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अंतर्राज्यीय पांच तस्कर गिरफ्तार, एक लाख कीमत का गांजा बरामद
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महराजगंज क्षेत्र के ताजुद्दीनपुर में एक व्यक्ति के हाथों करते थे बिक्री
रायबरेली। सदर कोतवाली पुलिस ने सोमवार की रात अंतर्राज्यीय पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 10 किलो गांजा बरामद किया गया है। पुलिस की पूछताछ में तस्करों से अहम खुलासा हुआ है। रायबरेली के महराजगंज का रहने वाला एक तस्कर पूरे जिले में गांजा सप्लाई करने का ठेका लिए हुआ था, जो मौके से भाग गया।
पकड़े गए तस्कर उड़ीसा प्रांत के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से एक चार पहिया वाहन बरामद किया है, जिसका इस धंधे में प्रयोग किया जा रहा था। मादक पदार्थों का कारोबार करने वाले अंतर्राज्यीय पांच तस्कर रायबरेली गांजा की बिक्री करने आ रहे थे।
इसकी जानकारी पर सदर कोतवाल अतुल सिंह और किला बाजार चौकी इंचार्ज पवन प्रताप सिंह ने टीम के साथ रायबरेली-कानपुर राजमार्ग पर दरीबा के पास पांच तस्करों को मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया, जबकि एक तस्कर भाग गया।
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सदर कोतवाल के मुताबिक उड़ीसा प्रांत के वालीमेला, मलकानगिरी निवासी बॉबी हलधर, शोभनाथपुर निवासी बृजोशिश विश्वास, मधुसूदनपुर निवासी राधेश्याम विश्वास, बालीमेला मलकानगिरि निवासी जीत्रेया तरबदार, एमडी 109 कालरा कोटा उड़ीसा निवासी जयंत सरदार को गिरफ्तार किया गया है।
इनके पास से 10 किलो गांजा मिला है। कोतवाल का कहना है कि रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र के ताजुद्दीनपुर गांव निवासी हरिंदर सिंह उर्फ नेता पूरे जिले में गांजा तस्करी करने का जिम्मा लिया था। उड़ीसा से लाकर गांजा उसे के हाथ में बेचा जाता था।
इसके बाद हरिंदर पूरे जिले में अन्य लोगों के माध्यम से उसे बेचवाता था। पुलिस की मानें तो यह धंधा काफी अरसे से यहां पर फलफूल रहा था। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पांच तस्करों को जेल भेजा गया है। हरिंदर सिंह पुलिस को चकमा देकर फतेहपुर जिले की तरफ भागा है। उसकी धरपकड़ के लिए सदर कोतवाली और स्वाट टीम को लगाया गया है।
जांच में गाड़ी नंबर फर्जी पाया गया
सदर कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि तस्करों के पास से बरामद की गई गाड़ी में लिखा गया नंबर फर्जी पाया गया है। गाड़ी के अंदर से नंबर लिखे गए कुछ नेम प्लेट पाए गए हैं। इससे आशंका है कि गांजा तस्करी में आरोपियों की ओर से प्रयोग की जाने वाली गाड़ी चोरी की है। जल्द गाड़ी कहां की है, इस बारे में पता लगा लिया जाएगा।
खंगाला जा रहा है आपराधिक इतिहास
पकड़े गए अंतर्राज्यीय तस्करों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। कोतवाल का कहना है कि इस संबंध में उड़ीसा पुलिस से संपर्क करके जानने की कोशिश की जा रही है कि इनके खिलाफ कितने आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और कितनी बार जेल जा चुके हैं। इन सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की प्रक्रिया कराई जाएगी।
गांजा खरीदने वाले भी किए जा रहे चिन्हित
रायबरेली में इन तस्करों से अन्य किन-किन लोगों से गांजा खरीदा जा रहा था, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। अब तक की जांच में पुलिस को हरिंदर सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस का मानना है कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जो उड़ीसा से आए गांजा को पूरे जिले में बेंचवाने का कार्य कर रहे थे और लोगों को मौत के मुंह में ढकेल रहे थे।
