{"_id":"61db3172275c9166475564ff","slug":"face-in-polling-decide-mood-of-voter-raibaraily-news-lko6127639160","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेहरा तय करेगा जनता का मूड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेहरा तय करेगा जनता का मूड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। मिशन 2022 की सफलता में किसी भी पार्टी की हार जीत में इस बार उम्मीदवार का चेहरा भी जनता का मूड तय करेगा। पार्टी, जातिवाद के अलावा प्रत्याशियों की खुद की पहचान इस चुनाव में अहम मानी जा रही है। यही वजह है कि गांधी परिवार के गढ़ में सत्तारूढ़ दल भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा अभी तक अपने पत्ते नहीं खोल पाई है। सभी दल उन प्रत्याशियों का चयन करने में जुटे हैं, जो जिताऊ होने के साथ अच्छी छवि वाले हों।
इस तरह के दावेदारों का चयन करने में दलों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। माना जा रहा है कि 20 जनवरी के बाद प्रत्याशियों का एलान होना शुरू हो जाएगा। विधानसभा चुनाव का एलान होते ही गांधी परिवार के गढ़ में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिले की छह विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा जोर आजमाइश कर रही है।
यही वजह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव का एलान होने से पहले ही जिले की जनता से रूबरू होकर चुनावी शंखनाद कर चुकी हैं। गांधी परिवार के गढ़ में इस बार चुनावी फिजा भी बदली नजर आ रही है।
विज्ञापन
वोटर दलों से पार्टी, जातिवाद के अलावा अच्छे उम्मीदवार की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसा इसलिए ताकि प्रत्याशी दलों के साथ जनता की कसौटी पर खरे उतर सकें। सभी पार्टियां चुनाव जीतने के लिए चुनावी बिसात तो बिछा रही हैं, लेकिन प्रत्याशियों का चयन अब तक नहीं कर पाई हैं। यह हाल तब है, जब 27 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है।
विज्ञापन
इस तरह के दावेदारों का चयन करने में दलों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। माना जा रहा है कि 20 जनवरी के बाद प्रत्याशियों का एलान होना शुरू हो जाएगा। विधानसभा चुनाव का एलान होते ही गांधी परिवार के गढ़ में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिले की छह विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा जोर आजमाइश कर रही है।
विज्ञापन
यही वजह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव का एलान होने से पहले ही जिले की जनता से रूबरू होकर चुनावी शंखनाद कर चुकी हैं। गांधी परिवार के गढ़ में इस बार चुनावी फिजा भी बदली नजर आ रही है।
विज्ञापन
वोटर दलों से पार्टी, जातिवाद के अलावा अच्छे उम्मीदवार की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसा इसलिए ताकि प्रत्याशी दलों के साथ जनता की कसौटी पर खरे उतर सकें। सभी पार्टियां चुनाव जीतने के लिए चुनावी बिसात तो बिछा रही हैं, लेकिन प्रत्याशियों का चयन अब तक नहीं कर पाई हैं। यह हाल तब है, जब 27 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है।