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जेठ को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा, जुर्माना भी लगाया
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रायबरेली। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र से जुड़े करीब सात साल पुराने हत्या की कोशिश के एक मामले में कोर्ट ने जेठ को दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला शुक्रवार को कोर्ट संख्या छह के अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार बरनवाल ने सुनाया।
कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट शकुंतला ने कोतवाली डलमऊ में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादिनी की देवरानी संध्या अग्निहोत्री 18 जुलाई 2013 को नाती राहुल के साथ पखरामऊ स्थित बाग देखने गई थी।
यहां मेरे जेठ सुशील कुमार अग्निहोत्री व उसके बेटों आशीष, भोले व पुताने ने देवरानी संध्या व उसके नाती राहुल को लाठी व कुल्हाड़ी से मारा। नाती राहुल की सूचना पर वादिनी मौके पर पहुंची तो वहां संध्या बेहोश मिली।
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पुलिस ने विवेचना के बाद सुशील अग्निहोत्री व उसके बेटों आशीष, भोले व पुताने के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। नाबालिग होने पर आशीष, भोले व पुताने का मामला विचारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया। अभियुक्त सुशील की सुनवाई इस कोर्ट में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर सुशील कुमार अग्निहोत्री को सजा सुनाई।
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कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट शकुंतला ने कोतवाली डलमऊ में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादिनी की देवरानी संध्या अग्निहोत्री 18 जुलाई 2013 को नाती राहुल के साथ पखरामऊ स्थित बाग देखने गई थी।
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यहां मेरे जेठ सुशील कुमार अग्निहोत्री व उसके बेटों आशीष, भोले व पुताने ने देवरानी संध्या व उसके नाती राहुल को लाठी व कुल्हाड़ी से मारा। नाती राहुल की सूचना पर वादिनी मौके पर पहुंची तो वहां संध्या बेहोश मिली।
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पुलिस ने विवेचना के बाद सुशील अग्निहोत्री व उसके बेटों आशीष, भोले व पुताने के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। नाबालिग होने पर आशीष, भोले व पुताने का मामला विचारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया। अभियुक्त सुशील की सुनवाई इस कोर्ट में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर सुशील कुमार अग्निहोत्री को सजा सुनाई।