{"_id":"57deddd04f1c1b0e4ea82861","slug":"old-age-pension-stopped-showing-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्धा को मृत दिखाकर रोक दी पेंशन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वृद्धा को मृत दिखाकर रोक दी पेंशन
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
पेंशन
- फोटो : getty images
ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र की एक वृद्धा को मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोक दी गई। वह अपनी पेंशन बहाल कराने के लिए के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन ब्लॉक के अधिकारी उनसे जिंदा होने का सबूत मांग रहे हैं।
मामला ऊंचाहार थाना क्षेत्र के पट्टी रहस कैथवल गांव का है। यहां की रहने वाली जनक दुलारी को सन 2009 में वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत हुई थी। 2013 तक उनको पेंशन मिलती रही। उसके बाद अचानक पेंशन आना बंद हो गई।
पहले तो जनक दुलारी पेंशन आने का इंतजार करती रहीं। लेकिन जब पेंशन नहीं आई तो उन्होंने कारण पता लगाना शुरू किया। जानकारी मिली सरकारी अभिलेखों में मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोक दी गई है।
विज्ञापन
खुद को जिंदा साबित करने के लिए वृद्धा अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन सरकारी तंत्र उससे जिंदा होने का सबूत मांग रहा है। बीडीओ राघवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच कराकर वृद्धा को पेंशन का लाभ दिलवाया जाएगा।
विज्ञापन
मामला ऊंचाहार थाना क्षेत्र के पट्टी रहस कैथवल गांव का है। यहां की रहने वाली जनक दुलारी को सन 2009 में वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत हुई थी। 2013 तक उनको पेंशन मिलती रही। उसके बाद अचानक पेंशन आना बंद हो गई।
विज्ञापन
पहले तो जनक दुलारी पेंशन आने का इंतजार करती रहीं। लेकिन जब पेंशन नहीं आई तो उन्होंने कारण पता लगाना शुरू किया। जानकारी मिली सरकारी अभिलेखों में मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोक दी गई है।
विज्ञापन
खुद को जिंदा साबित करने के लिए वृद्धा अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन सरकारी तंत्र उससे जिंदा होने का सबूत मांग रहा है। बीडीओ राघवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच कराकर वृद्धा को पेंशन का लाभ दिलवाया जाएगा।