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दीपावली पर रोशनी से नहाया शहर
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:34 PM IST
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इन्हें बंदनवार और झालरों से सजाया गया है। रंगोली बनाकर लोग मां लक्ष्मी की आवाभगत करने में जुटे हैं। इंतजार है तो बस शाम होने का। शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी।
इससे पूर्व मंगलवार को दिनभर बाजार में चहल-पहल रही। पूजा के लिए गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं, लइया, खील, बताशे, गट्टे और चीनी के खिलौने खरीदने के लिए रात तक लोग बाजार में उमड़ते रहे।
वहीं, शाम होते ही मकान-दुकान और मंदिर विद्युत झालरों से जगमगा उठा। बाजार और गली-मोहल्लों की रौनक देखते ही बनी। दीपावली को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है।
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दीपों के पर्व पर मंगलवार को लोगों ने दुकानों में जमकर खरीदारी की। मिठाई, पटाखा से लेकर कपड़ों का बाजार गर्म रहा। शहर में त्योहार के मद्देनजर बाजार सजा रहा।
वहीं शाम होते-होते दीये और झालरों से घर व भवन जगमगा उठा। ऐसा लगा मानों सारा संसार ही रोशन हो गया। रोशनी के इस पर्व में दीयों की अपेक्षा चाइनीज झालरों का बाजार ज्यादा गर्म रहा।
दीपावली में मिट्टी के दीपक जलाने का काफी महत्व है। यही वजह है कि दीपावली में लोगों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के डिजाइनदार दीपक तैयार किए जाते हैं।
इस बार आम से लेकर खास लोगों के लिए अलग-अलग दामों में दीपक तैयार हैं। इसमें साधारण दीपक 60 रुपये, डिजाइनदार दीपक 150 रुपये प्रति सैकड़ा, आरती सेट 80 रुपये प्रति पीस और बड़ा दीपक पांच रुपये प्रति पीस बिका।
दीपावली में छेना, रसगुल्ला से लेकर काजू बर्फी की डिमांड सबसे अधिक रही। मिठाई विक्रेता राजेंद्र मोदनवाल का कहना है कि 200 रुपये प्रति किग्रा से लेकर 500 रुपये प्रति किग्रा तक की मिठाई की बिक्री हुई है।
काफी मात्रा में मिठाई लेने वालों ने पहले से आर्डर बुक करा रखा था। इसी तरह पटाखा बाजार भी खूब चमका। मिर्ची से लेकर आसमान में रंगबिरंगी लाइट छोड़ने वाले पटाखों की बिक्री हुई।
विक्रेता असलम, मुनेश कुमार, आरजू का कहना है कि सबसे अधिक फुलझड़ी, चकरगिन्नी, मिर्ची, राकेट, अनार आदि बिके। पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश और पूजन सामग्री खरीदने वालों का तांता लगा रहा।
फूलों का बाजार खूब महका। रामकृपाल तिराहे के अलावा कई स्थानों पर लगी फूलों की दुकानों पर भी खूब भीड़ नजर आई। कमल के फूल की सबसे अधिक बिक्री हुई।
इसके चलते एक फूल की कीमत 30 रुपये से लेकर 80 रुपये तक रही। फूल विक्रेता राजू, बबलू का कहना है कि सबसे अधिक कमल के फूल की मांग रही। इसके अलावा लोगों ने माला भी खरीदी।
पंडित सुरेश कुमार पाठक का कहना है कि शाम 5.27 बजे से गणेश लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त शुभ होगा। यह वृषभ लग्न में आता है। इसके बाद से रात 7.24 बजे तक पूजा की जा सकेगी। सुबह अमावस्या रहेगा।
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इससे पूर्व मंगलवार को दिनभर बाजार में चहल-पहल रही। पूजा के लिए गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं, लइया, खील, बताशे, गट्टे और चीनी के खिलौने खरीदने के लिए रात तक लोग बाजार में उमड़ते रहे।
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वहीं, शाम होते ही मकान-दुकान और मंदिर विद्युत झालरों से जगमगा उठा। बाजार और गली-मोहल्लों की रौनक देखते ही बनी। दीपावली को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है।
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दीपों के पर्व पर मंगलवार को लोगों ने दुकानों में जमकर खरीदारी की। मिठाई, पटाखा से लेकर कपड़ों का बाजार गर्म रहा। शहर में त्योहार के मद्देनजर बाजार सजा रहा।
वहीं शाम होते-होते दीये और झालरों से घर व भवन जगमगा उठा। ऐसा लगा मानों सारा संसार ही रोशन हो गया। रोशनी के इस पर्व में दीयों की अपेक्षा चाइनीज झालरों का बाजार ज्यादा गर्म रहा।
दीपावली में मिट्टी के दीपक जलाने का काफी महत्व है। यही वजह है कि दीपावली में लोगों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के डिजाइनदार दीपक तैयार किए जाते हैं।
इस बार आम से लेकर खास लोगों के लिए अलग-अलग दामों में दीपक तैयार हैं। इसमें साधारण दीपक 60 रुपये, डिजाइनदार दीपक 150 रुपये प्रति सैकड़ा, आरती सेट 80 रुपये प्रति पीस और बड़ा दीपक पांच रुपये प्रति पीस बिका।
दीपावली में छेना, रसगुल्ला से लेकर काजू बर्फी की डिमांड सबसे अधिक रही। मिठाई विक्रेता राजेंद्र मोदनवाल का कहना है कि 200 रुपये प्रति किग्रा से लेकर 500 रुपये प्रति किग्रा तक की मिठाई की बिक्री हुई है।
काफी मात्रा में मिठाई लेने वालों ने पहले से आर्डर बुक करा रखा था। इसी तरह पटाखा बाजार भी खूब चमका। मिर्ची से लेकर आसमान में रंगबिरंगी लाइट छोड़ने वाले पटाखों की बिक्री हुई।
विक्रेता असलम, मुनेश कुमार, आरजू का कहना है कि सबसे अधिक फुलझड़ी, चकरगिन्नी, मिर्ची, राकेट, अनार आदि बिके। पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश और पूजन सामग्री खरीदने वालों का तांता लगा रहा।
फूलों का बाजार खूब महका। रामकृपाल तिराहे के अलावा कई स्थानों पर लगी फूलों की दुकानों पर भी खूब भीड़ नजर आई। कमल के फूल की सबसे अधिक बिक्री हुई।
इसके चलते एक फूल की कीमत 30 रुपये से लेकर 80 रुपये तक रही। फूल विक्रेता राजू, बबलू का कहना है कि सबसे अधिक कमल के फूल की मांग रही। इसके अलावा लोगों ने माला भी खरीदी।
पंडित सुरेश कुमार पाठक का कहना है कि शाम 5.27 बजे से गणेश लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त शुभ होगा। यह वृषभ लग्न में आता है। इसके बाद से रात 7.24 बजे तक पूजा की जा सकेगी। सुबह अमावस्या रहेगा।