{"_id":"8cd482c340c5b42f821c15fcde6c6cff","slug":"the-current-controversy-over-the-death-of-the-farmer-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करंट से किसान की मौत पर बवाल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
करंट से किसान की मौत पर बवाल
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस से परिवारीजनों के तीखी तकरार हुई। आरोप लगाया कि डॉक्टर के इलाज में लापरवाही बरतने से किसान की मौत हुई। परिवारीजनों का कहना कि डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत डीएम से की जाएगी।
सरेनी थाना क्षेत्र के नेवाजीखेड़ा निवासी रमेश बहादुर सिंह (45) किसानी करता था। गुरुवार दोपहर खेत में पानी लगाने गया था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजरी बिजली की लाइन का एक तार टूटकर रमेश बहादुर पर गिर पड़ा।
जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां देर शाम उसने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से परिवारीजन भड़क गए।
सभी जिला अस्पताल के वार्ड से स्ट्रेचर के जरिए शव को लेकर बाहर निकाल लाए। जिला अस्पताल चौराहा पर स्ट्रेचर समेत शव को रख दिया। नारेबाजी के साथ हंगामा किया। पुलिस से भी नोकझोंक हुई।
विज्ञापन
मृतक के भाई उदय बहादुर, भतीजे अजय सिंह का आरोप है कि डॉ. एसपी सिंह ने एक बार ही रमेश को देखा। हालत बिगड़ने पर उन्हें बुलाया गया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। काफी देर बाद लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।
आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के चलते ही रमेश की मौत हुई है। सभी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस के समझाने पर परिवारीजनों का गुस्सा शांत हुआ।
विज्ञापन
सरेनी थाना क्षेत्र के नेवाजीखेड़ा निवासी रमेश बहादुर सिंह (45) किसानी करता था। गुरुवार दोपहर खेत में पानी लगाने गया था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजरी बिजली की लाइन का एक तार टूटकर रमेश बहादुर पर गिर पड़ा।
विज्ञापन
जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां देर शाम उसने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से परिवारीजन भड़क गए।
सभी जिला अस्पताल के वार्ड से स्ट्रेचर के जरिए शव को लेकर बाहर निकाल लाए। जिला अस्पताल चौराहा पर स्ट्रेचर समेत शव को रख दिया। नारेबाजी के साथ हंगामा किया। पुलिस से भी नोकझोंक हुई।
विज्ञापन
मृतक के भाई उदय बहादुर, भतीजे अजय सिंह का आरोप है कि डॉ. एसपी सिंह ने एक बार ही रमेश को देखा। हालत बिगड़ने पर उन्हें बुलाया गया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। काफी देर बाद लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।
आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के चलते ही रमेश की मौत हुई है। सभी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस के समझाने पर परिवारीजनों का गुस्सा शांत हुआ।