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अभिलेखागार में फर्जीवाड़े में अभिलेखपाल समेत छह पर एफआईआर
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रायबरेली। अभिलेखागार में अभिलेखों को खुरचकर नाम बदलने और पन्ने गायब करने के मामले में बुधवार को डीएम माला श्रीवास्तव के आदेश पर कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने कोतवाली में तहरीर देकर छह लोगों पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज करा दिया। आदेश के बाद भी दोषियों पर मुकदमा दर्ज न कराने व फर्जीवाड़े में संलिप्तता प्रतीत होने पर अभिलेखपाल रुकइया बेगम के खिलाफ भी केस दर्ज करा दिया गया है।
सलोन के प्यारेपुर, नुरुद्दीनपुर और जौदहा गांवों की जमीनों से संबंधित अभिलेखागार में रखे दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने का मामला पिछले महीने पकड़ में आया था। पूर्व एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय की जांच में पांच लोग दोषी पाए गए थे। डीएम के निर्देश पर बीती 16 जून को ही एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार ने अभिलेखपाल राजस्व रुकइया बेगम को संबंधितों पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अमर उजाला ने 10 जून को अभिलेखागार में पकड़ा फर्जीवाड़ा, तीन गांवों के दस्तावेज किए सील शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। लेकिन मातहतों ने डीएम के आदेश को भी हवा में उड़ा दिया।
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13 जुलाई के अंक में भी सवा माह बाद भी नहीं दर्ज हो सका मुकदमा शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो डीएम माला श्रीवास्तव ने गंभीर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक अधिकारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
प्रशासनिक अधिकारी प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर शहर कोतवाली में रिटायर्ड व तत्कालीन अभिलेखपाल राजस्व नवल किशोर शुक्ला, वरिष्ठ सहायक व सहायक अभिलेखपाल कृष्ण बहादुर सिंह, चपरासी जफर आलम, करहिया सलोन निवासी आनंद कुमार सिंह, सुषमा देवी, अभिलेखपाल राजस्व रुकइया बेगम पर फर्जी दस्तावेज बनाना, धोखाधड़ी करना, सरकारी अभिलेखों को फाड़कर चोरी करना व मामले को दबाए रखने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारी प्रभारी ने बताया कि रुकइया बेगम को इसलिए नामजद कराया गया है क्योंकि उन्होंने आदेश के बाद भी दोषियों पर मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
अमर उजाला और डीएम को दिया धन्यवाद
अभिलेखागार में फर्जीवाड़े की शिकायत करने वाले करहिया निवासी सीपी सिंह ने न्याय मिलने के बाद अमर उजाला और डीएम को धन्यवाद दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाकर फर्जीवाड़े को उजागर करने में सहयोग किया है। उन्होंने मामले में कार्रवाई कराने के लिए डीएम माला श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा को भी धन्यवाद दिया है।
अभिलेखागार के अभिलेखों में हेरीफेरी के मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। संबंधित आरोपियों को पहले ही स्थानांतरित कर दिया गया है। अभिलेखपाल राजस्व को भी अभिलेखागार से हटाने के आदेश दिए गए हैं।
माला श्रीवास्तव, डीएम
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सलोन के प्यारेपुर, नुरुद्दीनपुर और जौदहा गांवों की जमीनों से संबंधित अभिलेखागार में रखे दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने का मामला पिछले महीने पकड़ में आया था। पूर्व एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय की जांच में पांच लोग दोषी पाए गए थे। डीएम के निर्देश पर बीती 16 जून को ही एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार ने अभिलेखपाल राजस्व रुकइया बेगम को संबंधितों पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
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प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अमर उजाला ने 10 जून को अभिलेखागार में पकड़ा फर्जीवाड़ा, तीन गांवों के दस्तावेज किए सील शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। लेकिन मातहतों ने डीएम के आदेश को भी हवा में उड़ा दिया।
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13 जुलाई के अंक में भी सवा माह बाद भी नहीं दर्ज हो सका मुकदमा शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो डीएम माला श्रीवास्तव ने गंभीर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक अधिकारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
प्रशासनिक अधिकारी प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर शहर कोतवाली में रिटायर्ड व तत्कालीन अभिलेखपाल राजस्व नवल किशोर शुक्ला, वरिष्ठ सहायक व सहायक अभिलेखपाल कृष्ण बहादुर सिंह, चपरासी जफर आलम, करहिया सलोन निवासी आनंद कुमार सिंह, सुषमा देवी, अभिलेखपाल राजस्व रुकइया बेगम पर फर्जी दस्तावेज बनाना, धोखाधड़ी करना, सरकारी अभिलेखों को फाड़कर चोरी करना व मामले को दबाए रखने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारी प्रभारी ने बताया कि रुकइया बेगम को इसलिए नामजद कराया गया है क्योंकि उन्होंने आदेश के बाद भी दोषियों पर मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
अमर उजाला और डीएम को दिया धन्यवाद
अभिलेखागार में फर्जीवाड़े की शिकायत करने वाले करहिया निवासी सीपी सिंह ने न्याय मिलने के बाद अमर उजाला और डीएम को धन्यवाद दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाकर फर्जीवाड़े को उजागर करने में सहयोग किया है। उन्होंने मामले में कार्रवाई कराने के लिए डीएम माला श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा को भी धन्यवाद दिया है।
अभिलेखागार के अभिलेखों में हेरीफेरी के मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। संबंधित आरोपियों को पहले ही स्थानांतरित कर दिया गया है। अभिलेखपाल राजस्व को भी अभिलेखागार से हटाने के आदेश दिए गए हैं।
माला श्रीवास्तव, डीएम