{"_id":"5b3d13554f1c1b78468b49bc","slug":"51530729301-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सदर विधायक के खिलाफ फिर से होगी सुनवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व सदर विधायक के खिलाफ फिर से होगी सुनवाई
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सदर विधायक के खिलाफ फिर से होगी सुनवाई
रायबरेली। एक मामले में दोषमुक्त किए गए पूर्व सदर विधायक अखिलेश सिंह के खिलाफ कोर्ट में फिर से सुनवाई होगी। यह फैसला राज्य सरकार की ओर से दाखिल एक अपील में सुनवाई के बाद बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश जैगम उद्दीन ने सुनाया।
गौरतलब है कि 11 अगस्त 1998 को तत्कालीन कोतवाल रमाशंकर सिंह ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में काफिले के वाहनों की चेकिंग के दौरान विधायक पर पुलिस के साथ हाथापाई का आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद पूर्व विधायक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लोअर कोर्ट ने सुनवाई के बाद पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में विधायक को बरी कर दिया था।
विज्ञापन
इस फैसले से क्षुब्ध होकर प्रदेश सरकार की ओर से 2013 में सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। कोर्ट ने अपील को स्वीकार करते हुए पुन: सुनवाई के लिए पत्रावली लोअर कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया।
साथ ही अभियोजन पक्ष को बाकी साक्ष्य प्रस्तुत करने का समय उपलब्ध कराते हुए फिर से मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को 18 जुलाई को लोअर कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है।
विज्ञापन
रायबरेली। एक मामले में दोषमुक्त किए गए पूर्व सदर विधायक अखिलेश सिंह के खिलाफ कोर्ट में फिर से सुनवाई होगी। यह फैसला राज्य सरकार की ओर से दाखिल एक अपील में सुनवाई के बाद बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश जैगम उद्दीन ने सुनाया।
गौरतलब है कि 11 अगस्त 1998 को तत्कालीन कोतवाल रमाशंकर सिंह ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में काफिले के वाहनों की चेकिंग के दौरान विधायक पर पुलिस के साथ हाथापाई का आरोप लगाया गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने विवेचना के बाद पूर्व विधायक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लोअर कोर्ट ने सुनवाई के बाद पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में विधायक को बरी कर दिया था।
विज्ञापन
इस फैसले से क्षुब्ध होकर प्रदेश सरकार की ओर से 2013 में सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। कोर्ट ने अपील को स्वीकार करते हुए पुन: सुनवाई के लिए पत्रावली लोअर कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया।
साथ ही अभियोजन पक्ष को बाकी साक्ष्य प्रस्तुत करने का समय उपलब्ध कराते हुए फिर से मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को 18 जुलाई को लोअर कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है।