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मानव संपदा पोर्टल पर 10700 शिक्षकों का डाटा हुआ अपलोड
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रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों की मानव संपदा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। जिले के लगभग 10700 प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का डाटा अपलोड कर दिया गया है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों के लगभग सात हजार और जूनियर हाईस्कूलों के लगभग साढ़े तीन हजार स्टाफ शामिल हैं।
जिले के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 4600 प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। वहीं करीब 2300 शिक्षामित्र भी पढ़ाते हैं। इसी तरह जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों की संख्या तीन हजार से अधिक है और छह सौ से अधिक अनुदेशक भी कार्यरत हैं।
जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि मानव संपदा पोर्टल पर डाटा फीडिंग और प्रपत्र अपलोड करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। जिला स्तर पर लगातार निगरानी होती रहती है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि डाटा फीडिंग के कुछ मामलों में गड़बड़ी आई थी, जो अब दूर हो चुकी है। अगर अब भी कोई कमी रह गई है तो उसे ठीक करवा लिया जाएगा।
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संदेह के घेरे में आए थे चार शिक्षक
मानव संपदा पोर्टल पर हुई डाटा फीडिंग में त्रुटि के कारण चार शिक्षकों के फर्जी होने का मामला सामने आया था। इनके खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई हुई थी। अभिलेखों की छानबीन कराई गई तो सच्चाई सामने आई। बाद में डाटा सही कराया गया तो शिक्षकों और अफसरों ने राहत की सांस ली।
नए शिक्षकों की आईडी भी बनी
प्रदेश में हुई 69000 शिक्षक भर्ती के तहत इस जिले में नवनियुक्त शिक्षकों की डाटा फीडिंग भी कराई जा रही है। शिक्षकों की जॉइनिंग के साथ ही उनकी आईडी बनाई जा रही है। जिला समन्वयक (एमआईएस) की मानें तो नए शिक्षकों की आईडी जेनरेट करके उनकी तैनाती वाले ब्लॉकों को ट्रांसफर की जा रही है।
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जिले के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 4600 प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। वहीं करीब 2300 शिक्षामित्र भी पढ़ाते हैं। इसी तरह जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों की संख्या तीन हजार से अधिक है और छह सौ से अधिक अनुदेशक भी कार्यरत हैं।
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जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि मानव संपदा पोर्टल पर डाटा फीडिंग और प्रपत्र अपलोड करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। जिला स्तर पर लगातार निगरानी होती रहती है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि डाटा फीडिंग के कुछ मामलों में गड़बड़ी आई थी, जो अब दूर हो चुकी है। अगर अब भी कोई कमी रह गई है तो उसे ठीक करवा लिया जाएगा।
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संदेह के घेरे में आए थे चार शिक्षक
मानव संपदा पोर्टल पर हुई डाटा फीडिंग में त्रुटि के कारण चार शिक्षकों के फर्जी होने का मामला सामने आया था। इनके खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई हुई थी। अभिलेखों की छानबीन कराई गई तो सच्चाई सामने आई। बाद में डाटा सही कराया गया तो शिक्षकों और अफसरों ने राहत की सांस ली।
नए शिक्षकों की आईडी भी बनी
प्रदेश में हुई 69000 शिक्षक भर्ती के तहत इस जिले में नवनियुक्त शिक्षकों की डाटा फीडिंग भी कराई जा रही है। शिक्षकों की जॉइनिंग के साथ ही उनकी आईडी बनाई जा रही है। जिला समन्वयक (एमआईएस) की मानें तो नए शिक्षकों की आईडी जेनरेट करके उनकी तैनाती वाले ब्लॉकों को ट्रांसफर की जा रही है।