रायबरेली। दरियापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में शुक्रवार को किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए किसान क्रॉफ्ट लिमिटेड की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ. सुमंत होल्ला ने कहा कि धान की खेती की देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका है, लेकिन घटते जलस्तर और बढ़ती लागत किसानों के सामने चुनौती बन रही है। डीएसआर तकनीक (लाइन से सीधी बुवाई) से किसान समान उत्पादन के साथ 50 प्रतिशत तक पानी की बचत कर सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह ने कहा सूखे सीधे बीज वाले धान के उपयोग से किसान मिट्टी की उर्वरता के अनुसार बेहतर उपज प्राप्त कर सकते हैं। यह तकनीक पारंपरिक धान की तुलना में कम खर्चीली है और इसके स्वाद में भी कोई अंतर नहीं है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में डीएसआर खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है । यह न केवल पानी की बचत करती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दे रही है। इस मौके पर राजकुमार, अशोक त्रिपाठी, अनुज सिंह व हरिनाम वर्मा मौजूद रहे।