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रायबरेली। सदर कोतवाली पुलिस ने सोमवार की रात अंतर्राज्यीय पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 10 किलो गांजा बरामद किया गया है। पुलिस की पूछताछ में तस्करों से अहम खुलासा हुआ है। रायबरेली के महराजगंज का रहने वाला एक तस्कर पूरे जिले में गांजा सप्लाई करने का ठेका लिए हुआ था, जो मौके से भाग गया।
पकड़े गए तस्कर उड़ीसा प्रांत के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से एक चार पहिया वाहन बरामद किया है, जिसका इस धंधे में प्रयोग किया जा रहा था। मादक पदार्थों का कारोबार करने वाले अंतर्राज्यीय पांच तस्कर रायबरेली गांजा की बिक्री करने आ रहे थे।
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इसकी जानकारी पर सदर कोतवाल अतुल सिंह और किला बाजार चौकी इंचार्ज पवन प्रताप सिंह ने टीम के साथ रायबरेली-कानपुर राजमार्ग पर दरीबा के पास पांच तस्करों को मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया, जबकि एक तस्कर भाग गया।
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सदर कोतवाल के मुताबिक उड़ीसा प्रांत के वालीमेला, मलकानगिरी निवासी बॉबी हलधर, शोभनाथपुर निवासी बृजोशिश विश्वास, मधुसूदनपुर निवासी राधेश्याम विश्वास, बालीमेला मलकानगिरि निवासी जीत्रेया तरबदार, एमडी 109 कालरा कोटा उड़ीसा निवासी जयंत सरदार को गिरफ्तार किया गया है।
इनके पास से 10 किलो गांजा मिला है। कोतवाल का कहना है कि रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र के ताजुद्दीनपुर गांव निवासी हरिंदर सिंह उर्फ नेता पूरे जिले में गांजा तस्करी करने का जिम्मा लिया था। उड़ीसा से लाकर गांजा उसे के हाथ में बेचा जाता था।
इसके बाद हरिंदर पूरे जिले में अन्य लोगों के माध्यम से उसे बेचवाता था। पुलिस की मानें तो यह धंधा काफी अरसे से यहां पर फलफूल रहा था। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पांच तस्करों को जेल भेजा गया है। हरिंदर सिंह पुलिस को चकमा देकर फतेहपुर जिले की तरफ भागा है। उसकी धरपकड़ के लिए सदर कोतवाली और स्वाट टीम को लगाया गया है।
जांच में गाड़ी नंबर फर्जी पाया गया
सदर कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि तस्करों के पास से बरामद की गई गाड़ी में लिखा गया नंबर फर्जी पाया गया है। गाड़ी के अंदर से नंबर लिखे गए कुछ नेम प्लेट पाए गए हैं। इससे आशंका है कि गांजा तस्करी में आरोपियों की ओर से प्रयोग की जाने वाली गाड़ी चोरी की है। जल्द गाड़ी कहां की है, इस बारे में पता लगा लिया जाएगा।
खंगाला जा रहा है आपराधिक इतिहास
पकड़े गए अंतर्राज्यीय तस्करों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। कोतवाल का कहना है कि इस संबंध में उड़ीसा पुलिस से संपर्क करके जानने की कोशिश की जा रही है कि इनके खिलाफ कितने आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और कितनी बार जेल जा चुके हैं। इन सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की प्रक्रिया कराई जाएगी।
गांजा खरीदने वाले भी किए जा रहे चिन्हित
रायबरेली में इन तस्करों से अन्य किन-किन लोगों से गांजा खरीदा जा रहा था, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। अब तक की जांच में पुलिस को हरिंदर सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस का मानना है कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जो उड़ीसा से आए गांजा को पूरे जिले में बेंचवाने का कार्य कर रहे थे और लोगों को मौत के मुंह में ढकेल रहे थे।