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कातिल बाहरी या फिर करीबी, सस्पेंस बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:11 AM IST
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थुलेंडी गांव में हुई सनसनीखेज वारदात से कई ऐसे सवाल उठे हैं, जिसने कातिल बाहरी हैं या फिर करीबी, इस पर सस्पेंस बना दिया है। वहीं हत्या रंजिश में या फिर संपत्ति के लालच अथवा बिजनेस के वर्चस्व में की गई है।
इन बिंदुओं को शामिल करके पुलिस तह तक जाने का प्रयास कर रही है। बछरावां थाना क्षेत्र के थुलेंडी गांव के श्रीशचंद्र शुक्ला का छोटकवा खेड़ा में भट्ठा है। गांव के अलावा बछरावां कस्बे में भी उसका मकान है।
कभी-कभी श्रीशचंद्र शुक्ला बछरावां में रुक जाता था, लेकिन अधिकतर वह गांव में ही रहता था। श्रीशचंद शुक्ला तीन भाइयों में सबसे छोटा है। बड़ा भाई सतीश शुक्ला पेय पदार्थ की एजेंसी चलाता है।
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मंझला भाई हरीश शुक्ला गांव में रहकर किसानी करता है। पुलिस पहले यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भट्ठा व्यवसायी को लेनदेन को लेकर किसी ने धमकी तो नहीं दी थी।
अब तक की पड़ताल में करीबियों पर ही पुलिस की शक की सुई ज्यादा घूम रही है। वजह घर का सारा सामान सुरक्षित है। लूट जैसी कोई बात भी नहीं है। रंजिश की बात सामने नहीं आई है।
पुलिस के मुताबिक जिस समय घटना को अंजाम दिया गया, उस समय मृतका के शव पर कोई कपड़ा नहीं था। सुबह जेठानी घर पहुंची उसने शरीर को कपड़े से ढक दिया। पुलिस पहुंची तो उसके कपड़े बरामद किए, जो बेड के नीचे पेड़ थे।
पुलिस ने वहां पर मौजूद सुराग जुटाए और उसी के आधार पर पड़ताल कर रही है। बछरावां थानेदार के मुताबिक लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती भट्ठा व्यवसायी को होश आ गया है। होश आने पर उससे घटना की बाबत पूछताछ की गई।
इस पर उसका कहना था कि घटना की बाबत हम कल बतांएंगे। भट्ठा व्यवसायी की यह बात घटना को लेकर संदेह उत्पन्न कर रही है। मृतका के दो वर्षीय बेटे सक्षम शुक्ला से भी पुलिस घटना के बारे में पूछताछ कर रही है।
सुबह बेटा जब घर से बाहर आया तो मृतका की जेठानी पहुंची। जेठानी घर के अंदर पहुंची तो दिव्या शुक्ला मृत अवस्था में पड़ी थी। पुलिस बेटे से पूछताछ कर रही है कि मां-पिता के बीच कोई बात तो नहीं हुई थी। हालांकि सहमा बेटा सक्षम कुछ नहीं बता पा रहा है।
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इन बिंदुओं को शामिल करके पुलिस तह तक जाने का प्रयास कर रही है। बछरावां थाना क्षेत्र के थुलेंडी गांव के श्रीशचंद्र शुक्ला का छोटकवा खेड़ा में भट्ठा है। गांव के अलावा बछरावां कस्बे में भी उसका मकान है।
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कभी-कभी श्रीशचंद्र शुक्ला बछरावां में रुक जाता था, लेकिन अधिकतर वह गांव में ही रहता था। श्रीशचंद शुक्ला तीन भाइयों में सबसे छोटा है। बड़ा भाई सतीश शुक्ला पेय पदार्थ की एजेंसी चलाता है।
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मंझला भाई हरीश शुक्ला गांव में रहकर किसानी करता है। पुलिस पहले यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भट्ठा व्यवसायी को लेनदेन को लेकर किसी ने धमकी तो नहीं दी थी।
अब तक की पड़ताल में करीबियों पर ही पुलिस की शक की सुई ज्यादा घूम रही है। वजह घर का सारा सामान सुरक्षित है। लूट जैसी कोई बात भी नहीं है। रंजिश की बात सामने नहीं आई है।
पुलिस के मुताबिक जिस समय घटना को अंजाम दिया गया, उस समय मृतका के शव पर कोई कपड़ा नहीं था। सुबह जेठानी घर पहुंची उसने शरीर को कपड़े से ढक दिया। पुलिस पहुंची तो उसके कपड़े बरामद किए, जो बेड के नीचे पेड़ थे।
पुलिस ने वहां पर मौजूद सुराग जुटाए और उसी के आधार पर पड़ताल कर रही है। बछरावां थानेदार के मुताबिक लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती भट्ठा व्यवसायी को होश आ गया है। होश आने पर उससे घटना की बाबत पूछताछ की गई।
इस पर उसका कहना था कि घटना की बाबत हम कल बतांएंगे। भट्ठा व्यवसायी की यह बात घटना को लेकर संदेह उत्पन्न कर रही है। मृतका के दो वर्षीय बेटे सक्षम शुक्ला से भी पुलिस घटना के बारे में पूछताछ कर रही है।
सुबह बेटा जब घर से बाहर आया तो मृतका की जेठानी पहुंची। जेठानी घर के अंदर पहुंची तो दिव्या शुक्ला मृत अवस्था में पड़ी थी। पुलिस बेटे से पूछताछ कर रही है कि मां-पिता के बीच कोई बात तो नहीं हुई थी। हालांकि सहमा बेटा सक्षम कुछ नहीं बता पा रहा है।