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UP News: रायबरेली में हिंदू बन जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश, जांच में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा; छह आवेदन खारिज

Fri, 26 Jul 2024 12:13 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 26 Jul 2024 12:13 PM IST
सार

रायबरेली में हिंदू बन जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश करने का मामला सामने आया है। जांच में सीएमओ ने फर्जीवाड़ा पकड़ा है। छह अन्य आवेदनों को भी खारिज कर दिया गया है। पोर्टल पर सतर्कता बढ़ाई गई है।

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Fake Birth Certificate Trying to get a birth certificate by becoming a Hindu in Raebareli
Fake Birth Certificate - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े के तार बांग्लादेशी और रोहिंग्या से जुड़ने की आशंका के बीच बृहस्पतिवार से रायबरेली में सख्ती शुरू कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अनुमोदन के साथ ही जन्म प्रमाणपत्र के मामले में भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। 
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इस व्यवस्था के तहत जिले में पहले दिन सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने छह आवेदन निरस्त कर दिए। इसमें एक आवेदन अल्पसंख्यक की ओर से हिंदू बन जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का भी रहा। नगर पालिका क्षेत्र के दानिश (परिवर्तित नाम) के जन्म प्रमाणपत्र के लिए बृहस्पतिवार को ऑनलाइन आवेदन सीएमओ के पोर्टल पर आया। 
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आवेदक ने अपना और पत्नी का नाम तो सही लिखा, लेकिन जाति और धर्म में हिंदू दर्ज कर दिया। उसके अन्य प्रपत्र भी संदिग्ध मिले। प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़े की आशंका में सीएमओ ने आवेदन को निरस्त कर दिया।
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जिले के सलोन ब्लॉक में 19,184 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार सतर्क हो गए हैं। मामले की जांच पुलिस के साथ ही यूपी एटीएस भी कर रही है।
 

रायबरेली और अमेठी लोकसभा चुनाव में फर्जी वोटिंग की आशंका
उधर, सलोन क्षेत्र में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नई बातें भी निकलकर सामने आ रही हैं। वर्ष 2024 में रायबरेली व अमेठी जिले में हुए लोकसभा चुनाव में फर्जी वोटिंग की आशंका भी जताई जा रही है। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के जरिए मतदाता पहचानपत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बनाने की बात सामने आ रही है।

सूत्रों के अनुसार यूपी एटीएस इस बिंदु की जांच करते हुए पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं फर्जी दस्तावेज के जरिए बाहरी लोगों ने दोनों जिलों में वोटिंग तो नहीं की है। अब तक की पुलिस जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि आरोपी सीएससी संचालक जीशान व वीडीओ विजय सिंह यादव ने नुरुद्दीनपुर, गोपालपुर, लउरेपुर, गढ़ी इस्लामनगर के रहने वाले उन लोगों के नाम से दोबारा जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिया है, जिनके पहले से ही प्रमाणपत्र बने थे।

पुलिस के सवाल पर वे लोग हैरान हैं कि उनके नाम से दोबारा जन्म प्रमाणपत्र कैसे बन गए। अपर पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार सिंह के अनुसार पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही असल बात सामने आएगी। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं की पड़ताल कर रही है।

 

फर्जी दस्तावेज के जरिए ले ली सम्मान निधि
जिले में फर्जी दस्तावेज से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने की बात भी सामने आई है। योजना के तहत हर साल केंद्र सरकार पात्र किसानों के खाते में छह हजार रुपये भेजती है। सलोन विधायक अशोक कुमार के अनुसार कई गांवों में फर्जी तरीके से सम्मान निधि का लाभ लेने की बात सामने आई है। मामले में उप कृषि निदेशक विनोद शर्मा का कहना है कि कोई भी फर्जी दस्तावेज तैयार कर निधि का लाभ ले सकता है, क्योंकि योजना का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं।

एटीएस तैयार, अधिकारियों के आदेश का इंतजार
मामले की विवेचना यूपी एटीएस अपने हाथों में लेने के लिए तैयार है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि वैसे तो एटीएस इस प्रकरण की जांच कर रही है, लेकिन विवेचना सलोन कोतवाली में तैनात अपराध निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह को दी गई है। एटीएस को विवेचना सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार है।

 

विदेशी फंडिंग में आईएसआई का हाथ
सलोन विधायक अशोक कुमार ने बृहस्पतिवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के मामले के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। बांग्लादेशियों को नागरिकता देेने की नियत से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए हैं।

 

विधायक ने आरोप लगाया कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में विदेशी फंडिंग से इन्कार नहीं किया जा सकता। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के जरिए वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए और इसके जरिए फर्जी लोगों ने रायबरेली-अमेठी जिले के लोकसभा चुनाव में वोटिंग भी की है। उच्चाधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया है, जिसकी जांच चल रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री से इस पूरे प्रकरण से अवगत कराऊंगा।

स्टाइलिश जिंदगी जी रहा था जीशान
फर्जी प्रमाणपत्र के मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए जीशान की जिंदगी बहुत स्टाइलिश रही है। महंगे कपड़े, बाइक और पर्यटन स्थलों पर जाना उसका शौक रहा है। दोस्तों के साथ पार्टी करने के साथ पैसा उड़ाने में वह पीछे नहीं रहा। यही कारण रहा कि जीशान अपने दोस्तों में नामचीन रहा है। अब सोशल मीडिया और उसकी अपने दोस्तों और परिजनों के साथ मौज मस्ती की फोटो वायरल हो रही है। पुलिस जीशान के दोस्तों के बारे में भी पड़ताल कर रही है।
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