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हादसे में पिता-पुत्र की मौत, बवाल
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:16 PM IST
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घटना से गुस्साए लोगों ने रायबरेली-कानपुर राजमार्ग जाम करके उधर से गुजर रहे वाहनों में तोड़फोड़ की और पथराव किया।
हालात को काबू में करने पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने समझाने का प्रयास किया तो पब्लिक ने एएसपी, दरोगाओं और सिपाहियों को दौड़ा लिया।
करीब दो घंटे तक पुलिस और उग्र भीड़ के बीच टकराव चला। कभी पुलिस भीड़ को तो कभी भीड़ पुलिस को दौड़ाती रही। बवाल बढ़ने पर चुनाव ड्यूटी में लगाए गए सीआरपीके जवानों को बुलाया गया।
जवानों ने मोर्चा संभाला और लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान भीड़ ने दुर्घटना करने वाले ट्रक के चालक को भी पीटा। पुलिस भीड़ से छुड़ाकर उसे कोतवाली ले गई।
बवाल से हाईवे पूरी तरह से जाम रहा और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। कई घंटे बाद आवागमन शुरू हो सका।
बजरंग नगर (राना नगर) निवासी पंकज कुमार (35) एसडीएम सदर एसएन शुक्ला का पेशकार था। बुधवार सुबह वह बाइक से अपने बेटे अर्नव पटेल को स्कूल छोड़ने एसजेएस पब्लिक स्कूल जा रहा था।
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कानपुर रोड पर बजरंग नगर के पास मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। पिता-पुत्र सड़क पर गिर गए, तभी पीछे से आए एक अन्य ट्रक ने दोनों को रौंद दिया। दोनों की घटनास्थल पर मौत हो गई।
घटना से इलाकाई लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने रोड जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। ट्रक व बाइक समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव किया। इससे मुसाफिरों में भी दहशत रही।
सूचना पर एडीएम एससी चौधरी, एएसपी राममूरत यादव व सीओ सिटी सुशील कुमार कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन गुस्साई भीड़ ने इनमें से कई अधिकारियों को दौड़ा लिया तो कुछ इधर-उधर हो गए।
अधिकारियों से भीड़ की तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान भीड़ ने ओवरलोडिंग और वसूली रोके जाने की मांग को लेकर जमकर अभद्रता की।
हालात बिगड़ते देख चुनाव ड्यूटी के लिए आई सीआरपी को बुला लिया गया। जवानों ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने किसी तरह दोनों शवों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
भीड़ से छुड़ाकर ट्रक व चालक को कब्जे में लेकर कोतवाली भेजा। भारी फोर्स के आगे लोग शांत तो हो गए, लेकिन उनका गुस्सा पुलिस और प्रशासन पर निकलता रहा।
लोगों का कहना था कि हाईवे पर अतिक्रमण और ओवरलोडिंग के चलते हादसा हुआ। सब कुछ जानकर भी अफसर कार्रवाई नहीं करते।
उग्र भीड़ में मौजूद लोगों का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस की ओर से ओवरलोड ट्रक के चालकों से की जाने वाली वसूली के चलते यह हादसा हुआ।
आरोप है कि राजघाट के पास से पुलिस कर्मियों ने एक मौरंग के ओवरलोड ट्रक को दौड़ाया गया। भागने के चक्कर में तेज रफ्तार ट्रक ने पेशकार की बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह गिर गया। दूसरे ट्रक ने दोनों को कुचल दिया।
एसपी श्रीकांत सिंह ने बताया कि ट्रक से कुचल कर पेशकार और उसके बेटे की मौत हुई। घटना के बाद लोग उग्र हो गए थे, जिन्होंने पुलिस से अभद्र व्यवहार के साथ पथराव किया।
जिनको समझाबुझा कर शांत करा दिया गया है। ट्रक को कब्जे में ले चालक को हिरासत में ले लिया है। मृतक के पिता बाबूलाल की तहरीर पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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हालात को काबू में करने पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने समझाने का प्रयास किया तो पब्लिक ने एएसपी, दरोगाओं और सिपाहियों को दौड़ा लिया।
करीब दो घंटे तक पुलिस और उग्र भीड़ के बीच टकराव चला। कभी पुलिस भीड़ को तो कभी भीड़ पुलिस को दौड़ाती रही। बवाल बढ़ने पर चुनाव ड्यूटी में लगाए गए सीआरपीके जवानों को बुलाया गया।
जवानों ने मोर्चा संभाला और लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान भीड़ ने दुर्घटना करने वाले ट्रक के चालक को भी पीटा। पुलिस भीड़ से छुड़ाकर उसे कोतवाली ले गई।
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बवाल से हाईवे पूरी तरह से जाम रहा और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। कई घंटे बाद आवागमन शुरू हो सका।
बजरंग नगर (राना नगर) निवासी पंकज कुमार (35) एसडीएम सदर एसएन शुक्ला का पेशकार था। बुधवार सुबह वह बाइक से अपने बेटे अर्नव पटेल को स्कूल छोड़ने एसजेएस पब्लिक स्कूल जा रहा था।
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कानपुर रोड पर बजरंग नगर के पास मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। पिता-पुत्र सड़क पर गिर गए, तभी पीछे से आए एक अन्य ट्रक ने दोनों को रौंद दिया। दोनों की घटनास्थल पर मौत हो गई।
घटना से इलाकाई लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने रोड जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। ट्रक व बाइक समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव किया। इससे मुसाफिरों में भी दहशत रही।
सूचना पर एडीएम एससी चौधरी, एएसपी राममूरत यादव व सीओ सिटी सुशील कुमार कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन गुस्साई भीड़ ने इनमें से कई अधिकारियों को दौड़ा लिया तो कुछ इधर-उधर हो गए।
अधिकारियों से भीड़ की तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान भीड़ ने ओवरलोडिंग और वसूली रोके जाने की मांग को लेकर जमकर अभद्रता की।
हालात बिगड़ते देख चुनाव ड्यूटी के लिए आई सीआरपी को बुला लिया गया। जवानों ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने किसी तरह दोनों शवों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
भीड़ से छुड़ाकर ट्रक व चालक को कब्जे में लेकर कोतवाली भेजा। भारी फोर्स के आगे लोग शांत तो हो गए, लेकिन उनका गुस्सा पुलिस और प्रशासन पर निकलता रहा।
लोगों का कहना था कि हाईवे पर अतिक्रमण और ओवरलोडिंग के चलते हादसा हुआ। सब कुछ जानकर भी अफसर कार्रवाई नहीं करते।
उग्र भीड़ में मौजूद लोगों का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस की ओर से ओवरलोड ट्रक के चालकों से की जाने वाली वसूली के चलते यह हादसा हुआ।
आरोप है कि राजघाट के पास से पुलिस कर्मियों ने एक मौरंग के ओवरलोड ट्रक को दौड़ाया गया। भागने के चक्कर में तेज रफ्तार ट्रक ने पेशकार की बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह गिर गया। दूसरे ट्रक ने दोनों को कुचल दिया।
एसपी श्रीकांत सिंह ने बताया कि ट्रक से कुचल कर पेशकार और उसके बेटे की मौत हुई। घटना के बाद लोग उग्र हो गए थे, जिन्होंने पुलिस से अभद्र व्यवहार के साथ पथराव किया।
जिनको समझाबुझा कर शांत करा दिया गया है। ट्रक को कब्जे में ले चालक को हिरासत में ले लिया है। मृतक के पिता बाबूलाल की तहरीर पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।