन पौधों को रोपित करने की तैयारी है।
धरातल से गायब हो गए पौधे
वन विभाग के अलावा ग्राम्य विकास विभाग, राजस्व विभाग, पंचायतीराज विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग समेत अन्य विभागों के अलावा पौधरोपण तो कराते हैं, लेकिन उनके रख रखाव के कोई इंतजाम नहीं किए जाते। यही वजह है कि अन्य विभागों के रोपित किए गए पौधे धरातल से गायब हो गए।
दोबारा कराया जाएगा पौधरोपण
पिछले साल जो पौधे लगाए, वह सुरक्षित हैं। जहां पौधे सूखे हैं, उनके स्थान पर दोबारा पौधे लगवाए जाएंगे। पर्यावरण को हराभरा बनाए रखने के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। जरूरत के हिसाब वाचर भी रखे गए हैं।
-आशुतोष जायसवाल, जिला वन अधिकारी
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कहने को सभी विभागों ने पौधरोपण कराया, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम किसी ने नहीं किए। बिना पानी के पौधे सूख गए। वन विभाग भी पौधों को बचाने में नाकाम रहा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वन क्षेत्र ऊंचाहार, लालगंज, महराजगंज, सलोन में 30 फीसदी पौधे सूख गए हैं।
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वन विभाग की ओर से पिछले साल 18 लाख पौधे रोपित कराए गए थे। इनकी सुरक्षा के लिए वाचर रखे गए। निराई गुड़ाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए। बैरिकेडिंग कराई गई। ट्री गार्ड बनवाए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में पौधों की जान निकल गई। सुरक्षा के लिए वाचरों को रखा गया है, लेकिन यह वाचर पेड़ कटान कराने में व्यस्त रहते हैं। इससे साफ जाहिर है कि पौधों की सुरक्षा कैसे होगी।
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इस बार रोपित होंगे 51 लाख पौधे
जिले में हर साल की तरह इस बार भी पौधरोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। इस बार वन विभाग के साथ अन्य विभाग 51 लाख पौधे रोपित करेंगे। वन विभाग की ओर से पौधरोपण के लिए नर्सरियों में पौधे तैयार कराए जा रहे हैं। जुलाई में इन पौधों को रोपित करने की तैयारी है।
धरातल से गायब हो गए पौधे
वन विभाग के अलावा ग्राम्य विकास विभाग, राजस्व विभाग, पंचायतीराज विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग समेत अन्य विभागों के अलावा पौधरोपण तो कराते हैं, लेकिन उनके रख रखाव के कोई इंतजाम नहीं किए जाते। यही वजह है कि अन्य विभागों के रोपित किए गए पौधे धरातल से गायब हो गए।
दोबारा कराया जाएगा पौधरोपण
पिछले साल जो पौधे लगाए, वह सुरक्षित हैं। जहां पौधे सूखे हैं, उनके स्थान पर दोबारा पौधे लगवाए जाएंगे। पर्यावरण को हराभरा बनाए रखने के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। जरूरत के हिसाब वाचर भी रखे गए हैं।
-आशुतोष जायसवाल, जिला वन अधिकारी