{"_id":"5c4768b0bdec2273a5195f1e","slug":"41548183728-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में अचानक बदला मौसम का मिजाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में अचानक बदला मौसम का मिजाज
विज्ञापन
रायबरेली। जिले में शुक्रवार को सर्दी के सितम से हर कोई बेहाल रहा। झमाझम बारिश के साथ ओले गिरे। इस दौश्रान चली बर्फीली हवा ने सिहरन बढ़ा दी।
लोग घर में कैद रहने को मजबूर दिखे। कुछ देर बाद बारिश जरूर थमी, लेकिन बादल की चहलकदमी से दिनभर धूप नहीं निकली।
बारिश व ओलावृष्टि के चलते न्यूनतम पारा पांच डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया। ओलावृष्टि से सरसों, चना समेत अन्य फसलों को नुकसान हुआ है।
दो दिन से मौसम का मिजाज अचानक बदलना शुरू हुआ था। इस बीच शुक्रवार सुबह गुनगुनी धूप निकली तो लोग छतों पर पहुंचे लेकिन अचानक काले बादलों ने डेरा जमा लिया।
दोपहर में अचानक बर्फीली हवा चलने लगी। देखते ही देखते झमाझम बारिश होने लगी। शहर के अलावा जगतपुर, डीह, सलोन, डलमऊ, राही समेत अन्य क्षेत्रों में झमाझम बारिश से ठंड और बढ़ गई। लोग ठिठुर गए।
बारिश के बाद लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के सिद्धौर, विश्वनाथगंज और छतोह ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई।
विज्ञापन
करीब 10 से 15 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से सड़कें सफेद चादर सी हो गईं। ओला गिरने से सरसों, चना, मटर, मसूर की फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
लोग घर में कैद रहने को मजबूर दिखे। कुछ देर बाद बारिश जरूर थमी, लेकिन बादल की चहलकदमी से दिनभर धूप नहीं निकली।
बारिश व ओलावृष्टि के चलते न्यूनतम पारा पांच डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया। ओलावृष्टि से सरसों, चना समेत अन्य फसलों को नुकसान हुआ है।
दो दिन से मौसम का मिजाज अचानक बदलना शुरू हुआ था। इस बीच शुक्रवार सुबह गुनगुनी धूप निकली तो लोग छतों पर पहुंचे लेकिन अचानक काले बादलों ने डेरा जमा लिया।
दोपहर में अचानक बर्फीली हवा चलने लगी। देखते ही देखते झमाझम बारिश होने लगी। शहर के अलावा जगतपुर, डीह, सलोन, डलमऊ, राही समेत अन्य क्षेत्रों में झमाझम बारिश से ठंड और बढ़ गई। लोग ठिठुर गए।
विज्ञापन
बारिश के बाद लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के सिद्धौर, विश्वनाथगंज और छतोह ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई।
विज्ञापन
करीब 10 से 15 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से सड़कें सफेद चादर सी हो गईं। ओला गिरने से सरसों, चना, मटर, मसूर की फसलों को काफी नुकसान हुआ है।