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बुखार ने ली मासूम समेत दो की जान
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:17 PM IST
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रोगियों की संख्या में हो रहा इजाफा
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में संक्रामक रोग से मरने वालों का सिलसिला नहीं थम रहा है। शुक्रवार को बुखार से मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई। डॉक्टरों का मानना है कि उमस भरी गर्मी के कारण बुखार के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
एक तरफ संक्रामक रोग जहां बढ़ रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है। लोगों को जागरूक करने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। यही नहीं गांवों में दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी है।
लालगंज तहसील क्षेत्र के पिलखा गांव निवासी सत्यम (2) को कई दिन से बुखार आ रहा था। पहले तो परिवारीजन सत्यम को प्राइवेट डॉक्टर के यहां इलाज करा रहे थे। हालत में सुधार न होने पर परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। धनउवा निवासी राज बहादुर को भी कई दिन से बुखार आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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इलाज के दौरान राज बहादुर ने भी दम तोड़ दिया। सितंबर माह में बुखार से अब तक आठ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रह है। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी-पीएचसी में भी बुखार से संबंधित रोगी इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सीएचसी-पीएचसी में दवा की कमी है।
साफ-सफाई रामभरोसे है। इससे संक्रामक रोग और फैल रहा है। उधर, सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि रोगियों का बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि संक्रमण फैलने के मद्देनजर सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रोगियों का बेहतर इलाज किया जाए। इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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एक तरफ संक्रामक रोग जहां बढ़ रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है। लोगों को जागरूक करने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। यही नहीं गांवों में दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी है।
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लालगंज तहसील क्षेत्र के पिलखा गांव निवासी सत्यम (2) को कई दिन से बुखार आ रहा था। पहले तो परिवारीजन सत्यम को प्राइवेट डॉक्टर के यहां इलाज करा रहे थे। हालत में सुधार न होने पर परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। धनउवा निवासी राज बहादुर को भी कई दिन से बुखार आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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इलाज के दौरान राज बहादुर ने भी दम तोड़ दिया। सितंबर माह में बुखार से अब तक आठ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रह है। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी-पीएचसी में भी बुखार से संबंधित रोगी इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सीएचसी-पीएचसी में दवा की कमी है।
साफ-सफाई रामभरोसे है। इससे संक्रामक रोग और फैल रहा है। उधर, सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि रोगियों का बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि संक्रमण फैलने के मद्देनजर सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रोगियों का बेहतर इलाज किया जाए। इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।