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तीन लाख लोगों की स्क्रीनिंग में जुकाम, बुखार से ग्रसित मिले 400 लोग
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रायबरेली। जिले में कोरोना संक्रमण बढने के साथ ही गांवों में जुकाम, बुखार और खांसी से ग्रसित लोगों को चिन्हित करने को स्क्रीनिंग अभियान चल रहा है। तीन दिन में तीन लाख से अधिक ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 400 से अधिक लोग जुकाम, बुखार और खांसी से ग्रसित मिले। संदिग्ध लोगों को कोरोना की जांच के लिए सलाह दी गई है।
जिले में 2568 आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को चिन्हित करने के लिए लगाया गया है। थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही पल्स की जांच भी कराई जा रही है।
सभी गांवों में आशा कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच कर रही है। लोगों की स्क्रीनिंग के साथ ही उन्हें संदिग्ध प्रतीत होने पर कोरोना की जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं। लोगों को कोरोना से बचने और बचाने के टिप्स भी दिए जा रहे हैं।
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जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि अब तक आशा कार्यकर्ताओं ने गांवों में तीन लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की है। इसमें करीब 400 लोगों में जुकाम, बुखार, खांसी आदि के लक्षण मिले हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को कोरोना के नए एवं पुराने लक्षणों के बारे में जागरूक कराया जा रहा है। संभावित मरीजों की पहचान करने, रोगों से बचाव, उपलब्ध जांच एवं उपचार सुविधाओं के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। करीब 100 लोगों को मेडिकल किट भी मुहैया कराई गई है।
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जिले में 2568 आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को चिन्हित करने के लिए लगाया गया है। थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही पल्स की जांच भी कराई जा रही है।
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सभी गांवों में आशा कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच कर रही है। लोगों की स्क्रीनिंग के साथ ही उन्हें संदिग्ध प्रतीत होने पर कोरोना की जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं। लोगों को कोरोना से बचने और बचाने के टिप्स भी दिए जा रहे हैं।
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जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि अब तक आशा कार्यकर्ताओं ने गांवों में तीन लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की है। इसमें करीब 400 लोगों में जुकाम, बुखार, खांसी आदि के लक्षण मिले हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को कोरोना के नए एवं पुराने लक्षणों के बारे में जागरूक कराया जा रहा है। संभावित मरीजों की पहचान करने, रोगों से बचाव, उपलब्ध जांच एवं उपचार सुविधाओं के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। करीब 100 लोगों को मेडिकल किट भी मुहैया कराई गई है।