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लालगंज स्टेशन पर खड़ा 21 कोच का रैक आया रायबरेली
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:22 AM IST
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रायबरेली। लालगंज की मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्र्री से निकला 21 कोच का रैक करीब 10 दिन तक लालगंज रेलवे स्टेशन पर खड़ा रहने के बाद सोमवार को रायबरेली रेलवे स्टेशन लाया गया।
हालांकि इस रैक को लाने के लिए रविवार को भी इंजन भेजा गया था, लेकिन यह इंजन परिचालन संबंधी कारणों के चलते रास्ते से लौट आया था।
रात में बीघापुर से इंजन मंगाने की बात चल रही थी, लेकिन कोई काम न बन पाने पर फिर रायबरेली से इंजन भेजकर रैक मंगा ली गई।
लालगंज की कोच फैक्ट्री से एक इंजन से 29 सितंबर को 21 कोच की रैक निकाली गई थी। इस रैक को लालगंज स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया था।
इसी इंजन में दोबारा 30 सितंबर को फैक्ट्री जाकर 19 कोच की दूसरी रैक निकाली गई और इसे लेकर रायबरेली आ गया था। ऐसे में 21 कोचों वाली रैक लालगंज में ही खड़ी रही।
रायबरेली में पहले से ही काफी संख्या में खड़े कोचों के कारण जगह की कमी हो रही थी। जब यहां खड़े कोच गंतव्य को रवाना कर दिए गए तो लालगंज में खड़ी रैक मंगाने के प्रयास शुरू किए।
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रविवार को पैसेंजर ट्रेन का इंजन भेजा गया था, लेकिन रास्ते से लौट आया। बीघापुर से भी इंजन मंगाकर रैक भेजने की कोशिश की गई, लेकिन काम नहीं बन सका।
सोमवार को रायबरेली स्टेशन से फिर पैसेंजर ट्रेन का इंजन लालगंज भेजा गया, जहां से यह रैक दोपहर 3.55 बजे रायबरेली के लिए रवाना की गई।
लालगंज के स्टेशन अधीक्षक सतीश सिंह ने बताया कि 29 सितंबर से यहां पर खड़ी 21 कोच वाली रैक रायबरेली भेज दी गई है।
रायबरेली के स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि यहां से भेजा गया इंजन लालगंज से 21 कोच वाली रैक लेकर आ गया है।
ट्रेनों की क्रॉसिंग के चलते इसे काफी देर तक दरियापुर स्टेशन पर भी रोके रखा गया। यहां पर पहले से ही 18 कोच खडे़ हैं। अब 21 नए कोच आ गए। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने पर इन कोचों को गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा।
यार्ड में ही रखा गया है ‘हमसफर’ का कोच
हबीबगंज जाने से ठीक पहले फॉल्ट होने के कारण यहां रोके गए ‘हमसफर’ के कोच को अभी यार्ड में ही रखा गया है। अभी इस कोच को वापस लालगंज स्थित फैक्ट्री में भेजने की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।
3 अक्तूबर को यह कोच ठोकर-9 लाइन पर खड़ा किया गया था, जिसे रविवार को वहां से हटाकर यार्ड में भेज दिया गया था। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि ‘हमसफर’ के एसी कोच को यार्ड में ही रखा गया है।
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हालांकि इस रैक को लाने के लिए रविवार को भी इंजन भेजा गया था, लेकिन यह इंजन परिचालन संबंधी कारणों के चलते रास्ते से लौट आया था।
रात में बीघापुर से इंजन मंगाने की बात चल रही थी, लेकिन कोई काम न बन पाने पर फिर रायबरेली से इंजन भेजकर रैक मंगा ली गई।
लालगंज की कोच फैक्ट्री से एक इंजन से 29 सितंबर को 21 कोच की रैक निकाली गई थी। इस रैक को लालगंज स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया था।
इसी इंजन में दोबारा 30 सितंबर को फैक्ट्री जाकर 19 कोच की दूसरी रैक निकाली गई और इसे लेकर रायबरेली आ गया था। ऐसे में 21 कोचों वाली रैक लालगंज में ही खड़ी रही।
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रायबरेली में पहले से ही काफी संख्या में खड़े कोचों के कारण जगह की कमी हो रही थी। जब यहां खड़े कोच गंतव्य को रवाना कर दिए गए तो लालगंज में खड़ी रैक मंगाने के प्रयास शुरू किए।
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रविवार को पैसेंजर ट्रेन का इंजन भेजा गया था, लेकिन रास्ते से लौट आया। बीघापुर से भी इंजन मंगाकर रैक भेजने की कोशिश की गई, लेकिन काम नहीं बन सका।
सोमवार को रायबरेली स्टेशन से फिर पैसेंजर ट्रेन का इंजन लालगंज भेजा गया, जहां से यह रैक दोपहर 3.55 बजे रायबरेली के लिए रवाना की गई।
लालगंज के स्टेशन अधीक्षक सतीश सिंह ने बताया कि 29 सितंबर से यहां पर खड़ी 21 कोच वाली रैक रायबरेली भेज दी गई है।
रायबरेली के स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि यहां से भेजा गया इंजन लालगंज से 21 कोच वाली रैक लेकर आ गया है।
ट्रेनों की क्रॉसिंग के चलते इसे काफी देर तक दरियापुर स्टेशन पर भी रोके रखा गया। यहां पर पहले से ही 18 कोच खडे़ हैं। अब 21 नए कोच आ गए। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने पर इन कोचों को गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा।
यार्ड में ही रखा गया है ‘हमसफर’ का कोच
हबीबगंज जाने से ठीक पहले फॉल्ट होने के कारण यहां रोके गए ‘हमसफर’ के कोच को अभी यार्ड में ही रखा गया है। अभी इस कोच को वापस लालगंज स्थित फैक्ट्री में भेजने की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।
3 अक्तूबर को यह कोच ठोकर-9 लाइन पर खड़ा किया गया था, जिसे रविवार को वहां से हटाकर यार्ड में भेज दिया गया था। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि ‘हमसफर’ के एसी कोच को यार्ड में ही रखा गया है।