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बंदी ने कचहरी में ब्लेड से गला काटा, साथियों का हंगामा

Fri, 09 Dec 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली Updated Fri, 09 Dec 2016 11:05 PM IST
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Captive in the court of the blade cut throat peer Ruckus
बंदी ने कचहरी में ब्लेड से गला काटा - फोटो : अमर उजाला
दीवानी कचहरी पेशी पर लाए गए एक बंदी ने शुक्रवार को ब्लेड से गला काटकर जान देने का प्रयास किया। बंदी जेल से ब्लेड लेकर आया था। इस घटना से कचहरी में हड़कंप मच गया। घटना से गुस्साए साथी बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। सीओ सदर ने पहुंचकर किसी तरह मामला शांत कराया और घायल बंदी को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में घायल बंदी ने जेलर पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि जेल के अंदर 20 रुपये में न सिर्फ दाढ़ी बनती है, बल्कि चरस, अफीम तक बिकती है।
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कानपुर नगर के जार्जमऊ निवासी दिलशाद गैंगेस्टर, एनडीपीएस, चोरी के मामले में जिला कारागार में दो साल से बंद है। सुबह उसे पेशी पर दीवानी कचहरी लाया गया था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे कचहरी स्थित लाकप में ले जाकर रखा गया था। इसी दौरान ब्लेड से दिलशाद ने गला काटकर जान देने की कोशिश की। देखते ही देखते वह खून से लतपथ हो गया।
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यह देख लॉकप के अंदर बंद अन्य साथी बंदियों में हड़कंप मच गया। गुस्साए साथी बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव व सदर कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय फोर्स के साथ कचहरी पहुंचे। सीओ ने किसी तरह बंदियों को शांत कराया। इसके बाद आननफानन घायल बंदी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया।
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जिला अस्पताल में इलाज के दौरान घायल बंदी ने जेलर पर गंभीर आरोप लगाए। बंदी का आरोप है कि जेलर की ओर से बंदियों का उत्पीड़न किया जाता है। उसके साथ मारपीट की गई है। उसने बताया कि जेल के अंदर 20 रुपये में दाढ़ी बनाई जाती है। वह जेल के अंदर से ब्लेड लेकर आया था। उसने यह भी बताया कि अफीम, चरस तक जेल के अंदर बिकती है। विरोध करने वाले बंदियों को निशाना बनाया जाता है।

आरोप गलत, बैरक बदलने से नाराज बंदी
बंदी दिलशाद के ऊपर गैंगेस्टर, एनडीपीएस, चोरी समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। शुक्रवार की सुबह दिलशाद बंदियों की गिनती में शामिल नहीं हुआ था और वह सो गया था। इस पर जेलर हरीश कुमार ने उसकी बैरक बदलने की बात कही थी। इस वजह से बंदी नाराज था और दबाव बनाने के लिए बेवजह के आरोप लगा रहा है। जेल में न तो किसी तरह की चरस, अफीम नहीं बिकती है और न ही किसी बंदी का उत्पीड़न किया जाता है। -अमिता दुबे, जेल अधीक्षक


क्या आरोप लगाए, जेल प्रशासन जाने
फोटो संख्या 27बंदी दिलशाद को पेशी के लिए दीवानी कचहरी लाया गया था। इसी दौरान उसने ब्लेड से गला काटकर जान देने का प्रयास किया था। जिला अस्पताल में इलाज के बाद उसे फिर जेल भिजवा दिया गया। उसने क्या आरोप लगाए, इस बारे में जेल प्रशासन जाने। -श्वेता श्रीवास्तव, सीओ सदर
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