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किसानों ने बंद की एनटीपीसी की जलापूर्ति
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:26 PM IST
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आक्रोशित किसानों ने एनटीपीसी की जलापूर्ति बंद कर बेला पोषक नहर को पानी खोल दिया। इससे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि नहर का पानी बंद किया गया तो रायबरेली-डलमऊ मार्ग जाम कर दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला सचिव मनोज कुमार की अगुवाई में सैकड़ों किसान सरांय दिलावर गांव स्थित सिंचाई विभाग के नहर कोठी पहुंचे।
यहीं पर नारेबाजी करते हुए बेला पोषक नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की। कहा कि बेला पोषक नहर, पुरवा ब्रांच नहर और एनटीपीसी को एक-एक सप्ताह पानी छोड़ने का शेड्यूल है।
एक पखवारे से केवल एनटीपीसी और पुरवा ब्रांच नहर में पानी जा रहा है, जबकि बेला पोषक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस नहर से करीब एक लाख से ज्यादा किसान सिंचाई करते हैं।
उनकी धान की फसल सूख रही है। वहीं खेतों की छपाई न होने से चना, मटर, सरसों की बोवाई पिछड़ रही है। इस मौके पर सुशील यादव, प्रमोद पटेल, अशोक श्रीवास्तव, शिवगणेश सिंह, रामलखन आदि मौजूद रहे।
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उधर, सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के एक्सईएन मो. शमीम अहमद ने बताया कि एक सप्ताह तक बेला पोषक नहर में पानी की आपूर्ति होगी। उसके बाद दूसरी नहरों में छोड़ा जाएगा।
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किसानों ने चेतावनी दी कि यदि नहर का पानी बंद किया गया तो रायबरेली-डलमऊ मार्ग जाम कर दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला सचिव मनोज कुमार की अगुवाई में सैकड़ों किसान सरांय दिलावर गांव स्थित सिंचाई विभाग के नहर कोठी पहुंचे।
यहीं पर नारेबाजी करते हुए बेला पोषक नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की। कहा कि बेला पोषक नहर, पुरवा ब्रांच नहर और एनटीपीसी को एक-एक सप्ताह पानी छोड़ने का शेड्यूल है।
एक पखवारे से केवल एनटीपीसी और पुरवा ब्रांच नहर में पानी जा रहा है, जबकि बेला पोषक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस नहर से करीब एक लाख से ज्यादा किसान सिंचाई करते हैं।
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उनकी धान की फसल सूख रही है। वहीं खेतों की छपाई न होने से चना, मटर, सरसों की बोवाई पिछड़ रही है। इस मौके पर सुशील यादव, प्रमोद पटेल, अशोक श्रीवास्तव, शिवगणेश सिंह, रामलखन आदि मौजूद रहे।
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उधर, सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के एक्सईएन मो. शमीम अहमद ने बताया कि एक सप्ताह तक बेला पोषक नहर में पानी की आपूर्ति होगी। उसके बाद दूसरी नहरों में छोड़ा जाएगा।