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देखती रही पुलिस और जेसीबी से ढहवा दी गई जिला अस्पताल की पुलिस चौकी
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रायबरेली। जिला अस्पताल में बनी पुलिस चौकी मंगलवार को हटवा दी गई। जेसीबी की मदद से ढहाते समय दरोगा और सिपाही लाचार नजर आए। इमरजेंसी कक्ष के पास मरीजों के बैठने के लिए बने विश्राम कक्ष में ही चौकी का सामान रखवा दिया गया। चौकी के लिए अलग से कोई कमरा तक नहीं दिया गया।
जिला अस्पताल में अक्सर झगड़ा होता रहता था। मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों, कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं होती थीं। इसे देखते हुए वर्ष 2019 में तत्कालीन सदर कोतवाल अतुल सिंह ने अधिकारियों की सहमति से जिला अस्पताल में अस्थायी चौकी बनवाई थी। फर्नीचर, एसी समेत अन्य सामान लगाने पर तकरीबन दो लाख रुपये का खर्च हुआ था। तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा व एसपी सुनील कुमार सिंह ने चौकी का लोकार्पण किया गया था।
चौकी पर एक प्रभारी समेत सात लोगों को तैनात किया गया था। सोमवार को जेसीबी की मदद से से चौकी को ढहवा दिया गया। पुलिस कर्मियों का सामान भी तहस-नहस कर दिया गया। अब सवाल हैं कि क्या जिला अस्पताल में पुलिस की जरूरत नहीं है।
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जिला अस्पताल के जिस परिसर पर पुलिस चौकी स्थापित थी, वहां रास्ता संकरा है। इसलिए इमरजेंसी तक एक ही एंबुलेंस पहुंच पाती है। अधिक एंबुलेंस आने पर मरीजों को परेशानी होती है। जनता के हित में चौकी को अस्पताल परिसर में ही शिफ्ट करा दिया गया है।
डॉ. नीता साहू, सीएमएस, जिला अस्पताल
जिला अस्पताल में डॉक्टरों, स्टाफ और रोगियों, तीमारदारों की सुरक्षा के लिए लिहाज से अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। कोई भी निर्णय लेने से पहले आपस में विचार विमर्श करना व्यवहारिक होता।
- श्लोक कुमार, एसपी
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जिला अस्पताल में अक्सर झगड़ा होता रहता था। मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों, कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं होती थीं। इसे देखते हुए वर्ष 2019 में तत्कालीन सदर कोतवाल अतुल सिंह ने अधिकारियों की सहमति से जिला अस्पताल में अस्थायी चौकी बनवाई थी। फर्नीचर, एसी समेत अन्य सामान लगाने पर तकरीबन दो लाख रुपये का खर्च हुआ था। तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा व एसपी सुनील कुमार सिंह ने चौकी का लोकार्पण किया गया था।
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चौकी पर एक प्रभारी समेत सात लोगों को तैनात किया गया था। सोमवार को जेसीबी की मदद से से चौकी को ढहवा दिया गया। पुलिस कर्मियों का सामान भी तहस-नहस कर दिया गया। अब सवाल हैं कि क्या जिला अस्पताल में पुलिस की जरूरत नहीं है।
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जिला अस्पताल के जिस परिसर पर पुलिस चौकी स्थापित थी, वहां रास्ता संकरा है। इसलिए इमरजेंसी तक एक ही एंबुलेंस पहुंच पाती है। अधिक एंबुलेंस आने पर मरीजों को परेशानी होती है। जनता के हित में चौकी को अस्पताल परिसर में ही शिफ्ट करा दिया गया है।
डॉ. नीता साहू, सीएमएस, जिला अस्पताल
जिला अस्पताल में डॉक्टरों, स्टाफ और रोगियों, तीमारदारों की सुरक्षा के लिए लिहाज से अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। कोई भी निर्णय लेने से पहले आपस में विचार विमर्श करना व्यवहारिक होता।
- श्लोक कुमार, एसपी