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परीक्षा से घबराएं नहीं, धैर्य से लें काम
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:40 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा की परीक्षा सिर पर है। कई घंटों की पढ़ाई के बाद भी बच्चों को कई तरह की उलझनें सता रही हैं। कुछ बच्चों का कोर्स नहीं पूरा है तो किसी का कोर्स पूरा होते हुए भी उनमें आत्मविश्वास की कमी के कारण परीक्षा को लेकर डर सता रहा है।
अभिभावक भी बच्चों को बार-बार पढ़ने को कह कर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में बच्चों पर बेवजह तनाव पड़ रहा है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि छात्र-छात्राएं परीक्षा से घबराएं नहीं। धैर्य से काम लें। बिना टेंशन पढ़ाई करके परीक्षा में भाग लें। जो पढ़ाई की है, उसे ही दोबारा पढ़ लें।
ऐसे में वह अच्छे अंक हासिल कर सकते हैं। अभिभावकों को भी चाहिए कि वह बच्चों की मदद करें और किसी तरह का दबाव न बनाएं। जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल कस कहन है कि यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं की चिंता लाजिमी है, लेकिन सभी को चाहिए कि वह बिना कोई टेंशन के परीक्षा में हिस्सा लें।
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भरपूर भोजन करें। पहले से जो पढ़ाई की है, उसे ही दोबारा पढ़ ले तो अच्छे अंक आ सकते हैं। टेंशन में रहने के कारण बच्चे डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। भूख कम लगती है, नींद कम आती है। चिड़चिड़ापन रहता है। पांचन शक्ति कमजोर होने से उल्टी-दस्त का भी खतरा रहता है।
अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को ख्याल रखें। पढ़ाई को लेकर अन्यथा दबाव न बनाएं। खुशी माहौल में उसे परीक्षा देने दें। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि परीक्षा के समय में छात्र-छात्राओं को किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए।
बस उनका पूरा मन पढ़ाई पर लगाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि टाइमटेबल बना लें, उसी के तहत पढ़ाई का कार्य करें। खासकर सुबह उठकर पढ़ाई करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। कुछ देर पढ़ाई करने के बाद बंद कर दें। इसके बाद फिर पढ़ाई शुरू करें।
काफी समय से पढ़ाई करने से दिमाग पर अधिक जोर पड़ता है। इससे पढ़ाई भी ठीक नहीं होती। अभिभावक भी बच्चों को ख्याल रखें। किसी तरह का दबाव न बनाएं। डीआईओएस डॉ. विनय मोहन ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। परीक्षाएं भी जल्द शुरू होने वाली हैं।
इसलिए जरूरी है कि बच्चों पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए। अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने लाडलों के खानपान पर ध्यान दें। बच्चे को अपने तरीके से पढ़ाई करने दें। छात्र-छात्राओं को चाहिए कि जो भी कोर्स पढ़ाया गया है, उसे ही ठीक तरीके से पढ़ लें। परीक्षा को लेकर बच्चे किसी तरह का टेंशन न पालें।
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अभिभावक भी बच्चों को बार-बार पढ़ने को कह कर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में बच्चों पर बेवजह तनाव पड़ रहा है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि छात्र-छात्राएं परीक्षा से घबराएं नहीं। धैर्य से काम लें। बिना टेंशन पढ़ाई करके परीक्षा में भाग लें। जो पढ़ाई की है, उसे ही दोबारा पढ़ लें।
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ऐसे में वह अच्छे अंक हासिल कर सकते हैं। अभिभावकों को भी चाहिए कि वह बच्चों की मदद करें और किसी तरह का दबाव न बनाएं। जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल कस कहन है कि यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं की चिंता लाजिमी है, लेकिन सभी को चाहिए कि वह बिना कोई टेंशन के परीक्षा में हिस्सा लें।
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भरपूर भोजन करें। पहले से जो पढ़ाई की है, उसे ही दोबारा पढ़ ले तो अच्छे अंक आ सकते हैं। टेंशन में रहने के कारण बच्चे डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। भूख कम लगती है, नींद कम आती है। चिड़चिड़ापन रहता है। पांचन शक्ति कमजोर होने से उल्टी-दस्त का भी खतरा रहता है।
अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को ख्याल रखें। पढ़ाई को लेकर अन्यथा दबाव न बनाएं। खुशी माहौल में उसे परीक्षा देने दें। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि परीक्षा के समय में छात्र-छात्राओं को किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए।
बस उनका पूरा मन पढ़ाई पर लगाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि टाइमटेबल बना लें, उसी के तहत पढ़ाई का कार्य करें। खासकर सुबह उठकर पढ़ाई करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। कुछ देर पढ़ाई करने के बाद बंद कर दें। इसके बाद फिर पढ़ाई शुरू करें।
काफी समय से पढ़ाई करने से दिमाग पर अधिक जोर पड़ता है। इससे पढ़ाई भी ठीक नहीं होती। अभिभावक भी बच्चों को ख्याल रखें। किसी तरह का दबाव न बनाएं। डीआईओएस डॉ. विनय मोहन ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। परीक्षाएं भी जल्द शुरू होने वाली हैं।
इसलिए जरूरी है कि बच्चों पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए। अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने लाडलों के खानपान पर ध्यान दें। बच्चे को अपने तरीके से पढ़ाई करने दें। छात्र-छात्राओं को चाहिए कि जो भी कोर्स पढ़ाया गया है, उसे ही ठीक तरीके से पढ़ लें। परीक्षा को लेकर बच्चे किसी तरह का टेंशन न पालें।