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दुधमुंही बच्ची को कमर में बांधकर नहर में कूदी महिला, बच्ची की मौत
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खीरों (रायबरेली)। मना करने के बाद भी पति के बरात चले जाने से खफा महिला दुधमुंही बच्ची को कमर में बांधकर नहर में कूद गई।
डूबने से बच्ची की मौत होने के बाद खुद शव लेकर घर पहुंच गई। बच्ची का शव देखकर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खीरों थाना क्षेत्र के चमारन का पुरवा मजरे एकौनी निवासी संजय कुरील ने पांच वर्ष पहले जगन्नाथ का पुरवा बाल्हेमऊ गांव निवासी कुसुम से प्रेम विवाह किया था।
शादी के बाद से दोनों में अक्सर कहासुनी हुआ करती थी। अक्सर नाराज होकर कुसुम कभी अपने मायके तो कभी रिश्तेदारी में चली जाती थी। शादी के पांच साल बाद उसे एक बेटी खुशी (7 माह) हुई।
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21 जून की शाम संजय एक बरात में शामिल होने जा रहा था। कुसुम ने विरोध करते हुए उसे जाने से रोका, लेकिन संजय बरात चला गया। देर रात वह वापस घर लौट आया।
बताते हैं कि बुधवार सुबह संजय काम करने चला गया। शाम को जब लौटा तो घर में कुसुम व बेटी खुशी नहीं मिली। पत्नी के किसी रिश्तेदारी में चली जाने की बात सोचकर वह खाना खाकर सो गया। तभी देर रात 10 बजे कुसुम अपने हाथ में मृत बच्ची के शव को लेकर घर पहुंची और रोने लगी।
खुशी को मृत देखकर संजय व परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पूछताछ में कुसुम ने बताया कि वह नाराज होकर शारदा सहायक नहर के पास पहुंची, जहां बेटी खुशी को कमर में बांधकर आत्महत्या करने के इरादे से गांव से 500 मीटर दूर शारदा सहायक नहर में लोधई घाट के पास कूद गई।
इसी दौरान उधर से गुजर रहे राहगीर ने मुझे पानी से निकाला, लेकिन तब तक खुशी की मौत हो चुकी थी। थानेदार आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है।
कुसुम के कबूलनामे पर उठ रहे सवाल
नहर में डूबने के बाद मासूम की मौत व मां कुसुम के बच जाने के बाद कई बातें संदिग्ध लग रही हैं। जिस शारदा सहायक नहर के लोधई घाट में कुसुम बेटी को कमर में बांधकर आत्महत्या के लिए कूदी थी। उस नहर में पानी बहुत कम है। वहीं शाम से घर से गायब कुसुम रात 10 बजे घर वापस आई।
इस दौरान वह तीन चार घंटे कहां थी। यदि वह शाम को नहर में कूदी थी तो नहर पटरी से गुजरने वाले लोगों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। अगर उसने रात में घटना को अंजाम दिया तो तीन से चार घंटे वह कहां थी। इन बिंदुओं पर पुलिस पड़ताल कर रही है।
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डूबने से बच्ची की मौत होने के बाद खुद शव लेकर घर पहुंच गई। बच्ची का शव देखकर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खीरों थाना क्षेत्र के चमारन का पुरवा मजरे एकौनी निवासी संजय कुरील ने पांच वर्ष पहले जगन्नाथ का पुरवा बाल्हेमऊ गांव निवासी कुसुम से प्रेम विवाह किया था।
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शादी के बाद से दोनों में अक्सर कहासुनी हुआ करती थी। अक्सर नाराज होकर कुसुम कभी अपने मायके तो कभी रिश्तेदारी में चली जाती थी। शादी के पांच साल बाद उसे एक बेटी खुशी (7 माह) हुई।
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21 जून की शाम संजय एक बरात में शामिल होने जा रहा था। कुसुम ने विरोध करते हुए उसे जाने से रोका, लेकिन संजय बरात चला गया। देर रात वह वापस घर लौट आया।
बताते हैं कि बुधवार सुबह संजय काम करने चला गया। शाम को जब लौटा तो घर में कुसुम व बेटी खुशी नहीं मिली। पत्नी के किसी रिश्तेदारी में चली जाने की बात सोचकर वह खाना खाकर सो गया। तभी देर रात 10 बजे कुसुम अपने हाथ में मृत बच्ची के शव को लेकर घर पहुंची और रोने लगी।
खुशी को मृत देखकर संजय व परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पूछताछ में कुसुम ने बताया कि वह नाराज होकर शारदा सहायक नहर के पास पहुंची, जहां बेटी खुशी को कमर में बांधकर आत्महत्या करने के इरादे से गांव से 500 मीटर दूर शारदा सहायक नहर में लोधई घाट के पास कूद गई।
इसी दौरान उधर से गुजर रहे राहगीर ने मुझे पानी से निकाला, लेकिन तब तक खुशी की मौत हो चुकी थी। थानेदार आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है।
कुसुम के कबूलनामे पर उठ रहे सवाल
नहर में डूबने के बाद मासूम की मौत व मां कुसुम के बच जाने के बाद कई बातें संदिग्ध लग रही हैं। जिस शारदा सहायक नहर के लोधई घाट में कुसुम बेटी को कमर में बांधकर आत्महत्या के लिए कूदी थी। उस नहर में पानी बहुत कम है। वहीं शाम से घर से गायब कुसुम रात 10 बजे घर वापस आई।
इस दौरान वह तीन चार घंटे कहां थी। यदि वह शाम को नहर में कूदी थी तो नहर पटरी से गुजरने वाले लोगों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। अगर उसने रात में घटना को अंजाम दिया तो तीन से चार घंटे वह कहां थी। इन बिंदुओं पर पुलिस पड़ताल कर रही है।