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सत्यापन कराने को आठ हजार किसान कर रहे भागदौड़

Sat, 11 Dec 2021 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 12:12 AM IST
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Eight thousand farmers are running for verification
रायबरेली। जिले में खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर धान तौल व्यवस्था पटरी से पूरी तरह उतर चुकी है। हाल ये है कि आठ हजार किसानों का सत्यापन नहीं हो सका है।
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इस वजह से किसान केंद्रों पर अपना धान नहीं तौल करा पा रहे हैं। उठान और बोरे की कमी से भी धान खरीद प्रभावित चल रही है। इससे किसानों को केंद्रों पर रतजगा करना पड़ रहा है।
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जिले में किसानों की संख्या करीब साढ़े चार लाख है, लेकिन इसमें से तीन लाख किसानों को अपना धान क्रय केंद्रों पर बिक्री करना है।
धान खरीद प्रक्रिया जहां सुस्त गति से चल रही है, वहीं पंजीकरण और सत्यापन कार्य धीमा होने से किसानों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धान बेचने के लिए 35 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें से आठ हजार किसानों का सत्यापन नहीं हो सका है।
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बिना सत्यापन के कोई भी किसान धान नहीं बेच सकता है। अब तक 47 हजार 476 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। केंद्रों से धान का उठान भी नहीं हो पा रहा है। इस वजह से भी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
चावल का उठान भी नहीं हो पा रहा है। चावल एफसीआई में जाने के बाद ही किसानों को भुगतान किया जा रहा है। जाहिर है कि सतांव, खीरों, ऊंचाहार, राही, दीनशाहगौरा, खीरों, ऊंचाहार, जगतपुर समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों और जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में खुले क्रय केंद्र में धान बेचने में किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खास बात ये है कि उठान न होने के कारण धान केंद्रों के बाहर डंप है। यदि बारिश हो जाए तो धान खराब भी हो सकता है।
80 करोड़ का खरीदा धान, आठ करोड़ का भुगतान बाकी
जिले में अब तक 80 करोड़ रुपये का धान केंद्रों पर खरीदा जा चुका है। इसके एवज में केंद्रों के जरिए 72 करोड़ का भुगतान किसानों को कर दिया गया है।
आठ करोड़ का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। इसके पीछे अफसरों का तर्क है कि चावल एफसीआई गोदाम तक नहीं पहुंच पा रहा है। एफसीआई तक चावल पहुंचने के बाद ही धान खरीद की प्रक्रिया पूरी हो पाती है। इसके बाद ही किसानों का भुगतान किया जाता है। जल्द चावल एफसीआई गोदाम पहुंचाकर शेष किसानों का बकाया भुगतान किया जाएगा।
आंकड़ों पर एक नजर
खरीद का लक्ष्य 1.71 लाख मीट्रिक टन
अब तक हुई खरीद 47,476 मीट्रिक टन
केंद्रों पर डंप 18,290 हजार मीट्रिक टन
धान क्रय केंद्रों की संख्या 82
पंजीकरण कराने वाले किसान 35 हजार
सत्यापित किसान 27 हजार
केंद्रों पर गुजारनी पड़ रही रात
गदागंज/बछरावां। दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र के बांसी रिहायक पूरे बरवन गांव के किसान चंद्रशेखर अग्निहोत्री, श्रीनाथ का कहना है कि धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति साईं में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। धान बेचने के लिए समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पंजीकरण और टोकन नहीं मिल पा रहा है। उधर, बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के किसान श्रीश कुमार, विनोद कुमार का कहना है कि केंद्रों पर धान बेचने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। धान बेचने के लिए केंद्रों पर रात गुजारनी पड़ रही है। इसके बाद भी नंबर नहीं आ रहा है। टोकन तक समय पर नहीं मिल पा रहा है।

जिले के 82 क्रय केंद्रों पर धान तौल कराई जा रही है। अब तक 47 हजार 476 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। किसानों का पंजीकरण और सत्यापन कराया जा रहा है। पहले से धान खरीद व्यवस्था में सुधार आया है। किसानों को 72 करोड़ का भुगतान करा दिया गया है। शेष आठ करोड़ का भुगतान भी जल्द करा दिया जाएगा।
रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ
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